Ranjeet Bhartiya 17/09/2019

Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
  Happy Makar Sankranti 🌝☀️

Last Updated on 25/09/2019 by Sarvan Kumar

बांदा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला चित्रकूट प्रमंडल के अंतर्गत आता है. बांदा शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. बुंदेलखंड के सबसे पूरब में स्थित यह जिला अपने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पुरातन परंपरा, आभूषण बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले शजर पत्थर और पुरातात्विक तथा वास्तुशिल्प की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल कालिंजर दुर्ग के लिए प्रसिद्ध है. यह दुर्ग विश्व धरोहर स्थल खजुराहो के नजदीक है. जिले में कितनी तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं बांदा जिले की पूरी जानकारी.

नामकरण

जिले का नाम इसके मुख्यालय शहर “बांदा” पर रखा गया है. इस नाम की उत्पत्ति के बारे में मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां पौराणिक कथाओं में वर्णित भगवान राम के समकालीन ऋषि बामदेव का आश्रम हुआ करता था. उन्हीं के नाम पर जिले का नाम बांदा पड़ा.

बांदा जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
बांदा 7 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर मेंफतेहपुर जिला
दक्षिण में-मध्यप्रदेश का सतना जिला, पन्ना जिला और छतरपुर जिला
पूरब में-चित्रकूट जिला
पश्चिम में-हमीरपुर जिला और महोबा जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
बांदा शहर समुद्र तल से लगभग 123 मीटर (404 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4408 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
यमुना नदी जिले के उत्तरी सीमा का निर्माण करती है और इसे फतेहपुर जिले से अलग करती है. जिले की प्रमुख नदियां है: यमुना, केन और बाघिन.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

बांदा जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं,  ज्वार, बाजरा, बार्ली, दलहन (मूंग, उड़द, अरहर, चना, मसूर और मटर), तिलहन ( सरसों और तिल), तरबूज और सब्जियां

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: बबूल, करौंदा, करील, महुआ, शीशम, सहजन, ढाक, तेंदू, खैर, हल्दु, बांस, साल, बेल, पलाश, अर्जुन और औषधीय वनस्पति.

खनिज

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: ग्रेफाइट पत्थर, कंकड़ और बालू.

उद्योग

औद्योगिकरण की दृष्टि से यह एक पिछड़ा हुआ जिला है. जिले में कृषि आधारित छोटे-मोटे उद्योग स्थित हैं.

व्यवसाय

जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: चावल और वन उत्पाद. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: अनाज, गेहूं, दाल, चीनी, कपड़े, रोजमर्रा के समान, कोयला, किरासन तेल और पेट्रोल

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: चित्रकूट
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 8 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
बांदा जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है: बांदा, बरेरू, अतर्रा, नरैनी और पैलानी.
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को कुल 8 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है- बड़ोखर खुर्द,जसपुरा, तिंदवारी, बरेरू, कमासिन, बिसंडा, महुआ और नरैनी.
पुलिस थानों की संख्या: 26
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 2
नगर पंचायतों की संख्या: 6
ग्राम पंचायतों की संख्या: 471
गांवों की संख्या: 761
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, बांदा
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
इस जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: तिंदवारी, बरेरू, नरैनी और बांदा.

बांदा जिले की डेेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस
जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 17.99 लाख
पुरुष: 9.65 लाख
महिला: 8.33 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 17.05%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 408
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.90%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 863
औसत साक्षरता: 66.67%
पुरुष साक्षरता: 77.78%
महिला साक्षरता: 53.67%
शहरी जनसंख्या: 15.32%
ग्रामीण जनसंख्या: 84.68%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 91.00% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 8.76% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.08%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.01% और जैन 0.05% हैं.

भाषाएं

जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, बुंदेली और उर्दू

बांदा जिले में आकर्षक स्थल

जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

बामदेवेश्वर मंदिर (बामदेव मंदिर)

भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर बांदा रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस मंदिर का संबंध रामायण काल से बताया जाता है. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि भगवान राम के समकालीन महर्षि बामदेव की तपस्या से बांबेश्वर पहाड़ पर इस शिवलिंग की स्थापना हुई थी.

भूरागढ़ किला

यह ऐतिहासिक किला बांदा रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर केन नदी के तट पर स्थित है. भूरे पत्थरों से निर्मित इस किले का निर्माण राजा गुमान सिंह ने 17वीं शताब्दी में करवाया था.

नवाब टैंक बांदा

यह ऐतिहासिक टैंक बांदा शहर से लगभग 3 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. इस टैंक का निर्माण बांदा के नवाब ने शहर में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करवाया था.

कालिंजर दुुुर्ग

विंध्यांचल पर्वत पर स्थित यह ऐतिहासिक बांदा जिला मुख्यालय से लगभग 56 किलोमीटर दक्षिण में नरैनी तहसील में स्थित है. इस किले का निर्माण चंदेला राजाओं ने पहली सहस्राब्दी के अंत तथा दूसरी सहस्राब्दी के शुरुआत में करवाया था. स्मारकों, मूर्तियों, भवनों और मंदिरों से भरा यह किला अपने उत्कृष्ट बनावट और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है.

नीलकंठ मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध प्राचीन मंदिर कालिंजर किले के दक्षिणी भाग में स्थित है.

महेश्वरी देवी मंदिर

यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ बांदा रेलवे स्टेशन से लगभग 1 किलोमीटर पश्चिम में शहर के चौक बाजार में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि सैकड़ों वर्ष पहले माता मां महेश्वरी पत्थर की शिला के रूप में यहां पर प्रकट हुई थीं.

मां विंध्यवासिनी मंदिर (खत्री पहाड़)

यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ बांदा जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर शेरपुर स्योढा गांव में में खत्री पहाड़ पर स्थित है.ऐसी मान्यता है कि प्रतिवर्ष नवरात्र नवमी के दिन माता विंध्यवासिनी (मिर्जापुर) 1 दिन के लिए यहां विराजमान होती है.

संकट मोचन मंदिर

हनुमान जी को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर कचहरी रोड पर स्थित है.

सेंट जॉर्ज चर्च (येलो चर्च)

यह बांदा जिले का सबसे प्रसिद्ध और पुराना चर्च है. इस ऐतिहासिक चर्च का निर्माण 1835 में किया गया था.

बांदा कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

बांदा जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं हैं.  निकटतम हवाई अड्डा: खजुराहो एयरपोर्ट (Code: HJR). यह हवाई अड्डा बांदा से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी  पर मध्यप्रदेश के खजुराहो में स्थित है.
दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: कानपुर एयरपोर्ट (Code: KNU).
यह हवाई अड्डा बांदा से लगभग 122 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर में स्थित है.

रेल मार्ग

बांदा रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: बांदा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: BNDA).

सड़क मार्ग

बांदा सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 76 (NH 76) जिले से होकर गुजरती है.

बांदा जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 53वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 67वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 46वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: बांदा (198).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: अतर्रा (102)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 37.

Shop At Amazon and get heavy Discount Disclaimer: Is content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content  को अपने बुद्धी विवेक से समझे। jankaritoday.com, content में लिखी सत्यता को प्रमाणित नही करता। अगर आपको कोई आपत्ति है तो हमें लिखें , ताकि हम सुधार कर सके। हमारा Mail ID है jankaritoday@gmail.com. अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो कमेंट करें, लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद

Leave a Reply