Ranjeet Bhartiya 11/08/2019
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Last Updated on 07/09/2020 by Sarvan Kumar

कौशाम्बी, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला प्रयागराज (इलाहाबाद) प्रमंडल के अंतर्गत आता है. मंझनपुर कौशाम्बी जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. कौशाम्बी का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है. भगवान बुद्ध का यहां कई बार आगमन हुआ. बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थानों में एक होने के कारण कौशाम्बी प्रसिद्ध है.कौशाम्बी जिले में कितने तहसील है?कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं कौशाम्बी जिले की पूरी जानकारी

नामकरण

जिले के नामकरण के बारे में दो मान्यताएं हैं. पहली मान्यता यह है कि प्राचीन काल में यहां पर कुसुंभ ऋषि का आश्रम हुआ करता था. उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम कौशाम्बी पड़ा. दूसरी मान्यता यह है कि प्राचीन काल में यहां बड़ी संख्या में कुसुम के पेड़ हुआ करते थे. जिसके कारण इस स्थान का नाम कौशाम्बी पड़ा.

कौशाम्बी जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले कौशाम्बी प्रयागराज (इलाहाबाद) जिले का हिस्सा हुआ करता था. 4 अप्रैल 1997 को इसे इलाहाबाद जिले से अलग करके स्वतंत्र जिला बनाया गया.

कौशाम्बी जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)

कौशाम्बी जिला कुल 5 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-फतेहपुर जिला, रायबरेली जिला और प्रतापगढ़ जिला
दक्षिण में-प्रयागराज जिला और चित्रकूट जिला
पूरब में-प्रतापगढ़ जिला और प्रयागराज जिला
पश्चिम में-फतेहपुर जिला और चित्रकूट जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
ये जिला  समुद्र तल से लगभग 90 मीटर (295 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1779 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:
कौशांबी जिला के उत्तर में गंगा और दक्षिण में यमुना नदी है
जिले की प्रमुख नदियां हैं: गंगा, यमुना और ससुर खदेरी.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ, दलहन (अरहर, ड़द, चना और मटर), तिलहन (तिल और सरसों), आलू , टमाटर, बैंगन, मिर्ची और अन्य सब्जियां.

जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, केला और पपीता.

पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. पशुधन की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के कारण उनकी उत्पादक क्षमता कम है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से प्रचुर मात्रा में विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है. यहां पाई जाने वाली प्रमुख मछलियां है: रोहू, कतला, नैन, भाकुर, करौंच, महाशीर, चिलवा, गूच और अनवरी.

वन
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: महुआ, आम, टीकवुड, बांस, जामुन, बेल, अमरूद, पलाश आमला और तेंदू.

खनिज
ये जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू और कंकर

उद्योग
इस जिले में बड़े उद्योगों का अभाव है.
जिले में कृषि आधारित छोटी-मोटी औद्योगिक इकाइयां कार्यरत है.

व्यवसाय
जिले से कृषि उत्पादों को बाहर दूसरे जिलों में निर्यात किया जाता है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: प्रयागराज (इलाहाबाद)
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 3 तहसीलों (अनुमंडल) और 8 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
कौशाम्बी जिले को कुल 3 तहसीलों में बांटा गया है: मंझनपुर, सिराथू और चैल (चायल).

विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 8 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है.
मंझनपुर तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड आते हैं: मंझनपुर, सरसवां और कौशांबी.

सिराथू तहसील के अंतर्गत कुल 2 विकासखंड आते हैं:
कड़ा और सिराथू.

चायल तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड आते हैं:
मूरतगंज, चैल और नेवादा.

पुलिस थानों की संख्या: 13
नगर पंचायतों की संख्या: 7
न्याय पंचायतों की संख्या: 88
ग्राम पंचायतों की संख्या: 476
गांवों की संख्या: 868

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, कौशांबी
इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पूरा कौशाम्बी जिला तथा प्रतापगढ़ जिले के कुछ हिस्से आते हैं.

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 3
इस जिले के अंतर्गत कुल 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: चैल (चायल), मंझनपुर और सिराथू.

कौशाम्बी जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार कौशाम्बी जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
जनसंख्या: 16.00 लाख
पुरुष: 8.38 लाख
महिला: 7.61 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 23.70%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 899
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.80%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 908

औसत साक्षरता: 61.28%
पुरुष साक्षरता: 72.78%
महिला साक्षरता: 48.56%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 7.78%
ग्रामीण जनसंख्या: 92.22%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 85.80% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 13.78% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.14%, सिख 0.03%, बौद्ध 0.04% और जैन 0.03% हैं.

भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.

कौशाम्बी पर्यटन स्थल

कौशाम्बी जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

मां शीतला धाम मंदिर

यह प्रसिद्ध मंदिर प्रयागराज (इलाहाबाद) के उत्तर-पश्चिम में, 70 किलोमीटर की दूरी पर, कौशांबी जिले के सिराथू में, गंगा नदी के तट पर स्थित है.ऐसी मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती का दाहिना पंजा गिरा था. यह प्राचीन मंदिर 51 सिद्ध शक्तिपीठों में से एक होने के कारण धार्मिक रूप से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है. ऐसी मान्यता है कि यहां पर सच्चे मन से माता की पूजा-अर्चना करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

प्रभास गिरी

प्रयागराज (इलाहाबाद) से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर कौशांबी जिले में स्थित है. यह जैन धर्मावलंबियों के लिए एक पवित्र तीर्थस्थल है. प्रभास गिरी का नाम जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पदम प्रभु के नाम पर पड़ा है. यहां स्थित पदम प्रभु मंदिर जैन धर्मावलंबियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है.

प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर

माता दुर्गा को समर्पित यह प्राचीन मंदिर कौशांबी जिला मुख्यालय मंझनपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण चौथी शताब्दी में किया गया था.

जिले में स्थित अन्य महत्वपूर्ण मंदिर:

श्री राम मंदिर, छत्रपाल भैरव मंदिर , हनुमान मंदिर और.
कालेश्वर महादेव मंदिर.

ऐतिहासिक स्थल

कौशाम्बी जिला ऐतिहासिक स्थानों से समृद्ध है. जिले के प्रमुख ऐतिहासिक केंद्र हैं: कड़ा, प्रभास गरि और कौशांबी. जिले में खुदाई के दौरान अशोक कालीन स्तंभ मिले हैं जिन पर पाली भाषा में अभिलेख लिखे गए हैं. इस स्तंभ के चारों तरफ का क्षेत्र वत्स महाजनपद और इसके विश्वविद्यालय क्षेत्र हैं.

कौशाम्बी कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
कौशाम्बी जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.

निकटतम हवाई अड्डा: इलाहाबाद एयरपोर्ट/प्रयागराज (Code: IXD).  यह हवाई अड्डा कौशांबी से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर प्रयागराज जिले के बमरौली में स्थित है.

रेल मार्ग
कौशाम्बी रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: भरवारी रेलवे स्टेशन (Code: BRE), सिराथू रेलवे स्टेशन (Code: SRO) और मनौरी रेलवे स्टेशन (Code: MRE).

सड़क मार्ग
कौशाम्बी, सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित सरकारी और प्राइवेट बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

कौशाम्बी जिले की  कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 60वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 29वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 58वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: मंझनपुर (267).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: चायल/चैल (218)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 139.

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