Sarvan Kumar 29/04/2019

देवघर भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक जिला है. झारखंड के उत्तर-पूर्व में स्थित यह जिला छोटा नागपुर पठार पर स्थित है. संथाल परगना प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले इस जिले का मुख्यालय देवघर शहर है.ये जिला हिंदुओं का एक पवित्र तीर्थस्थल है , बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के कारण विश्व विख्यात है.देवघर जिले में कितने ब्लाक हैं? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं देवघर जिले की पूरी जानकारी.

 

देवघर बैधनाथ मंदिर
देवघर बैधनाथ मंदिर विश्व विख्यात है

नामकरण
देवघर जिले का नाम “देव+घर” पर पड़ा है. जिसका अर्थ होता है “देवताओं का निवास स्थान”.

देवघर जिला कब बना?

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ये जिला  भूतपूर्व संथाल परगना जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1 जून 1983 को इसे पुराने संथाल परगना जिले से अलग करके स्वतंत्र जिला बनाया गया.

देवघर जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – बिहार का बांका और जमुई जिला
दक्षिण में – जामताड़ा जिला
पूरब में- दुमका जिला
पश्चिम में – गिरिडीह जिला और बिहार का जमुई जिला

समुद्र तल से ऊंचाई :
ये जिला  समुद्र तल से लगभग 833 फीट (लगभग 255 मीटर) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2477 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : मयूराक्षी , अजय और पालिसी और ब्राह्मणी.

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, वन, खनिज और पर्यटन पर आधारित है.

कृषि
देवघर जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, मक्का, गेहूं , दलहन और सब्जियां.

वन
इस जिले के प्रमुख वन उत्पाद हैं: साल, कटहल बांस और महुआ, इत्यादि.

खनिज
इस  जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: कोयला, चाइना क्ले, ग्रेनाइट और पत्थर (भवन, सड़क और पूल इत्यादि में इस्तेमाल किए जाने वाले). यहां लोहा भी पाया जाता है लेकिन उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं होती.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: संथाल परगना
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 2 अनुमंडलों और 10 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: इस जिले को दो अनुमंडल में बांटा गया है- देवघर सदर और मधुपुर.

प्रखंड:
देवघर सदर अनुमंडल के अंतर्गत कुल 5 प्रखंड आते हैं : देवीपुर, देवघर, मोहनपुर, सारवां और सोनारायठाढी.

मधुपुर अनुमंडल के अंतर्गत कुल 5 प्रखंड आते हैं : मधुपुर, मारगोमुंडा, करों, सारठ और पालोजोरी.

शहरी निकायों की संख्या : 2, देवघर और मधुपुर

ग्राम पंचायतों की संख्या: 184
कुल गांवों की संख्या: 2662

निर्वाचन क्षेत्र :
लोक सभा : देवघर जिला दुमका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और गोड्डा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

विधानसभा
इस जिले के अंतर्गत कुल 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: देवघर, मधुपुर और सारठ ( पार्ट).

देवघर जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार देवघर जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 14.92 लाख
पुरुष : 7.75 लाख
महिला: 7.17 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 28.03%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 602
झारखंड की जनसंख्या में अनुपात: 4.52%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 950

औसत साक्षरता: 64.85%
पुरुष साक्षरता : 76.85%
महिला साक्षरता: 51.80%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 17.32%
ग्रामीण जनसंख्या: 82.68%

देवघर जिला रिलिजन (धर्म)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 78.09% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 20.28% है.दूसरे धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.40%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.01%, जैन 0.02% और अन्य 1.08% हैं.

प्रमुख भाषाएं : हिंदी और संथाली

देवघर जिला आकर्षक स्थल

बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर

देवघर मंदिर
देवघर बैधनाथ धाम मंदिर

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान शिव का यह पवित्र मंदिर जसीडीह जंक्शन से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. देवघर में स्थित इस शिवलिंग को कामना लिंग भी कहा जाता है.

नंदन पहाड़/ पार्क

यह देवघर जिले का एक लोकप्रिय है पर्यटन आकर्षण है. यह एम्यूज़मेंट पार्क जसीडीह स्टेशन से लगभग 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. इस पहाड़ी/पार्क में हिंदू देवी देवताओं की कई सुंदर मूर्तियां हैं. यहां आप तैराकी, नौकायन, खेल कूद, जॉय राइड और पिकनिक का मजा उठा सकते हैं.

त्रिकुट पहाड़

गुफाओं और झरनों से आच्छादित यह सुंदर स्थान देवघर से लगभग 16 किलोमीटर दूरी पर दुमका रोड पर स्थित है. यह स्थान एडवेंचर टूरिज्म के लिए जाना जाता है. यहां आप ट्रेकिंग का आनंद ले सकते हैं.

नौलखा मंदिर

नौलखा मंदिर बाबा बैजनाथ धाम मंदिर से लगभग 1.5 किलोमीटर और जसीडीह जंक्शन से लगभग 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. मंदिर में राधा और कृष्ण की मूर्तियां हैं. मंदिर के निर्माण में लगभग 9 लाख का खर्च आया था इसीलिए इसे नौलखा मंदिर के नाम से जाना जाता है.

सत्संग आश्रम

ठाकुर अनुकूल चंद्र के भक्तों के लिए पवित्र यह पवित्र स्थान जसीडीह स्टेशन से लगभग जंक्शन से लगभग 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है.

देवघर कैसे पहुंचे?

निकटतम हवाई अड्डा:
निकटतम हवाई अड्डा: काजी नजरुल इस्लाम हवाई अड्डा
यह हवाई अड्डा देवघर से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से आप आसानी से यहाँ  आ सकते हैं. देवघर रेल मार्ग से झारखंड के शहरों के साथ-साथ देश के अन्य भागों से जुड़ा हुआ है.
नजदीकी रेलवे स्टेशन: जसीडीह (JSME)

सड़क मार्ग
सड़कों के नेटवर्क के माध्यम से देवघर राज्य और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. झारखंड की राजधानी रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, भागलपुर इत्यादि शहरों से यहां के लिए बस सुविधाएं उपलब्ध हैं. आप यहां अपने निजी वाहन बाइक या कार से भी आ सकते हैं.

देवघर जिले के बारे में कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से  झारखंड का 9वां बड़ा जिला है.

2. क्षेत्रफल की दृष्टि से  झारखंड का 17वां बड़ा जिला है.

3. जनसंख्या घनत्व के मामले में  जिले का झारखंड में 5वां स्थान है.

4. लैंगिक अनुपात के मामले में  का झारखंड में 21वां स्थान है.

5. सारठ प्रखंड के अंतर्गत आने वाला सारठ देवघर जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है.

6. सबसे ज्यादा गांव वाला प्रखंड : मोहनपुर (457)

7. सबसे कम गांव वाला प्रखंड : मारगोमुंडा (122)

8. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा गांव:
देवीपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव अमडीहा ( क्षेत्रफल -लगभग 911.96 हेक्टेयर).

9. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे छोटा गांव:
सारठ प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव भंगाहीर (क्षेत्रफल- 1 हेक्टेयर).

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