Ranjeet Bhartiya 03/08/2019

प्रयागराज (इलाहाबाद) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण छोर और पूर्वी भाग में आने वाला यह जिला प्रयागराज (इलाहाबाद) प्रमंडल के अंतर्गत आता है.
प्रयागराज प्रमंडल के अंतर्गत कुल 4 जिले आते हैं: प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और फतेहपुर. इसी जिले में एतिहासिक अल्फ्रेड पार्क है जहांं चंद्रशेखर आजाद ने देश के लिए अपना बलिदान दिया था. प्रयागराज में कितनेेे तहसील हैं? कितनी जनसंख्या है?आईए जानते हैं प्रयागराज जिले की पूरी जानकारी.

एक प्रचीन नगर

गंगा, यमुना और सरस्वती  (लुप्त) के संगम पर स्थित प्रयागराज विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है. इसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों (वेदों और पुराणों) में मिलता है. हिंदू धर्मावलंबियों के लिए सबसे पवित्रतम तीर्थ स्थलों में से एक यह नगर “तीर्थराज प्रयाग” के नाम से प्रसिद्ध है.

इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कब पड़ा

प्रयाग का नाम “प्र+याग” पर पड़ा है. “प्र” का अर्थ होता है “प्रथम” तथा “याग” का अर्थ होता है “यज्ञ”. इस नगर का प्राचीन नाम प्रयाग या प्रयागराज के बारे में एक मान्यता है. इस पवित्र स्थल पर सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने सबसे पहली बार यज्ञ किया था. यही वजह है कि इस स्थान का नाम प्रयाग पड़ा. प्रयागराज प्राचीनतम नगर है. प्राचीन काल में आर्यों ने यहां अपना निवास स्थान बनाया था और उसका नाम प्रयागराज रखा था.

प्रयागराज का पुराना नाम

सन 1575 में मुगल बादशाह अकबर ने इस स्थल का दौरा किया था. संगम स्थल और इस नगर के सामरिक स्थिति से बादशाह अकबर बहुत प्रभावित हुए. उन्होंने यहां एक किले का निर्माण करवाया तथा इस शहर का नाम बदलकर  “इलाहबास” कर दिया, जो कालांतर में “इलाहाबाद” हो गया. इलाहबास का अर्थ होता है-“अल्लाह का घर”.

योगी सरकार ने इलाहाबाद से प्रयागराज किया

साधु संतो की मांग उठती रही थी कि इलाहाबाद का नाम फिर से प्रयागराज कर दिया जाऐ. हिन्दू धर्मावलंबी, प्रयागराज नाम के पक्ष में थे. बसपा और सपा सरकार में इस पर कोई  ध्यान नहीं दिया. मार्च 2017 में जब योगी सरकार आई तो उन्होंने इसका नाम इलाहाबाद से बदलकर प्रयागराज कर दिया.

जवाहरलाल नेहरू की जन्मस्थली

इस जिले को भारत के पहले प्रधानमंत्री और लोकप्रिय नेता जवाहरलाल नेहरू का जन्म स्थली होने का गौरव प्राप्त है।

महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़ा है इलाहाबाद

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का जन्म इलाहाबाद में ही हुआ था. 1950 में 17, क्लिव रोड पर स्थित एक मकान के एक चौथाई हिस्से में अमिताभ बच्चन का परिवार रहा करता था.

प्रयागराज जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में-प्रतापगढ़ जिला और जौनपुर जिला
दक्षिण में-मिर्जापुर जिला और मध्य प्रदेश का रीवा जिला
पूरब में-जौनपुर जिला, भदोही जिला और मिर्जापुर जिला
पश्चिम में-कौशांबी जिला, चित्रकूट जिला और मध्य प्रदेश का रीवा जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
प्रयागराज समुद्र तल से लगभग 98 मीटर (322 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
प्रयागराज जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5482 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां: गंगा, यमुना, बेलन और टोंस

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

प्रयागराज जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग, व्यवसाय और पर्यटन पर आधारित है.

कृषि

प्रयागराज जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, गेहूं, जौ, दलहन (अरहर, उड़द, मसूर, मूंग, चना और मटर), आलू, तिल, सूर्यमुखी, सरसों, गन्ना, तंबाकू, हल्दी और सब्जियां.

यहाँ उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम और अमरूद. इलाहाबादी अमरुद अपनी लाल रंग, मिठास और लाज़बाब स्वाद कारण दुनिया भर में प्रसिद्द है.

पशुपालन

पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से प्रचुर मात्रा में विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

प्रयागराज जिले में वन मुख्यतः कोरांव, शंकरगढ़, मांडा और मेजा ब्लॉक में पाए जाते हैं. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: खैर, बबूल, शीशम, हर्रा, महुआ, नीम, टीक, गोंद, बांस, मुंज और तेंदू के पत्ते.

खनिज

प्रयागराज जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: ग्लास, बालू, पत्थर, कंकर, ब्रिक अर्थ और रेह.

उद्योग

जिले में स्थित प्रमुख बड़े उद्योग हैं: ग्लास उद्योग, पेपर उद्योग, इंजीनियरिंग गुड्स उद्योग, प्रिंटेड बुक उद्योग, कपड़ा उद्योग, वायर उद्योग और इलेक्ट्रिकल गुड्स उद्योग.जिले के अर्थव्यवस्था में ग्रामीण और कुटीर उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान है. जिले के ग्रामीण और कुटीर उद्योगों के प्रमुख उत्पाद हैं: हैंडलूम, तेल, मिट्टी के बर्तन, धातु के समान, चमड़े के जूते, कंबल, बांस और लकड़ी के सामान, खिलौने, टोपी, चांदी के समान, बीड़ी और गुड़.

व्यवसाय

प्रयागराज एक महत्वपूर्ण व्यापार केंद्र है. यहां से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद हैं: खाद्य पदार्थ, अनाज, तेल, किताब, साइकिल पार्ट्स और इलेक्ट्रिकल गुड्स.

पर्यटन

जिले में पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल होने के कारण प्रयागराज दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: प्रयागराज
प्रशासनिक सहूलियत के लिए प्रयागराज जिले को 8 तहसीलों (अनुमंडल) और 20 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
प्रयागराज जिले को कुल 8 तहसीलों में बांटा गया है: करछाना, हंडिया, फूलपुर, सोरांव, इलाहाबाद सदर, बारा, मेजा और कोरांव.

विकासखंड (प्रखंड):
प्रयागराज जिले को 20 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है.

करछाना तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड हैं: चाका, करछाना और कौंधियारा.

हंडिया तहसील के अंतर्गत कुल 4 विकासखंड है: प्रतापपुर, सैदाबाद, धनुपुर और हंडिया.

फूलपुर तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड हैं: बहरिया, फूलपुर और बहादुरपुर

सोरांव तहसील के अंतर्गत कुल 4 विकासखंड आते हैं: कौड़िहार, होलागढ़ म, मऊआइमा और सोरांव.

बारा तहसील के अंतर्गत कुल 2 विकासखंड हैं: जसरा और शंकरगढ़.

मेजा तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड हैं: उरुवा, मेजा और मांडा.

कोरांव तहसील के अंतर्गत कुल 1 विकासखंड है: कोरांव.

पुलिस थानों की संख्या: 39
नगर निकायों की संख्या: 10
न्याय पंचायतों की संख्या: 218
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1710
गांवों की संख्या: 3178

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2, इलाहाबाद और फूलपुर

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 12
प्रयागराज जिले के अंतर्गत कुल 12 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण, इलाहाबाद पश्चिम, बारा, हंडिया, करछाना, कोरांव, मेजा, फाफामऊ, फूलपुर, प्रतापपुर और सोरांव.

प्रयागराज जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार प्रयागराज जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 59.54 लाख
पुरुष: 31.31 लाख
महिला: 28.22 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 20.63%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1086
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 2.98%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 901

औसत साक्षरता: 72.32%
पुरुष साक्षरता: 82.55%
महिला साक्षरता: 60.97%

शहरी जनसंख्या: 24.74%
ग्रामीण जनसंख्या: 75.26%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, प्रयागराज एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 85.69% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 13.38% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.23%, सिख 0.07%, बौद्ध 0.07%, जैन 0.04% और अन्य 0.01% हैं.

भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधी, उर्दू और बघेली.

प्रयागराज जिले में दर्शनीय स्थल

इस जिले में पौराणिक,धार्मिक , पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

त्रिवेणी संगम

त्रिवेणी संगम हिंदू धर्मावलंबियों के लिए पवित्रतम स्थलों में से एक है. यहां पर 3 नदियों गंगा,यमुना और पौराणिक सरस्वती का संगम होता है. ऐसी मान्यता है कि त्रिवेणी संगम पर स्नान करने से शरीर और मन की शुद्धि होती है, पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

कुंभ मेला

त्रिवेणी संगम, पवित्र धार्मिक मेलों तथा धार्मिक अनुष्ठानों का स्थान है. यहां पर प्रत्येक बारहवें साल “कुंभ” मेले का आयोजन तथा प्रत्येक छठे वर्ष “अर्ध कुंभ” का आयोजन किया जाता है.
आस्था के संगम कुंभ के पावन अवसर पर दुनिया भर के साधु, संत, पंडित, योगी और तीर्थयात्री संगम तट पर इकट्ठा होते हैं.

प्रयागराज स्थित प्रमुख दर्शनीय मंदिर:

श्री अखिलेश्वर महादेव मंदिर, भारद्वाज आश्रम, नाग वासुकी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, ललिता देवी मंदिर, अलोपी देवी मंदिर, तक्षकेश्वर नाथ मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वरी पीठ, दुर्वासा आश्रम, अमिलिया शीतला देवी मंदिर, बाड़ी काली मंदिर, लोकनाथ मंदिर, कुनौरा महादेव मंदिर, पत्थर शिवालय मंदिर और बोलन शंकर मंदिर.

सरस्वती घाट

यमुना नदी के किनारे मनकामेश्वर शिव मंदिर के नजदीक स्थित यह घाट संभवतः प्रयागराज का सबसे सुंदर घाट है.

अल्फ्रेड पार्क/चंद्रशेखर आजाद पार्क

लगभग 133 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक पार्क प्रयागराज जिले के जॉर्ज टाउन में स्थित है. इस पार्क को पहले अल्फ्रेड पार्क या कंपनी पाक के नाम से जाना जाता था. बाद में इस परिवार का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद पार्क कर दिया गया.1931 में इसी पार्क में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने मातृभूमि के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था.

इलाहाबाद किला

इलाहाबाद किला
इलाहाबाद किला की एक पेंटिंग 1850

यह ऐतिहासिक किला यमुना नदी के तट पर त्रिवेणी संगम के नजदीक स्थित है. इस किले का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने 1883 ईसवी में करवाया था.

इलाहाबाद म्यूजियम

प्रयागराज में 10 कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित इस म्यूजियम की स्थापना 1931 में की गई थी. यह म्यूजियम अनूठी वस्तुएं और प्रागैतिहासिक चित्रों के संग्रह के लिए प्रसिद्ध है.

आनंद भवन

फिरोज गांधी और इंदिरा नेहरू की शादी समारोह आनंद भवन 1942

जवाहरलाल नेहरू के पिता मोतीलाल नेहरू ने अपने आवास के रूप में इस भवन का निर्माण कराया था.आजकल यह संग्रहालय है और यहां आप नेहरू परिवार से जुड़े चीजें देख सकते हैं. आनंद भवन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का यह एक प्रमुख केंद्र था. इस जगह से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन कई रणनीतियां तय की गई.

प्रयागराज कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

प्रयागराज जिले का अपना हवाई अड्डा है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध है.
निकटतम हवाई अड्डा: इलाहाबाद एयरपोर्ट/प्रयागराज (Code: IXD).
यह हवाई अड्डा इलाहाबाद शहर से से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर बमरौली में स्थित है.

रेल मार्ग
प्रयागराज रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: इलाहाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: ALD), इलाहाबाद सिटी रेलवे स्टेशन (Code: ALY), फाफामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: PFM),
, प्रयाग जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: PRG), सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन (Code: SFG), बमरौली रेलवे स्टेशन (Code: BMU) और इलाहाबाद छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: COI).

सड़क मार्ग
प्रयागराज सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित सरकारी और प्राइवेट बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

प्रयागराज जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में पहला स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 35वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 15वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: हंडिया (609).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: इलाहाबाद (85)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 244.

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