Ranjeet Bhartiya 10/02/2019
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 10/09/2019 by Sarvan Kumar

पूर्वी चंपारण भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तरी बिहार में आने वाला यह जिला तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत आता है.ये वो पवित्र जगह है जहां से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी आइए जानते हैं. पूर्वी चंपारण जिले की संपूर्ण जानकारी.

गठन
1866 में अंग्रेजों ने चंपारण को एक स्वतंत्र इकाई बनाया था. लेकिन 1971 में प्रशासनिक सहूलियत के लिए इसे पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में विभाजित कर दिया गया.

पूर्वी चंपारण की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल
पूर्वी चंपारण  का भौगोलिक क्षेत्रफल 3668 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में-नेपाल
दक्षिण मेंमुजफ्फरपुर और सारण

पूरब में- शिवहर और सीतामढ़ी
पश्चिम में- गोपालगंज और पश्चिम चंपारण

प्रमुख नदियां– गंडक, बागमती, सिकरहना, ललबकिया, तिलावे, कचना, मोतिया, तिऊर और धनौती.

अर्थव्यवस्था -कृषि और उत्पाद
कृषि, पशुपालन और छोटे-मोटे उद्योग पूर्वी चंपारण के लोगों के आय के मुख्य स्रोत हैं.

कृषि
पूर्वी चंपारण एक कृषि प्रधान जिला है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसलें हैं -चावल, धान चीनी, गन्ना, जूट और दलहन (मसूर) आदि.बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2014-15 के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले की गिनती बिहार के शीर्ष चावल और गेहूं उत्पादक जिलों में की जाती है.बिहार में चावल उत्पादन में 5.7% शेयर के साथ पूर्वी चंपारण का पहला स्थान है. बिहार में गेहूं उत्पादन में 5.2% शेयर के साथ पूर्वी चंपारण जिले का दूसरा स्थान है.

पशुपालन
कृषि के बाद पशुपालन जिले के लोगों के आमदनी का मुख्य जरिया है.

उद्योग
जिले में छोटे-मोटे उद्योग भी हैं जैसे -मोती उद्योग, बटन उद्योग, मत्स्य उद्योग इत्यादि.

पूर्वी चंपारण जिले का प्रशासनिक सेटअप

डिवीजन: पूर्वी चंपारण जिला तिरहुत प्रमंडल के अंतर्गत आता है.
अनुमंडल: पूर्वी चंपारण जिले को 6 अनुमंडलों में बांटा गया है: अरेराज, चकिया, मोतिहारी, पकड़ीदयाल, रक्सौल और सिकरहना.
प्रखंड: पूर्वी चंपारण जिले को कुल 27 प्रखंडों में बांटा गया है.
अरेराज अनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: संग्रामपुर, हरसिद्धि, अरेराज और पहाड़पुर.
चकिया अअनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: चकिया, मेहसी, केसरिया और कल्याणपुर.
मोतिहारी अनुमंडल में कुल 6 प्रखंड हैं: बंजरिया, मोतिहारी, पीपराकोठी, कोटवा, सुगौली और तुरकौलिया.
पकड़ीदयाल अनुमंडल में कुल 5 प्रखंड हैं: मधुवन, तेतरिया, पताही, फेनहारा और पकड़ीदयाल.
रक्सौल अनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: रक्सौल, रामगढ़वा, आदापुर और छौड़ादानो.
सिकरहना अनुमंडल में आने वाले 4 प्रखंडों के नाम हैं: बनकटवा, चिरैया, घोड़ासहन और ढाका

पुलिस थानों की संख्या: 50
शहरी स्थानीय निकायों की संख्या: 9
पंचायतों की संख्या : 409
गांव की संख्या: 1344

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: पूर्वी चंपारण जिले के अंतर्गत तीन संसदीय निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: पश्चिम चंपारण (पार्ट), पूर्वी चंपारण और शिवहर (पार्ट).

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र
पूर्वी चंपारण जिले के अंतर्गत 12 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, हरसिद्धि, गोविंदगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, मोतिहारी, मधुबन, चिरैया और ढाका.

पूर्वी चंपारण जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)
2011 की जनगणना के अनुसार:
जनसंख्या: 51 लाख
पुरुष : 26.11 लाख
महिला: 24.18 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 29.43%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर) : 1285
बिहार की जनसंख्या में अनुपात : 4.90%

लिंग अनुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 902

औसत साक्षरता : 55.79%
पुरुष साक्षरता: 65.34 %
महिला साक्षरता : 45.12%

जिले की 92.13% आबादी गांव में रहती है जबकि केवल 7.87% आबादी शहरों में रहती है.

भाषाएं : हिंदी, उर्दू ,भोजपुरी, बज्जिका

धर्म

पूर्वी चंपारण जिले में लगभग सभी धर्मों के लोग रहते हैं.
2011 की जनगणना के अनुसार , पूर्वी चंपारण जिले में हिंदू धर्म मानने वालों की जनसंख्या 80.14% है जबकि इस्लाम के अनुयायियों की संख्या 19.4 2% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई (0.10%), सिख (0.01%), बौद्ध (0.02%) और जैन (0.01%) है.

पूर्वी चंपारण  जिले की पर्यटन स्थल

अरेराज सोमेश्वर महादेव मंदिर

अरेराज सोमेश्वर महादेव मंदिर उत्तर बिहार के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में से एक है. हिंदुओं का यह पवित्र तीर्थस्थल मोतिहारी से 28 किलोमीटर दक्षिण में गंडक नदी के किनारे स्थित है. . सावन के महीने में और अन्य पर्वों के अवसर पर बिहार और सीमावर्ती नेपाल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं.

सीता कुंड

मोतिहारी से 16 किलोमीटर दूर पिपरा रेलवे स्टेशन के नजदीक यह पुराने किले के परिसर में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि भगवान राम की पत्नी देवी सीता ने त्रेता युग में इसी कुंड में स्नान किया था. कुंड के किनारे भगवान सूर्य, माता दुर्गा और हनुमान सहित कई देवी देवताओं के मंदिर बने हुए हैं रामनवमी के दिन यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं.

बौद्ध स्तूप:

मोतिहारी के पास केसरिया में स्थित यह दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप हैं. इस बौद्ध स्तूप की ऊंचाई 104 फीट है. प्रति वर्ष दुनिया भर के हज़ारों लोग और बौद्ध भिक्षु इस बौद्ध स्तूप को देखने आते हैं.

अशोक स्तंभ

यह पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज लोरिया में स्थित है. सम्राट अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 26 साल बाद यह धर्मलेख छह ठोस पत्थरों के स्तंभों पर लिखवाया था. इस धर्म लेख स्तंभ का वजन 34 टन है , जबकि इसकी ऊंचाई 36.5 फीट है. इस स्तंभ के ऊपर सिंह नहीं है जो शायद टूट जाने के कारण कोलकाता संग्रहालय में रखा गया है.

विश्व कबीर शांति स्तंभ

यह जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूरी पर पीपराकोठी प्रखंड के बेलवातिया गांव में स्थित है. यह पूरे भारत का आठवां और बिहार का इकलौता विश्व कबीर शांति स्तंभ है.

मोतीझील:

मोतिहारी स्थिति यह सुंदर झील अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है.

गांधी सत्याग्रह से जुड़े स्थल

गांधी संग्रहालय
ये शैक्षिक , सांस्कृतिक., गतिविधियों का यह एक मुख्य केंद्र है. यहां पर गांधीजी के चंपारण सत्याग्रह से संबंधित तथा दूसरे कई नेताओं के तस्वीरें , अवशेषों और कार्यों का संग्रह है. यहां पर 48 फीट ऊंचा राष्ट्र को समर्पित एक स्तंभ है. इस स्मारक का निर्माण ठीक उसी स्थान पर किया गया है जहां पर गांधी जी को 18 अप्रैल 1917 में धारा 144 का उल्लंघन करने के जुर्म में अनुमंडल अधिकारी के कोर्ट में पेश किया गया था.

चंपारण सत्याग्रह शताब्दी पार्क
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी पार्क पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी में स्थित है.

पूर्वी चंपारण कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग-
निकटतम हवाई अड्डा लोकनायक जयप्रकाश हवाई अड्डा है जो पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
मोतिहारी शहर का अपना रेलवे स्टेशन है जिसका नाम बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन है. जहां से प्रमुख स्थलों के लिए नियमित रेल गाड़ियां चलती है.

सड़क मार्ग
मोतिहारी बिहार की राजधानी पटना से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. पटना से मोतिहारी शहर के लिए राज्य सरकार और निजी बसें हमेशा उपलब्ध रहती हैं.
आप चाहे तो अपने निजी वाहन, कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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