Ranjeet Bhartiya 06/03/2019
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 06/09/2020 by Sarvan Kumar

जमुई जिला भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. बिहार के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला मुंगेर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. इस जिले में बाबा धनेश्वर नाथ शिव मंदिर स्वयंभू शिवलिंग है.आइये जानते हैं जमुई जिले की पुरी जानकारी.

जमुई जिला कब बना?पूरी

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले जमुई मुंगेर जिले हिस्सा हुआ करता था. 21 फरवरी 1991 को इसे मुंगेर जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

जमुई जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – मुंगेर, लखीसराय और शेखपुरा जिला
दक्षिण में – झारखंड का देवघर और गिरिडीह जिला
पूरब में- बांका और झारखंड का देवघर जिला
पश्चिम में – नवादा जिला और झारखंड का गिरिडीह जिला

क्षेत्रफल
जमुई  जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3122.8 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां :
जमुई जिले की प्रमुख नदियां हैं: किउल और उलाई.
अन्य नदियां : अजय, आंजन, भारोडोरी, पतरो, डढ़वा, बरनार, सुखनर और बुनबुनी.

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

जमुई जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. यहां उगाए जाने वाले मुख्य फसल हैं: धान, गेहूं और तिलहन.

जमुई जिले का प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: मुंगेर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए जमुई जिले को एक अनुमंडल और 10 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: 1, जमुई.

प्रखंड: जमुई जिले को कुल 10 प्रखंडों में बांटा गया है- जमुई, सिकंदरा, खैरा, चकाई , सोनो , लक्ष्मीपुर, गिधौर, झाझा, बरहट और इस्लामनगर अलीगंज.

पुलिस थानों की संख्या : 16
ग्राम पंचायतों की संख्या: 153
कुल गांवों की संख्या:1528

निर्वाचन क्षेत्र
लोक सभा
जमुई जिले के अंतर्गत एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आता है -जमुई.

विधानसभा
जमुई जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई

जमुई जिला की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 17.60 लाख
पुरुष : 9.16 लाख
महिला: 8.44 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 25.85%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 568
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 1.69%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 922

औसत साक्षरता: 59.79%
पुरुष साक्षरता : 71.24%
महिला साक्षरता: 47.28%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 8.26%
ग्रामीण जनसंख्या: 91.74%

धर्म

अधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, जमुई एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 86.67% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 12.36% है.अन्य धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.48%, सिख 0.01% और बौद्ध 0.01% हैं.

जमुई जिला के पर्यटन स्थल

काली मंदिर

देवी काली को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर जमुई रेलवे स्टेशन के सामने (मलयपुर) में स्थित है.

धनेश्वर नाथ (महादेव सिमरिया)

भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर जमुई जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर सिकंदरा-जमुई मुख्य मार्ग पर स्थित है. बाबा धनेश्वर नाथ शिव मंदिर स्वयंभू शिवलिंग है और इसे बैद्यनाथ के उप लिंग के रूप में जाना जाता है.पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण खुद भगवान विश्वकर्मा ने किया था. ऐसी मान्यता है कि महादेव सिमरिया के शिवडीह में उस समय एक शिव लिंग एक कुम्हार को मिट्टी काटने के दौरान मिला था.

गिद्धेश्वर स्थान

गिद्धेश्वर स्थान, जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर खैरा प्रखंड में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि माता सीता को अपहरण कर लंका ले जाने के दौरान इसी स्थान पर गिद्धराज जटायु और लंकापति रावण के बीच युद्ध हुआ था.गिद्धराज जटायु के नाम पर ही इस स्थान का नाम गिद्धेश्वर स्थान पड़ा.

पद्मेश्वर स्थान

भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर किऊल नदी के तट पर स्थित है. मंदिर के पुजारी बताते हैं कि मंदिर का शिवलिंग स्वयं अवतरित हुआ था. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां पूजा करने से असाध्य रोग दूर हो जाते हैं.

खैरा का दुर्गा मंदिर

200 साल पुराना मां दुर्गा का यह मंदिर खैरा प्रखंड में स्थित है. दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां पर दूर-दूर से भारी संख्या श्रद्धालु आकर माता की पूजा अर्चना करते हैं. ऐसी मान्यता है की इस मंदिर में भक्ति भाव से श्रद्धा के साथ माता की पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.

मां नेटुला मंदिर

मां अंबे का यह प्रसिद्ध मंदिर, जमुई जिला मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर सिकंदरा ब्लॉक के कुमर गांव में स्थित है.

गुरुद्वारा पक्की संगत

जमुई जिले के मोगहार में स्थित इस गुरुद्वारे की गिनती प्राचीन गुरुद्वारों में की जाती है. इस गुरुद्वारे में सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर कुछ समय के लिए ठहरे थे. यहां एक कमरा है जिसमें रखे हुए तकिया और कोट को गुरु तेग बहादुर ने प्रयोग किया था.

गिद्धौर दुर्गा मंदिर

उलाई तथा नागी नदी तट के संगम पर स्थित जय मां दुर्गा का प्रसिद्ध मंदिर है. शास्त्रों में इस मंदिर का शक्तिपीठ के रूप में वर्णन किया गया है. यहां दुर्गा पूजा की परंपरा शताब्दियों पुरानी है.माता के इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि उलाई और नागी के संगम में स्नान करने के उपरांत माता के मंदिर में हरिवंश पुराण का श्रवण करने से नि:संतान दंपत्ति को गुणवान पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है.

जैन मंदिर लछुआर / जैन मंदिर धर्मशाला

जैन मंदिर धर्मशाला जमुई जिले के 20 किलोमीटर दूरी पर पश्चिम में सिकंदरा ब्लॉक में स्थित है. यहां स्थित मंदिर की मूर्ति 2600 साल पुरानी है. काले पत्थर की बनी इस मूर्ति का वजन 250 किलो है.इस धर्मशाला में कुल 65 कमरे हैं जो यहां आने वाले भक्तों के रहने की सुविधा प्रदान करते हैं.

काकन

कानन जैन धर्मावलंबियों का एक पवित्र धार्मिक केंद्र है. यह जमुई जिले के उत्तर में लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि जैनों के नौवें तीर्थंकर सुविधिनाथ का जन्म किस स्थान पर हुआ था.

चंद्रशेखर संग्रहालय

चंद्रशेखर संग्रहालय एक बहुउद्देशीय संग्रहालय है. इसकी स्थापना 1985 में की गई थी. यहां पर आप पुरातात्विक वस्तुएं, प्राचीन चट्टान के अलावा भगवान विष्णु ,भगवान सूर्य, देवी उमा और देवी दुर्गा की प्राचीन प्रतिमाएं देख सकते हैं.

भीम बंद

भीमा बंद एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है. यह लक्ष्मीपुर और हवेली खड़गपुर के जंगल के बीच स्थित है. यहां पर कई गर्म पानी के स्रोत हैं.

मिंटो टॉवर, गिधौर

मिंटो टॉवर जमुई जिला मुख्यालय के पूर्व में लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर गिद्धौर में स्थित है. मिंटू टावर का निर्माण सन 1909 में गिद्धौर के महाराजा ने तत्कालिक ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड इरविन के सम्मान में बनवाया था.

सिमुल्टला हिल स्टेशन

यह जगह श्री रामकृष्ण परमहंस की तपोभूमि माना जाता है. अपने खूबसूरत सुंदर पहाड़ीयों और सुखद मौसम के लिए यह बहुत प्रसिद्ध है.

जमुई कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग

जमुई में कोई हवाई अड्डा नहीं है.निकटतम हवाई अड्डा: जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट (Code: PAT) शेखपुरा जिले से लगभग 161 किलोमीटर दूर पटना में स्थित है. इसके अतिरिक्त गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बोधगया एयरपोर्ट, Code: GAY) भी है जो जमुई से 136 किलोमीटर की दूरी पर गया जिले में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से आप आसानी से जमुई आ सकते हैं . देश के अन्य प्रमुख शहरों से शेखपुरा के लिए नियमित ट्रेन चलती है.नजदीकी रेलवे स्टेशन: जमुई स्टेशन (JMU) , झाझा (JAJ) स्टेशन और किऊल जंक्शन (KIUL).

सड़क मार्ग
जमुई, राज्य और देश के प्रमुख नगरों से सड़क मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यह नेशनल हाईवे 31 और 333A पर स्थित है.
आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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