Ranjeet Bhartiya 22/10/2019

इटावा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित यह जिला कानपुर मंडल के अंतर्गत आता है. इटावा शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है यह जिला धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्राचीन मंदिरों और इटावा सफारी पार्क के लिए प्रसिद्ध है. यह जिला उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और अखिलेश यादव का गृह जिला है. जिले के सैफई गांव में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव का जन्म हुआ था. यह जिला सैफई महोत्सव के कारण सुर्खियों में रहता है. इटावा जिला उत्तर प्रदेश की पूरी जानकारी.

नामकरण और संक्षिप्त इतिहास

जिले के नामकरण के बारे में दो मान्यताएं हैं. पहली मान्यता के अनुसार, जिले का नाम इसके मुख्यालय पर पड़ा है. पहले यह स्थान “ईटों के शहर” के रूप में जाना जाता था. पुरानी ईंटों और पुराने ईट भट्ठों के कारण जिले का नाम “इटावा” पड़ा. कुछ विद्वानों के अनुसार, इस क्षेत्र के इष्ट देव भगवान शिव के ढेर सारे मंदिर होने के कारण पहले इसे “इश्कपथ” के नाम से जाना जाता था. जो कालांतर में “इष्टकापुरी” और अंततोगत्वा “इटावा” हो गया

इटावा जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
इस जिले की पश्चिमी सीमा मध्य प्रदेश से लगती है.
यह जिला कुल 7 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-फिरोजाबाद जिला और मैनपुरी जिला
दक्षिण में-जालौन जिला
पूरब में- कन्नौज जिला और औरैया जिला
पश्चिम में-आगरा जिला और मध्य प्रदेश का भिंड जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
इटावा समुद्र तल से लगभग 197 मीटर (646 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2311 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
यह जिला यमुना नदी के तट पर स्थित है. यह यमुना और चंबल नदी का संगम स्थल भी है. जिले के प्रमुख नदियां हैं: यमुना, चंबल, सेंगर, रिंद, पांडु, अहनैया, पुरहा और सिरसा.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, दलहन (चना, उड़द, मूंग, मटर और अरहर), तंबाकू, मूंगफली, तिलहन (सरसों और तिल), आलू और सब्जियां
पशुपालन
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय,भैंस, सूअर, बकरी और पोल्ट्री.
मछली पालन
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: बेल, नीम, शीशम और जामुन.
खनिज
यह जिला खनिज संपन्न नहीं है.जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू, सिल्ट, रेह और कंकर.

उद्योग

औद्योगिकरण की दृष्टि से इटावा एक पिछड़ा जिला है. जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: स्पिनिंग मिल (जिसमें सूती कपड़ों का उत्पादन किया जाता), तेल मिल, आटा मिल, राइस मिल, केमिकल, इंजीनियरिंग गुड्स, प्लास्टिक गुड्स, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, चमड़े के सामान और टेक्सटाइल उद्योग. जसवंत नगर में पीतल के सजावटी सामान, वाद्ययंत्र और पूजा पाठ में प्रयोग किए जाने वाले बर्तनों का निर्माण किया जाता है.
व्यापार और वाणिज्य
जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: कृषि उत्पाद, खाद्यान्न, कारपेट, सिंग और मोर के पंख से बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार की वस्तुएं, पीतल के सामान, संगीत वाद्ययंत्र और पूजा-पाठ में इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: रोजमर्रा के सामान, दवाई, कपास और पेट्रोलियम.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: कानपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इटावा जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 8 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 6 तहसीलों में बांटा गया है:
इटावा, जसवंतनगर, सैफई, ताखा, भरथना और चकरनगर.
विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 8 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: बढ़पुरा, जसवंतनगर, सैफई, ताखा, बसरेहर, भरथना, महेवा और चकरनगर.
पुलिस थानों की संख्या: 21
नगर पालिका परिषद की संख्या: 3
नगर पंचायतों की संख्या: 3
ग्राम पंचायतों की संख्या: 420
गांवों की संख्या: 692

निर्वाचन क्षेत्र

लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2
इटावा जिला 2 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है: इटावा और मैनपुरी.
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 3
जिले जिले के अंतर्गत कुल 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: जसवंतनगर, इटावा और भरथना.

इटावा जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 15.82 लाख
पुरुष: 8.45 लाख
महिला: 7.35 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 18.15%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 684
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.79%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 870
औसत साक्षरता: 78.41%
पुरुष साक्षरता: 86.06%
महिला साक्षरता: 69.61%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 23.16%
ग्रामीण जनसंख्या: 76.84%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 92.17% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 7.20% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.09%, सिख 0.07%, बौद्ध 0.11%, जैन 0.25% और अन्य 0.01% हैं.
भाषाएं
इटावा जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.

इटावा जिले में घूमने की जगह

इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

कालीवाहन मंदिर

माता काली को समर्पित यह प्राचीन मंदिर इटावा जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दक्षिण में यमुना नदी के तट पर स्थित है. कहा जाता है कि इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से है. ऐसी मान्यता है कि महाभारत के अमर योद्धा अश्वत्थामा आज भी इस मंदिर में सबसे पहले माता काली की पूजा करने आते हैं.

कालका देवी मंदिर, लखना

जिले में स्थित सभी देवी मंदिरों में सबसे पुराना तथा 9 सिद्ध पीठों में से एक यह ऐतिहासिक मंदिर इटावा जिले के लखना कस्बे में स्थित है.

राजा सुमेर सिंह फोर्ट

होटल में तब्दील हो चुका यह भव्य ऐतिहासिक किला इटावा जिले में यमुना नदी के तट पर स्थित है.

श्री हजारी महादेव मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर इटावा जिले के सरसई नावर में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से है और मंदिर में मौजूद शिवलिंग की स्थापना महाराज युधिष्ठिर ने किया था.

दरगाह हजरत अबुल हसन शाह वारसी

यह प्रसिद्ध दरगाह जिले के कटरा शहाब खान में स्थित है.

विक्टोरिया पार्क

लगभग 200 साल पुराना यह ऐतिहासिक पार्क जिले के पक्का तालाब पर स्थित है. ब्रिटिश शासन काल के दौरान महारानी विक्टोरिया ने यहां पर नौका विहार किया था.

इटावा सफारी पार्क

350 हेक्टेयर और 8 किलोमीटर परिधि में फैला यह सफारी पार्क वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल है. यह एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव सफारी पार्क है. यहां पर 5 प्रकार के सफारी की सुविधा उपलब्ध है: लायन (सिंह) सफारी, डिअर (हिरण) सफारी, हाथी सफारी, भालू सफारी और तेंदुआ सफारी.

इटावा कैसे पहुंचे?

इटावा जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: ग्वालियर एयरपोर्ट (Code: GWL). यह हवाई अड्डा इटावा से लगभग 109 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित है. दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट/आगरा एयरपोर्ट (Code: AGR). यह हवाई अड्डा इटावा से लगभग 128 किलोमीटर दूरी पर आगरा में स्थित है.

रेल मार्ग

इटावा जिला रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: इटावा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: ETW)

सड़क मार्ग

इटावा जिला सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 2 (NH 2) और नेशनल हाईवे 92 (NH 92) जिले से होकर गुजरती है.

इटावा जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 61वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 60वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: भरथना (231).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: सैफई (59)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 6.

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