Ranjeet Bhartiya 18/10/2019
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 25/10/2019 by Sarvan Kumar

झांसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम में स्थित यह जिला झांसी प्रमंडल के अंतर्गत आता है. झांसी शहर जिले का तथा प्रमंडल का प्रशासनिक मुख्यालय है.

बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।”

साहस, वीरता, त्याग और बलिदान की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई की कर्म स्थली होने के कारण झांसी विश्व भर में प्रसिद्ध है. झांसी को बुंदेलखंड का प्रवेश द्वार (Gateway of Bundelkhand) कहा जाता है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित झांसी अपने गौरवशाली इतिहास, ऐतिहासिक किले और इमारतों, प्राचीन मंदिरों, पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है. जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं झांसी जिले की पुरी जानकारी।

झांसी जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)

जिले की सीमा मध्य प्रदेश से लगती है. यह जिला कुल 8 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-जालौन जिला और मध्य प्रदेश का भिंड जिला
दक्षिण में-मध्यप्रदेश का टीकमगढ़ जिला और ललितपुर जिला
पूरब में-हमीरपुर जिला और महोबा जिला
पश्चिम में-मध्य प्रदेश का दतिया जिला और शिवपुरी जिला

समुद्र तल से ऊंचाई

जिले का सामान्य ढलान उत्तर दिशा की ओर है. झांसी समुद्र तल से लगभग 284 मीटर (176-335 मीटर) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल

जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5024 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:

इस जिले की प्रमुख नदियां हैं: बेतवा, धसान, पहुज, जामनी और लखेरी.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, मक्का, ज्वार, धान, मूंगफली, सोयाबीन, दलहन (चना, मटर, मसूर, उड़द और मूंग), तिलहन (तिल और सरसों और सब्जियां.

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, सूअर, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: करधई, महुआ, तेंदू, सागौन, धमाऊ, खैर, बांस और औषधीय वनस्पति.

खनिज

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: ग्रेनाइट, कंक्रीट स्टोन, पाइरोफाइलाइट, डायस्पोर, जिप्सम, मुरम, क्वार्ट्ज और बालू.

उद्योग

इस जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: रेलवे कोच फैक्ट्री, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, बैधनाथ आयुर्वेद, डायमंड सीमेंट, परीक्षा थर्मल पावर प्रोजेक्ट और भारत पेट्रोलियम.

व्यवसाय

जिले से इलेक्ट्रिक ट्रांसफार्मर का निर्यात किया जाता है. जिले में कृषि उत्पाद, बीड़ी, तेंदू के पत्ते और कृषि औजारों का व्यापार किया जाता है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: झांसी
प्रशासनिक सहूलियत के लिए झांसी जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 8 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है: झांसी, मोंठ, गरौठा, टहरौली और मऊरानीपुर.
विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 8 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-बबीना, बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, बामौर, गुरसरायं, बंगरा और मऊरानीपुर.
पुलिस थानों की संख्या: 26
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 5
नगर पंचायतों की संख्या: 7
न्याय पंचायतों की संख्या: 65
ग्राम पंचायतों की संख्या: 452
गांवों की संख्या: 839
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2, झांसी और जालौन (पार्ट)
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
झांसी जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: बबीना, झांसी नगर, मऊरानीपुर और गरौठा.

झांसी जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 19.99 लाख
पुरुष: 10.57 लाख
महिला: 9.41 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 14.54%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 398
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.00%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 890
औसत साक्षरता: 75.05%
पुरुष साक्षरता: 85.38%
महिला साक्षरता: 63.49%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 41.70%
ग्रामीण जनसंख्या: 58.30%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 91.26% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 7.40% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.35%, सिख 0.25%, बौद्ध 0.06%, जैन 0.37% और अन्य 0.02% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, बुंदेली और उर्दू

झाँसी आकर्षक स्थल

जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

झांसी का किला

रानी लक्ष्मीबाई का यह ऐतिहासिक किला झांसी रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर, शहर के मध्य में, बंगरा नामक पहाड़ी पर स्थित है. इस ऐतिहासिक किले का निर्माण ओरछा के चंदेल राजपूत राजा वीर सिंह जूदेव बुंदेला ने 1613 में करवाया था.

झांसी संग्रहालय

झांसी किले में स्थित यह संग्रहालय इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.यहां आप चंदेल राजाओं, बुंदेल शासकों और लक्ष्मीबाई से संबंधित ऐतिहासिक धरोहरों, पांडुलिपियों, मूर्तियों, चित्रों, सिक्कों, टेराकोटा, वस्त्रों और हथियारों को देख सकते हैं.

रानी लक्ष्मीबाई का महल/रानी महल

संग्रहालय में परिवर्तित यह ऐतिहासिक महल कभी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का निवास हुआ करता था. इस महल का निर्माण नेवलकर वंश के रघुनाथ द्वितीय ने करवाया था. महल के दीवारों और छतों को रंग-बिरंगे कलाकृति और चित्रों से सजाया गया है. यहां का मुख्य आकर्षण 9वीं-12वीं शताब्दी की प्राचीन मूर्तियों का संग्रह है.

महाराजा गंगाधर राव की छतरी

लक्ष्मी ताल में स्थित यह ऐतिहासिक स्मारक महाराजा गंगाधर राव का समाधि स्थल है. इसका निर्माण रानी लक्ष्मीबाई ने 1853 में अपने पति महाराजा गंगाधर राव के मृत्यु के बाद करवाया था.

महालक्ष्मी मंदिर

माता लक्ष्मी को समर्पित यह भव्य मंदिर लक्ष्मी ताल के नजदीक स्थित है. इस मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में नेवलकर वंश के रघुनाथ राव द्वितीय ने करवाया था.

गणेश मंदिर

भगवान गणेश को समर्पित इस ऐतिहासिक मंदिर में लक्ष्मीबाई और महाराज गंगाधर राव का विवाह हुआ था. इस मंदिर का निर्माण 1764 के आसपास किया गया था.

बरुआ सागर

यह ऐतिहासिक स्थल जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर बेतवा नदी के तट पर स्थित है. इस स्थान का नाम बरुआसागर नाम का एक खूबसूरत झील पर पड़ा है. यहां का मुख्य आकर्षण चंदेल शासन कालीन किला, मंदिर और ऐतिहासिक इमारतें हैं.

संत जूडस चर्च

यह प्रसिद्ध कैथोलिक चर्च जिले के सिविल लाइंस में स्थित है.

परीछा बांध

बेतवा नदी पर बना यह खूबसूरत डैम झांसी से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर संख्या 25 पर स्थित है. यहां आप वाटर स्पोर्ट्स का मजा ले सकते हैं.

झांसी कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

झांसी जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं हैं. निकटतम हवाई अड्डा: ग्वालियर एयरपोर्ट (Code: GWL). यह हवाई अड्डा झांसी से लगभग 112 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित है. दूसरा नजदीकी एयरपोर्ट: खजुराहो एयरपोर्ट (Code: HJR). यह एयरपोर्ट झांसी से लगभग 175 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है.

रेल मार्ग

झांसी रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: झांसी जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: JHS) और मोंठ रेलवे स्टेशन (Code: MOTH).

सड़क मार्ग

झांसी, सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.नेशनल हाईवे 25 (NH 25), नेशनल हाईवे 26 (NH 26), नेशनल हाईवे 75 (NH 75) और नेशनल हाईवे 76 (NH 76) जिले से होकर गुजरती है.

झांसी जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 47वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 40वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में  उत्तर प्रदेश में 10वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: मोठ (188).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: टहरौली (134)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 71.

Advertisement
Shopping With us and Get Heavy Discount Click Here
 
Disclaimer: Is content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content  को अपने बुद्धी विवेक से समझे। jankaritoday.com, content में लिखी सत्यता को प्रमाणित नही करता। अगर आपको कोई आपत्ति है तो हमें लिखें , ताकि हम सुधार कर सके। हमारा Mail ID है jankaritoday@gmail.com. अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो कमेंट करें, लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद Read Legal Disclaimer 
 

Leave a Reply