Ranjeet Bhartiya 09/03/2019

नवादा भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. बिहार के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला मगध प्रमंडल के अंतर्गत आता है. नवादा जिले  में स्थित है प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात.यहाँ कैसे पहुंचे, इस जिले में कितने प्रखंड  हैं, कितनी जनसंख्या है? नवादा  जिले की पूरी जानकारी.

नामकरण और गठन

नवादा जिले के नाम की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द “नव” + “आबाद” से हुआ है , जिसका अर्थ होता है “नया शहर”.

गठन
1865 में इस जिले को गया जिले के उपविभाग के रूप में स्थापित किया गया था. 26 जनवरी 1973 को इसे गया जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

नवादा जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
ये जिला झारखंड और बिहार के सीमा पर स्थित है.
उत्तर में – नालंदा जिला
दक्षिण में – झारखंड का कोडरमा और गिरिडीह जिला
पूरब में- शेखपुरा और जमुई जिला
पश्चिम में – गया जिला

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2494 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : सकरी, खुरी, पंचान, ककोलत से भूसरी, तिलैया और धनरजय.यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि नवादा जिले में कोई महत्वपूर्ण बारहमासी नदी नहीं है. जिले में कुछ बरसाती नदियां हैं जो वर्षा ऋतु में अल्पकाल के लिए बहती हैं. इन नदियों के बेड उथले, चौड़े और सैंडी हैं.

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन ,छोटे-मोटे उद्योग और पर्यटन पर आधारित है.

कृषि
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले के 78% लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं. यहां उगाए जाने वाले मुख्य फसल हैं: धान, गेहूं, दलहन और सब्जियां.

पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. यहां गाय ,भैंस और बकरियों को पाला जाता है.

उद्योग
जिले में कोई बड़े उद्योग नहीं हैं. लेकिन कुछ लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं. जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं का विकास हो रहा है. इसमें चावल मिल, चीनी मिल, तिलहन उद्योग, कृषि मशीनरी उद्योग शामिल है.जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर की दूरी पर कादरगंज है जहां रेशम लघु उद्योग है. जिले में कई बीड़ी फैक्ट्री यहां कार्यरत हैं.

धार्मिक पर्यटन
जिले में कई पर्यटन स्थल होने के कारण यहां पर बाहर से पर्यटक आते रहते हैं.

नवादा जिले का प्रशासनिक सेटअप

नवादा जिले के वर्तमान पदाधिकारी 

प्रमंडल: मगध
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 2 अनुमंडलों और 14 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: इस जिले के अंतर्गत कुल 2 अनुमंडल हैं: नवादा और रजौली.

प्रखंड: नवादा जिले के अंतर्गत कुल 14 प्रखंड हैं.

नवादा अनुमंडल में कुल 7 प्रखंड हैं: हिसुआ, काशीचक, कौवाकोल , नारदीगंज, नवादा, पकरीबरावां और वारिसलीगंज.

रजौली अनुमंडल के अंतर्गत कुल 7 प्रखंड हैं: अकबरपुर, गोविंदपुर, मेसकौर, नरहट, रजौली , रोह और सिरदला.

ग्राम पंचायतों की संख्या: 187
कुल गांवों की संख्या: 1099

निर्वाचन क्षेत्र
इस जिले के अंतर्गत 1 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं.

लोक सभा
इस जिले के अंतर्गत एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आता है – नवादा.

विधानसभा
इस जिले के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: रजौली , हिसुआ, नवादा , गोविंदपुर और वारिसलीगंज.

नवादा जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 22.19 लाख
पुरुष : 11.44 लाख
महिला: 10.74 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 22.63%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 890
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 2.13%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 939

औसत साक्षरता: 59.76%
पुरुष साक्षरता : 69.98%
महिला साक्षरता: 48.86%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 9.71%
ग्रामीण जनसंख्या: 90.29%

धर्म

अधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, नवादा एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 88.53% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 11.01% है.अन्य धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.06%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.01% और जैन 0.01% हैं.

नवादा जिले के पर्यटन स्थल

ककोलत जलप्रपात

ककोलत जलप्रपात नवादा जिले का मुख्य आकर्षण है.
जमीन से लगभग 150-160 फीट ऊंचा यह सुंदर जलप्रपात नवादा जिला मुख्यालय से 39 किलोमीटर दूरी पर गोविंदपुर में स्थित है. इस झरने की गिनती भारत के सबसे अच्छे झरनों में की जाती है. इस झरने का पानी पूरे वर्ष ठंडा रहता है.

बुधौली मठ, बुधौली

धर्म अध्यात्म ज्ञान दर्शन का यह केंद्र पकरीबरावां प्रखंड के बुधौली पंचायत के बुधौली गांव में स्थित है. इस मठ का निर्माण 1800 ईस्वी में किया गया था.

सूर्य मंदिर हंडिया, नारदीगंज

भगवान सूर्य को समर्पित यह प्राचीन सूर्य नारायण धाम मंदिर नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के हंड़िया गांव में स्थित है. मंदिर के आसपास की गई खुदाई के दौरान प्रतीक चिन्ह और पत्थर के रथ पथ के अवशेष प्राप्त हुए थे.ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का संबंध द्वापर युग से है और इसका निर्माण भगवान श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब ने करवाया था.मंदिर के पास एक तालाब स्थित है. ऐसा माना जाता है कि इस तालाब में स्नान करने के बाद कुष्ठ रोग मिट जाते हैं. रविवार के दिन यहां भारी संख्या में श्रद्धालु तालाब में स्नान करने और भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करने आते हैं.

शेखोदेवरा आश्रम ,कौवाकोल

जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूरी पर शेखोदेवरा गांव में 1952 में जय प्रकाश नारायण ने सर्वोदय आश्रम स्थापित किया था. आश्रम से 500 मीटर की दूरी पर जंगल में एक चट्टान है. 1942 में आजादी के आंदोलन के दौरान हजारीबाग जेल से भागकर प्रसिद्ध क्रांतिकारी जय प्रकाश नारायण इन चट्टानों के पीछे छिपे थे.

श्री गुनावां जी तीर्थ

जैन मुनि गंधर्व स्वामी को समर्पित यह तीर्थ स्थान नवादा जिले के गोनावां गांव में स्थित है.

हिसुआ

हिसुआ उपनगर गया-नवादा रोड पर, तिलैया नदी के दाहिने किनारे पर, जिला मुख्यालय से 9 मील की दूरी पर स्थित है. मिट्टी के सजावटी बर्तनों के निर्माण के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है.

नवादा कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
नवादा जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है.नजदीकी हवाई अड्डा गया और पटना में स्थित है.नजदीकी हवाई अड्डा: गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बोधगया एयरपोर्ट, Code: GAY). यह नवादा जिले से 70 किलोमीटर दूर गया जिले में स्थित है.इसके अतिरिक्त दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट (Code: PAT) नवादा जिले से लगभग 123 किलोमीटर दूर पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से यहां आ सकते हैं. नवादा लखीसराय और गया रेलवे स्टेशन के साथ जुड़ा हुआ है.नजदीकी रेलवे स्टेशन: नवादा रेलवे स्टेशन ( कोड: NWD), गया रेलवे स्टेशन ( कोड: GAYA)

सड़क मार्ग
नवादा, राज्य और देश के प्रमुख नगरों से शहरों से सड़क मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां नेशनल हाईवे 31 से आ जा सकता है.आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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