Ranjeet Bhartiya 16/03/2019
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 25/09/2019 by Sarvan Kumar

रामायण से जुड़ी बक्सर जिला का अपना एक अलग एतिहासिक महत्त्व है. इस जगह पर भगवान राम ने राक्षसी ताड़का का वध किया था. पत्थर  बने अहिल्या का उद्धार भी भगवान राम ने यहीं किया था. ये जिला भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. पश्चिम बिहार में आने वाला यह जिला पटना प्रमंडल के अंतर्गत आता है. आईये जानते हैं बक्सर जिले की पूरी जानकारी.

बक्सर जिला कब बना

पहले ये जिला  भोजपुर जिले का हिस्सा हुआ करता था. 17 मार्च 1991 को इसे भोजपुर जिले से अलग करके स्वतंत्र जिला बनाया गया.

बक्सर जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – उत्तर प्रदेश का बलिया जिला
दक्षिण में – रोहतास और कैमूर जिला
पूर्व में – भोजपुर जिला
पश्चिम में- उत्तर प्रदेश का गाजीपुर और बलिया जिला

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1624 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : गंगा और कर्मनाशा

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

इफ जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है.
जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान गेहूं मक्का मशहूर मटर सरसों आलू और ईख सब्जियां.

उद्योग
जिले में बड़े उद्योगों का अभाव है. जिले में छोटे-मोटे उद्योग स्थित हैं, जैसे साबुन फैक्ट्री , लकड़ी उद्योग, चमड़ा उद्योग, राइस मिल, तेल मिल, इत्यादि.

बक्सर जिले का प्रशासनिक सेटअप

बक्सर जिले के DM कौन है?

प्रमंडल: पटना
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 2 अनुमंडलों और 11 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: इस जिले के अंतर्गत कुल 2 अनुमंडल हैं: बक्सर और डुमरांव.

प्रखंड: इस जिले के अंतर्गत कुल 11 प्रखंड हैं.

बक्सर अनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: बक्सर, इटाढी, राजपुर और चौसा.

डुमरांव अनुमंडल के अंतर्गत कुल 7 प्रखंड आते हैं: डुमरांव, नावानगर, ब्रहमपुर, केसठ, चक्की, चौगाई और सिमरी.

पुलिस थानों की संख्या : १६

नगर निगम की संख्या : 1
नगर परिषद की संख्या : 2 , बक्सर और डुमरांव

ग्राम पंचायतों की संख्या: 142
कुल गांवों की संख्या: 1142

निर्वाचन क्षेत्र
इस जिले के अंतर्गत 1 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र और  6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं.

लोक सभा
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र की संख्या :1 बक्सर

विधानसभा
बक्सर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं:
ब्रहमपुर, बक्सर, डुमरांव, राजपुर, रामगढ़ और दिनारा.
(नोट :इसमें में से रामगढ़ कैमूर जिले और दिनारा रोहतास जिले के अंतर्गत आता है)

बक्सर  जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 17.06 लाख
पुरुष : 8.87 लाख
महिला: 8.18 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय) : 21.67%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर) : 1002
बिहार की जनसंख्या में अनुपात : 1.64%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 922

औसत साक्षरता: 70.14%
पुरुष साक्षरता : 80.72%
महिला साक्षरता: 58.63%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 9.64%
ग्रामीण जनसंख्या: 90.36%

बक्सर जिले में किस धर्म के कितने लोग हैं?

अधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 93.27% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 6.18% है.अन्य धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.12%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.03% और जैन 0.01% हैं.

बक्सर जिले में  पर्यटन स्थल

अहिरौली

यह स्थान जिला मुख्यालय  से 6 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या को यहीं पर श्राप से मुक्ति मिली थी. गौतम ऋषि के श्राप के कारण अहिल्या पत्थर में परिवर्तित हो गई थी. इसी स्थान पर भगवान राम के चरण स्पर्श से वो फिर से मानव रूप में आ गई.

ताड़का का वध
ताड़का का वध

कतकौली का मैदान

कतकौली का मैदान जिले का मुख्य आकर्षण है. यह ऐतिहासिक मैदान बक्सर की लड़ाई का साक्षी है. इस लड़ाई में एक तरफ ईस्ट इंडिया कंपनी थी तो दूसरी तरफ मुगल बादशाह और उनके साथी नवाब थे. इस लड़ाई में अंग्रेजों की जीत हुई थी.

बिहारी जी का मंदिर

भगवान कृष्ण को समर्पित यह मंदिर जिला मुख्यालय  से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. इस मंदिर का निर्माण 1825 ईसवी में डुमराव के तत्कालीन महाराजा जय प्रकाश सिंह ने करवाया था. यहां दूर-दूर से भक्त भगवान कृष्ण की पूजा करने आते हैं.

चौसा का युद्ध मैदान

कर्मनाशा नदी के तट पर चौसा नामक एक छोटा सा कस्बा है. 1539 में यहां हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच लड़ाई हुई थी. इस लड़ाई में शेरशाह सूरी ने हुमायूं को बुरी तरह से हरा दिया.

बक्सर कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है.निकटतम हवाई अड्डा: पटना एयरपोर्ट (PAT) बक्सर से लगभग 125 किलोमीटर की दूरी पर पटना में स्थित है. दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: वाराणसी एयरपोर्ट (VNS) बक्सर से लगभग 145 किलोमीटर दूर वाराणसी में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से आप आसानी से यहाँ  आ सकते हैं . देश के अन्य प्रमुख शहरों से यहाँ  के लिए नियमित ट्रेन चलती है.
नजदीकी रेलवे स्टेशन: बक्सर रेलवे स्टेशन (BXR).

सड़क मार्ग
बक्सर राज्य और देश के प्रमुख नगरों से शहरों से सड़क मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है. आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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