Ranjeet Bhartiya 29/01/2019

दरभंगा जिला  भारत के बिहार राज्य में स्थित  है. उत्तरी बिहार में आने वाला यह जिला दरभंगा प्रमंडल का मुख्यालय भी है. दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत 3 जिले आते हैं- दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर. दरभंगा जिला का गठन 1 जनवरी 1875 को हुआ था.

दरभंगा जिला की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल– दरभंगा जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2279.29 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री (चौहद्दी) ,उत्तर में-मधुबनी, दक्षिण में-समस्तीपुर,पूर्व में-सहरसा ,पश्चिम में-सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिला.

प्रमुख नदियां-कमला और बलान

अर्थव्यवस्था-कृषि और उत्पाद

दरभंगा जिला की अर्थव्यवस्था प्राथमिक रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में सिसम, खैर, पाल्मीरा खजूर, आम, कंकड़, पीपल और इमली के पेड़ बहुतायत पाए जाते हैं. दरभंगा मछली आम और मखान के लिए विशेष रूप से जाना जाता है.जिले के प्रमुख फसल हैं -धान मखाना और आम.

प्रशासनिक सेटअप

डिवीजन: दरभंगा जिला दरभंगा डिवीजन का हिस्सा है.
अनुमंडल: जिले के अंदर तीन अनुमंडल हैं-दरभंगा सदर , बेनीपुर और बिरौल.
ब्लॉक: दरभंगा जिले के अंतर्गत 18 प्रखंड या अंचल हैं.
दरभंगा सदर के अंतर्गत आने वाले प्रखंडों के नाम है:दरभंगा सदर, बहादुरपुर, बहेरी, हायाघाट, हनुमान नगर, जाले, सिंघवारा, केवटी, मनीगाछी, तालडीह, और दरभंगा नगर निगम.
बेनीपुरी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक के नाम हैं:बेनीपुर, अलीनगर और बेनीपुर नगर परिषद.
बिरौल प्रखंड के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक के नाम हैं: बिरौल, गौरा बौरम, किरतपुर, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान और कुशेश्वरस्थान पूर्वी.
थानों की संख्या: 37
पंचायतों/ वार्ड की संख्या: 324
गांव की संख्या: 1269

 दरभंगा जिला की जनसांख्यिकी (Demography):

जनगणना 2011 के अनुसार: जनसंख्या: 39,37485
जनसंख्या घनत्व: 1101 प्रति वर्ग किलोमीटर
जनसंख्या वृद्धि दर (दशकीय): 19 %
लिंग अनुपात: 910 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
साक्षरता दर: 44%
भाषाएं: मैथिली हिंदी इंग्लिश

धर्म
2011 के जनगणना के अनुसार, दरभंगा जिले में 77.28 % लोग हिंदू धर्म को मानने वाले हैं जबकि 22.39% लोग इस्लाम के अनुयाई हैं. .
हिंदू -मुस्लिम के अलावे जिले में क्रिश्चियन (0.09%) सिख (0. 02%)बौद्ध(0.01) जैन (0.01)और दूसरे धर्म (0.21%) के लोग भी रहते हैं.

पर्यटन

जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं.

1. कुशेश्वरस्थान पक्षी अभयारण्य

दरभंगा जिले के अंतर्गत आने वाले कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में स्थित 14000 हेक्टेयर में फैला हुआ एक झील है. कड़ाके की सर्दी में बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति के पक्षी यहां पर 3 महीने प्रवास करने के लिए आते हैं.
आप यहां पक्षियों के दुर्लभ प्रजातियां को देख सकते हैं, जिनमे प्रमुख हैं:  डालमेंटियन पेलिकन, इन्डियन डार्टर, बार-हेडेड गूज़ और मार्बल्ड टेल आदि.

2. कुशेश्वर स्थान मंदिर

दरभंगा जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूरी पर यह शिव मंदिर स्थित है.कुशेश्वर स्थान मंदिर को मिथिला का बाबा धाम भी कहा जाता है. यहां पर उत्तर बिहार, नेपाल झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु भारी संख्या में पूजा करने आते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा कुशेश्वर नाथ से कुछ मांगते हैं उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.

3. दरभंगा राज किला

इस किले का निर्माण दरभंगा महाराज ने 1934 के भीषण भूकंप के बाद करवाया था. यह किला ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पश्चिम में स्थित है. इस किले के अंदर अनेक भव्य मंदिर हैं. इसकी ऊंची दीवारें आपको राजस्थान और दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक किलों की याद दिलाती हैं.

4. अहिल्या स्थान

यह दरभंगा जिला के जाले प्रखंड के कमतौल रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर दक्षिण अहियारी गांव में स्थित है. इस स्थान का पौराणिक महत्व है. रामायण में वर्णित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि गौतम की धर्मपत्नी देवी अहिल्या अपने पति के श्राप के कारण यहीं पर शीलाखंड में परिवर्तित हो गई थी. कहा जाता है कि ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से इस स्थान पर भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार किया था.

5. ‘श्यामा मंदिर’ चिता पर बना मंदिर

यह मंदिर दरभंगा रेलवे स्टेशन से 1 किलोमीटर दूरी पर मिथिला विश्वविद्यालय के परिसर में स्थित है. श्यामा मंदिर चिता पर बना हुआ मां काली का प्रसिद्ध मंदिर है. इस मंदिर को श्यामा माई के नाम से भी जाना जाता है. महाराजाधिराज डॉ कामेश्वर सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की चिता पर विशुद्ध तांत्रिक रिती रिवाज से 1933 में इस मंदिर की स्थापना किया था. इस मंदिर में मां काली की वैदिक और तांत्रिक दोनों विधियों से पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि यहां पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

6. हजरत भीखा साह सलामी रहमतुल्लाह अले का मजार
यह मजार दरभंगा रेलवे स्टेशन से आधे किलोमीटर की दूरी पर डिगी तालाब के पश्चिमी किनारे पर मोहल्ला मिश्रटोला में स्थित है. 400 साल पुराने इस मजार पर हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्म मजहब के लोग आते हैं.

7.शाही जामा मस्जिद किलाघाट दरभंगा
800 साल पुरानी मस्जिद का निर्माण तुगलक वंश के गयासुद्दीन तुगलक ने करवाया था.

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