Ranjeet Bhartiya 12/03/2019
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 25/09/2019 by Sarvan Kumar

जहानाबाद भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. बिहार के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला मगध प्रमंडल के अंतर्गत आता है.ये वो जिला है जहां बराबर की गुफाएं है.ये एतिहासिक गुफायें जहानाबाद जिलेे का नाम पूरे देश मेंं फैलाते है. जहानाबाद जिले में कितने ब्लाक हैं, कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं जहानाबाद जिले की पूरी जानकारी.

 जहानाबाद जिले का इतिहास

प्रसिद्ध किताब आइन-ए-अकबरी में इस स्थान का उल्लेख मिलता है. किताब में कहा गया है कि 17वीं शताब्दी में यहां भीषण अकाल पड़ा और लोग भूख से मरने लगे. अकाल पीड़ित लोगों के राहत के लिए मुगल बादशाह औरंगजेब ने यहां पर एक मंडी की स्थापना किया, जिसका नाम रखा- जहांआरा. जहांआरा औरंगजेब की बड़ी बहन थीं. इस मंडी की देखरेख और नियंत्रण का दायित्व जहांआरा पर था. ऐसा कहा जाता है जहांआरा  ने यहां पर काफी समय व्यतीत किया था. जहांआरा के नाम पर इस जगह को ‘जहांआराबाद’ कहा जाने लगा , जो कालांतर में ‘जहानाबाद’ के नाम से जाने जाना लगा.

गठन
पहले ये जिला  गया जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1872 में इसे गया जिले का अनुमंडल बनाया गया. 1 अगस्त 1986 को इसे गया जिले से अलग करके स्वतंत्र जिला बनाया गया.

जहानाबाद जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
ये जिला दरधा और यमुनिया नामक दो छोटी नदियों के संगम पर स्थित है.
उत्तर में – पटना जिला
दक्षिण में – गया जिला
पूरब में- नालंदा जिला
पश्चिम में – अरवल जिला

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1569 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : फल्गु , दरधा और यमुनिया.

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

इस जिले में उद्योगों का अभाव है. उपजाऊ भूमि होने के कारण जहानाबाद जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं , दलहन और मक्का.

जहानाबाद जिले का शासनिक सेटअप

जहानाबाद जिले के वर्तमान पदाधिकारी 

प्रमंडल: मगध
प्रशासनिक सहूलियत के लिए जहानाबाद जिले को 1 अनुमंडल और 7 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: इस जिले में केवल एक अनुमंडल है- जहानाबाद.

प्रखंड: जिले के अंतर्गत कुल 7 प्रखंड हैं:
जहानाबाद, मखदुमपुर, घोसी, मोदनगंज, कोको हुलासगंज और रतनी फरीदपुर.

पुलिस थानों की संख्या : 13
ग्राम पंचायतों की संख्या: 93
कुल गांवों की संख्या: 584
निर्जन गांव की संख्या : 43
आबादी वाले गांव की संख्या : 541

निर्वाचन क्षेत्र
इस जिले के अंतर्गत 1 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र और 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं.

लोकसभा
लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र : 1, जहानाबाद

विधानसभा
इस जिले के अंतर्गत 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: जहानाबाद, घोसी और मकदुमपुर.

जहानाबाद जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 11.25 लाख
पुरुष : 5.85 लाख
महिला: 5.39 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 21.68%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1209
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 1.08%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 922

औसत साक्षरता: 66.80%
पुरुष साक्षरता : 77.66%
महिला साक्षरता: 55.01%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 12.01%
ग्रामीण जनसंख्या: 87.99%

धर्म

अधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 92.87% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 6.73% है.अन्य धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.06%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.02% और जैन 0.01% हैं.

 जहानाबाद जिले में  पर्यटन स्थल

बराबर की गुफाएं

बराबर की गुफाएं जहानाबाद से 25 किलोमीटर की दूरी पर मखदुमपुर की पहाड़ी के पास स्थित हैं. इनमें से ज्यादातर गुफाओं का संबंध मौर्य काल (322-185 BC) से है. कुछ गुफाओं पर अशोक कालीन शिलालेख देखे जा सकते हैं.

हजरत बीबी कमाल का मकबरा

यह देश की पहली महिला सूफी संत की दरगाह है.कहा जाता है कि हजरत बीवी कमाल बिहार शरीफ के हजरत मखदूम साहेब की चाची थीं.ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस पवित्र मजार पर सच्चे मन से इबादत करते हैं उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है. लोगों का कहना है कि इस मजार में रहस्यमई शक्तियां है जिससे मानसिक रोग और असाध्य रोग ठीक होते हैं तथा आंखों की रोशनी बढ़ती है.यहां बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश ,पश्चिम बंगाल और झारखंड सहित देश के विभिन्न भाग से श्रद्धालु मजार पर चादर पोशी करने और सुख-समृद्धि की दुआ मांगने आते हैं.

बाबा सिद्धनाथ मंदिर

भगवान शिव को समर्पित बाबा सिद्धनाथ मंदिर को सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के रूप में जाना जाता है. यह बराबर की पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है. कहा जाता है इस मंदिर का निर्माण गुप्त काल के दौरान 7 वीं शताब्दी में किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण बाना राजा (राजगीर के राजा जरासंध के ससुर) ने करवाया था

दयानाथ धाम

भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर मखदुमपुर से 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, दया बीघा में स्थित है.

जहानाबाद  कैसे पहुंचे?

ये जिला पटना से लगभग 45 किलोमीटर दक्षिण और गया से लगभग 45 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.

हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है.नजदीकी हवाई अड्डा गया और पटना में स्थित है.

नजदीकी हवाई अड्डा,
गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: (बोधगया एयरपोर्ट, Code: GAY). यह जहानाबाद जिले से 40 किलोमीटर दूर गया जिले में स्थित है.दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट (Code: PAT) जहानाबाद जिले से लगभग 50 किलोमीटर दूर पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
ये जिला  रेल मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है और यहां के लिए नियमित ट्रेनें चलती हैं.नजदीकी रेलवे स्टेशन: जहानाबाद रेलवे स्टेशन (JHD).

सड़क मार्ग
ये जिला , राज्य और देश के प्रमुख नगरों से शहरों से सड़क मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है. जहानाबाद नेशनल हाईवे 83 (NH 83)और नेशनल हाईवे 110 (NH 110) पर स्थित है.आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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