Ranjeet Bhartiya 21/03/2020

राहुल गांधी ने जनता कर्फ्यू का उड़ाया मजाक, कहा- अर्थव्यवस्था नाजुक, ताली बजाने से नहीं मिलेगी मदद । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के आह्वान पर राहुल गांधी ने ट्वीट करके तंज कसते हुए कहा है कि कोरोना वायरस हमारी नाज़ुक अर्थव्यवस्था पर एक कड़ा प्रहार है. छोटे, मध्यम व्यवसायी और दिहाड़ी मजदूर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी. आज नकद मदद, टैक्स ब्रेक और कर्ज अदायगी पर रोक जैसे एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरुरत है. तुरतं कदम उठाये!

17 मार्च को न्यूज़ एजेंसी ANI बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी है. देश को केवल कोरोनावायरस ही नहीं बल्कि आर्थिक मंदी का सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

आर्थिक सुनामी ?

राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश में आर्थिक सुनामी आने वाली है जिसका असर अगले 6 महीनों में दिखने लगेगा. मैं अर्थव्यवस्था पर बार-बार ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा लेकिन कोई नहीं सुन रहा. सरकार जनता को बेवकूफ बना रही. सरकार को पता ही नहीं कि अर्थव्यवस्था सुधार करने के लिए क्या करना चाहिए. मुझे यह कहते हो वे दुख हो रहा है कि अगले 6 महीने में हमारी जनता को अकल्पनीय दुख का सामना करना पड़ सकता है. यह बात मैं अब से नहीं कोरोना के आने से पहले से कह रहा हूं.

क्या है जनता कर्फ्यू ?

विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के नाम अपने संदेश में सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया है. राष्ट्र के नाम अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को सुबह 7:00 बजे से रात के 9:00 बजे तक लोगों अपने घरों में रहकर जनता कर्फ्यू का पालन करने को कहा है. प्रधानमंत्री ने आग्रह किया है कि 22 मार्च को शाम 5:00 बजे लोग अपने घरों के दरवाजे, बालकनी या छत से ताली बजाकर या थाली बजाकर स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टर, नर्स और मीडिया कर्मियों को धन्यवाद दें जो कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को बचाने के लिए दिन रात काम कर रहे.

 

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