Ranjeet Bhartiya 01/06/2019

गोरखपुर, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में नेपाल सीमा के नजदीक स्थित यह जिला गोरखपुर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. इस प्रमंडल के अंतर्गत कुल 4 जिले आते हैं: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और  महाराजगंज. येे जिला गोरखपुर प्रमंडल का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला प्रसिद्ध है गोरखनाथ मंदिर के लिए. ये मंदिर “नाथ ” समुदाय के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है. वर्तमान में इस जिले की चर्चा राजनीतिक गलियारों में भी है. गोरखपुर मंदिर के महंत श्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश राज्य केे मुख्यमंत्री भी है. इस जिले का मान बढ़ाता हैै गीता प्रेस जो कम पैसों पर धार्मिक किताबों को श्रद्धालुओं तक पहुंचाने पहुंचाने का काम करता है. गोरखपुर जिले में कितने प्रखंड है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं गोरखपुर जिले की पूरी जानकारी.

नामकरण

गोरखपुर जिले का नाम  ‘नाथ परंपरा ‘ के महान संत, तपस्वी और हठयोगी गुरु गोरक्षनाथ (गोरखनाथ) के नाम पर पड़ा है. कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ ने ही इस शहर को स्थापित किया था.

गोरखपुर जिला कब बना

इस  जिले का गठन 1899 में किया गया था.

गोरखपुर जिले की भौगोलिक स्थिति 

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – महाराजगंज जिला
दक्षिण में – अंबेडकर नगर जिला, आजमगढ़ जिला और मऊ जिला
पूरब में- कुशीनगर जिला और देवरिया जिला
पश्चिम में – संत कबीर नगर जिला

समुद्र तल से ऊंचाई :
यह  शहर समुद्र तल से लगभग 84 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3321 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : राप्ती, घाघरा, कुआनो, आमी, रोहिणी और गोर्रा.

अर्थव्यवस्था- कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज और उद्योग पर आधारित है.

कृषि
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, मक्का, गेंहू, जुआर, दलहन (अरहर, उड़द, मूंग, चना और मटर), मसाले (हल्दी और मिर्च), गन्ना, आलू और सब्जियां.

जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद और केला.

पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, बैल, भेड़ और बकरी.

मछली पालन
इस जिले की अर्थव्यवस्था में मछली पालन का अहम योगदान है. मछली पालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार और आय का जरिया है. राप्ती, घाघरा, कुआनो, आमी, रोहिणी और जलाशयों से मछली का उत्पादन होता है.

वन
इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: साल, यूकेलिप्टस, शीशम, खैर , शहतूत, चिर, अर्जुन, महुआ, जामुन, बेंत, फल और औषधीय वनस्पति.

खनिज
गोरखपुर जिला खनिज संपदा से संपर्क नहीं है. गोरखपुर जिला में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: चूना पत्थर कंकर रेह और बालू.

उद्योग
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: चीनी मिल, हैंडलूम और टैक्सटाइल, फर्टिलाइजर उद्योग, स्टील उद्योग, जूट उद्योग और कृषि आधारित उद्योग (आटा और तेल). जिले में बिस्किट, बीड़ी, साबुन, फर्नीचर बनाने की फैक्ट्रियां कार्यरत हैं.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: गोरखपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए गोरखपुर जिले को 7 तहसीलों (अनुमंडल) और 18 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
प्रशासन में सहूलियत के लिए इस जिले को 7 तहसीलों में बांटा गया है: गोरखपुर सदर, कैंपियरगंज, सहजनवा, खजनी, गोला, बांसगांव और चौरी चौरा.

विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को 19 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है.

गोरखपुर सदर तहसील के अंतर्गत फुल 5 विकासखंड हैं: चरगांवा, भटहट, खोराबार, पिपराइच और जंगल कौड़िया (पार्ट).

कैंपियरगंज तहसील के अंतर्गत पुल 2 विकासखंड हैं: कैंपियरगंज और जंगल कौड़िया (पार्ट).

सहजनवा तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड हैं: सहजनवा, पिपरौली और पाली.

खजनी तहसील के अंतर्गत कुल 2 विकासखंड हैं: खजनी और बेलघाट.

गोला तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड है: गोला बड़हलगंज और उरुवा.

बांसगांव तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड हैं: बांसगांव, कौड़ीराम और गगहा.

चौरी चौरा अनुमंडल के अंतर्गत कुल 2 विकासखंड हैं:  सरदारनगर और ब्रह्मपुर.

पुलिस थानों की संख्या : 26
नगर निगम की संख्या : 1, गोरखपुर
नगर पंचायतों की संख्या : 8, बांसगांव, पीपीगंज, पिपराइच, गोला बाजार, मुंडेरा बाजार, सहजनवा, कस्बा संग्रामपुर और बड़हलगंज.

न्याय पंचायतों की संख्या : 191
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1354
गांवों की संख्या: 3448

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : 2, गोरखपुर और बांसगांव.

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र : 9, (गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, कैंपियरगंज, पिपराइच, सहजनवा, चौरी चौरा, खजनी, बांसगांव और चिल्लूपार.)

गोरखपुर जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 44.41 लाख
पुरुष : 22.77 लाख
महिला: 21.63 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 17.81%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1337

उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 2.22%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 950

औसत साक्षरता: 70.83%
पुरुष साक्षरता : 81.80%
महिला साक्षरता: 59.36%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 18.83%
ग्रामीण जनसंख्या: 81.17%

गोरखपुर जिले की रिलिजन ( धर्म)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 90.28% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 9.09% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.22%, सिख 0.05%, बौद्ध 0.06%, और जैन 0.01% हैं.

भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और भोजपुरी.

गोरखपुर में घूमने की जगह

श्री गोरखनाथ मंदिर

महान तपस्वी और हठयोगी बाबा गोरखनाथ को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 4.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. कहा जाता है कि बाबा गोरखनाथ भ्रमण करते हुए यहां आए थे और इस स्थान पर उन्होंने दिव्य समाधि लगाया था.

“हर वर्ष 14 जनवरी को मकर सक्रांति के दिन से यहां 1 महीने तक चलने वाला प्रसिद्ध “खिचड़ी” मेला लगता है जिसमें दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं”

तरकुलहा देवी मंदिर

जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह मंदिर हिंदू धर्मावलंबियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है.

शहीद स्मारक चौरी चौरा

इस जिले का चौरी चौरा तहसील ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यह स्थान चौरी चौरा कांड का ऐतिहासिक गवाह है. 5 फरवरी 1922 को भारतीय आंदोलनकारियों ने पुलिस चौकी में आग लगा दिया था जिसमें 22 ब्रिटिश सरकार के पुलिसकर्मी जलकर मर गए थे.

विष्णु मंदिर

भगवान विष्णु को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है. ये शाहपुर मोहल्ले में अरसुन चौक के पास स्थित है. इस मंदिर में 12 वीं सदी की, पाल वंश कालीन , काले पत्थर की बनी भगवान विष्णु की चतुर्भुज प्रतिमा स्थापित है.

गीता वाटिका

गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस स्थल का मुख्य आकर्षण राधा कृष्ण मंदिर है.

आरोग्य मंदिर

रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आरोग्य मंदिर प्राकृतिक चिकित्सालय के रूप में प्रसिद्ध है.

गीता प्रेस

जिले में  स्थित गीता प्रेस हिंदू धार्मिक ग्रंथों के प्रकाशन के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है.

रामगढ़ ताल

लगभग 1700 एकड़ में फैला यह सुंदर प्राकृतिक झील इस जिले का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट है.

पुरातात्विक संग्रहालय

गोरखपुर स्थित इस पुरातात्विक संग्रहालय में आप प्राचीन कालीन ऐतिहासिक मूर्ति और चित्रों को देख सकते हैं.

वीर बहादुर सिंह तारामंडल

गोरखपुर स्थित यह तारामंडल युवाओं और बच्चों के लिए एक आकर्षण का केंद्र हैं. यहां आप डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से खगोलीय घटनाओं, ब्रह्मांड के रहस्यों, तारों, ग्रहों इत्यादि के बारे में जान सकते हैं.

रेल संग्रहालय

गोरखपुर के रेलवे स्टेडियम कॉलोनी में स्थित यह संग्रहालय जिले का एक प्रमुख आकर्षण है.यहां पुराने स्टीम इंजन, ट्रेन, मिनी खिलौना ट्रेन देखा जा सकता है. यहाँ टॉय ट्रैन पर जॉय राइड की सुविधा उपलब्ध है.

गोरखपुर कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
गोरखपुर जिले का अपना हवाई अड्डा है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध है.
निकटतम हवाई अड्डा : महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (Code: GOP).यह हवाई अड्डा गोरखपुर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

रेल मार्ग
गोरखपुर रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.

निकटतम रेलवे स्टेशन : गोरखपुर जंक्शन (Station Code : GKR), गोरखपुर कैंट (Station Code : GKC) और डोमिनगढ़ (Station Code : DMG).

सड़क मार्ग
गोरखपुर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

गोरखपुर जिले के कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 10वां स्थान है.

2. लिंगानुपात के मामले में  उत्तर प्रदेश में 15वां स्थान है.

3. साक्षरता के मामले में  उत्तर प्रदेश में 27वां स्थान है.

4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील : खजनी (694).

5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील : कैंपियरगंज (202).

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