Ranjeet Bhartiya 07/02/2019

पुनौरा धाम : माता सीता का जन्मस्थली .ये जगह सीतामढ़ी में स्थित है. सीतामढ़ी भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है.
उत्तरी बिहार में आने वाले इस जिले का मुख्यालय डुमरा में स्थित है. सीतामढ़ी की कितनी जनसंख्या है?  यहां के पर्यटन स्थल कौन-कौन से  है ? आइए जानते हैं इस जिले की  पूरी जानकारी.

सीतामढ़ी का इतिहास

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सीतामढ़ी माता सीता की जन्म स्थली है. माता सीता के जन्म के कारण ही इस नगर का नाम पहले सीतामड़ई , और कालांतर में सीतामढ़ी पड़ा. सीतामढ़ी जिले का गठन 11 दिसंबर 1972 को मुजफ्फरपुर जिले से अलग करके किया गया था.

सीतामढी जिले की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2294 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री (चौहद्दी)
सीतामढ़ी जिले की सीमा नेपाल से लगती है. अंतर्राष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई  90 किलोमीटर है.
उत्तर में- नेपाल
दक्षिण में-मुजफ्फरपुर
पश्चिम मेंशिवहर
पूर्व में- दरभंगा और मधुबनी

प्रमुख नदियां
बागमती, लखनदेई और अधवारा नदी समूह

अर्थव्यवस्था -कृषि और उत्पाद

सीतामढ़ी की, अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले के 92% लोग कृषि पर आश्रित हैं.

जिले के प्रमुख फसल-
धान , गेहूं, मक्का, तिलहन, दलहन, गन्ना और तंबाकू इत्यादि.
उद्योग -चीनी मिल, चावल मिल और तेल मिल

प्रशासनिक सेटअप

डिवीजन: सीतामढ़ी जिला तिरहुत  प्रमंडल का हिस्सा है.
अनुमंडल: जिले के अंदर कुल तीन अनुमंडल है- सीतामढ़ी सदर, पुपरी और बेलसंड.
ब्लॉक: सीतामढ़ी जिले के अंतर्गत कुल 17 ब्लॉक (प्रखंड) प्रखंड हैं.
जिले के अंतर्गत आने वाले प्रखंडों के नाम इस प्रकार हैं:बैरगनियां, बाजपट्टी, बथनाहा, बेलसंड, बोखरा, चोरौट, डुमरा, मेजरगंज, नानपुर, परिहार, परसौनी, पुपरी, रीगा, रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा, सुप्पी और सुरसंड.

थानों की संख्या : 26
नगर परिषद :1 , सीतामढ़ी
नगर पालिका की संख्या: 4
ग्राम पंचायतों की संख्या: 273
गांव की संख्या: 845

चुनाव क्षेत्र
सीतामढ़ी जिले के अंतर्गत एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं.
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, सीतामढ़ी
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 8. सीतामढ़ी , रुन्नीसैदपुर, बाजपट्टी, रीगा, बथनाहा, बेलसंड, परिहार और सुरसंड.

सीतामढी जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की जनगणना के अनुसार:

जनसंख्या: 34.24 लाख
पुरुष: 18.03 लाख
महिला: 16.2 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 27.62%
जनसंख्या घनत्व : 1492 प्रति वर्ग किलोमीटर
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 3.29%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 899

औसत साक्षरता :52.05 %
पुरुष साक्षरता :60.64 %
महिला साक्षरता: 42.41%

सीतामढ़ी जिले की 94.44% आबादी  गांव में रहती है जबकि 5.56% आबादी शहर में रहती है.

धर्म
सीतामढ़ी जिले में 78.06% लोग हिंदू धर्म को मानने वाले हैं जबकि 21.62% लोग इस्लाम के अनुयाई हैं.इसके अलावा जिले में दूसरे धर्मो जैसे -ईसाई (0.08%), सिख (0.01%), बौद्ध (0.01%) और जैन ( 0.01%) भी रहते हैं.

भाषाएं: सीतामढ़ी में बोली जाने वाले  मुख्य भाषाएं हैं मैथिली हिंदी और उर्दू.

 सीतामढी जिले के पर्यटन स्थल 

सीतामढ़ी के मिट्टी में मिथिला संस्कृति की खुशबू है. माता सीता की जन्म स्थली होने के कारण इस स्थान का पौराणिक महत्व है और यह एक प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल है .सीतामढ़ी जिला पर्यटन की दृष्टि से कई दर्शनीय स्थलों से भरा हुआ है. जिनमें से कुछ प्रमुख  हैं:

जानकी मंदिर

यह मंदिर सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर , शहर के पश्चिमी छोर पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि यह माता सीता का जन्म स्थान है. इस मंदिर में भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की मूर्तियां हैं.

उर्ब्रीजा कुंड

यह पवित्र स्थान सीतामढ़ी के पश्चिमी छोर पर सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर स्थित है. लगभग 200 साल पहले उक्त कुंड के जीर्णोद्धार के दौरान उर्ब्रीजा सीता माता की प्रतिमा प्राप्त हुई थी जिसे जानकी स्थान मंदिर में स्थापित किया गया है.

माता सीता की नगरी जनकपुर

ये जगह सीतामढ़ी से लगभग 35 किलोमीटर पूरब में स्थित है. नेशनल हाईवे 104 से यहाँ  जाया जा सकता है. खुली सीमा होने के कारण यहां पर यातायात की अच्छी सुविधा है.

हलेश्वर स्थान

यह सीतामढ़ी जिले से 3 किलोमीटर दूर उत्तर पश्चिम में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि राजा जनक ने पुत्र यशती यज्ञ अवसर पर भगवान शिव के इस  मंदिर को बनवाया था. यही मंदिर बाद में हलेश्वर नाथ के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर

भगवान शिव का यह मंदिर पुपरी प्रखंड में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि कई दशकों पूर्व महादेव स्वंय  शिवलिंग के रूप में यहां प्रकट हुए थे. ऐसी मान्यता है कि यहां पर दर्शन करने से मनुष्य ना केवल सभी सांसारिक मोह , माया , बंधन से मुक्त हो जाता है बल्कि यहां पर मांगी गई हर मुराद पूरी हो जाती है.यहां पर महादेव को जलाभिषेक करने से निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है. बाबा की कृपा से कुष्ठ और असाध्य रोग से पीड़ित भी स्वस्थ हो जाते हैं.

पुनौरा धामःमाता सीता का जन्मस्थली

इस स्थान का पौराणिक महत्व है. यह स्थान पौराणिक काल में पुण्डरीक ऋषि के आश्रम के रूप में प्रसिद्ध था. ऐसी मान्यता  पुनौरा में माता सीता का जन्म हुआ था. मिथिला नरेश जनक ने इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए अपने हाथों से हल चलाया था. इसी दौरान माता सीता एक मिट्टी के बर्तन में बालिका के रूप में उन्हें मिली थी. यहां पर मंदिर के अलावे पवित्र कुंड भी है.

बगही मठ
बगही मठ सीतामढ़ी से 7 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में डूंगरा ब्लॉक के रंजीतपुर पंचायत में स्थित है. इस मठ में 108 कमरों वाला चार मंजिला गोलाकार भवन है. पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान के लिए स्थान बहुत प्रसिद्ध है.

देवकुली धाम
ऐसी मान्यता है कि पांडवों की धर्मपत्नी द्रौपदी का जन्म यहीं हुआ था. सीतामढ़ी से 19 किलोमीटर पश्चिम, शिवहर जिले के  देवकुली में  स्थित अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर है जिसे देकुली धाम कहते हैं.

गोरौल शरीफ
सीतामढ़ी से 26 किलोमीटर दूर स्थित गरौल शरीफ मुसलमानों का एक पवित्र स्थल है. बिहार शरीफ और फुलवारी शरीफ के बाद इसे मुसलमानों का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल माना जाता है.

सीतामढी कैसे पहुंचे

सीतामढ़ी हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है.

हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा

सीतामढ़ी से सबसे निकटतम हवाई अड्डा जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है . यह पटना में है. पटना और सीतामढ़ी  के बीच की दूरी लगभग 140 किलोमीटर  है. यहां से आप सड़क और रेल मार्ग से सीतामढ़ी जा सकते हैं.

रेल मार्ग
सीतामढ़ी पूर्व मध्य रेलवे के रक्सौल दरभंगा रेल लाइन पर स्थित है. इसका अपना रेलवे स्टेशन है जो  शहर से 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है.

सड़क मार्ग-
आप दोपहिया और चार पहिया वाहनों से भी सीतामढ़ी जा सकते हैं.

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