Sarvan Kumar 06/07/2019

मऊ, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में आने वाला यह जिला आजमगढ़ प्रमंडल के अंतर्गत आता है. मऊ शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है.मऊ जिले में कितनी तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं मऊ जिले की पूरीजानकारी.

मऊ जिले का नामकरण कैसे हुआ?

जिले के नामकरण के बारे में कई किंवदंतियां हैं.
एक मत के अनुसार, जिले का नाम संस्कृत के शब्द “मयूर” से लिया गया है. दूसरी परिकल्पना यह है कि इसका नाम तुर्की भाषा से लिया गया है. तुर्की भाषा में मऊ शब्द का अर्थ है “गढ़”, “ठहराव” या “छावनी”.

मऊ जिला कब बना?

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ये जिला  आजमगढ़ जिले का हिस्सा हुआ करता था. 19 नवंबर 1988 को इसे आजमगढ़ जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

मऊ जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – गोरखपुर जिला, देवरिया जिला और आजमगढ़ जिला
दक्षिण में – गाजीपुर जिला
पूरब में- बलिया जिला
पश्चिम में – आजमगढ़ जिला

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1713 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : तमसा, घाघरा और छोटी सरयू.

अर्थव्यवस्था- कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन, और उद्योग पर आधारित है.

कृषि
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. यहाँ   उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, जौ, मक्का, बाजरा दलहन (मसूर, उड़द, चना, मटर, मूंग और अरहर), तिलहन (सरसों), गन्ना, आलू, प्याज और सब्जियां.

पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, बकरी और सूअर.

वन
मऊ जिला में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं:
आम, महुआ, शीशम, बबूल, नीम पलाश और यूकेलिप्टस (नीलगिरी).

खनिज
ये जिला  खनिज संपदा से संपन्न नहीं है. यहां केवल बालू पाया जाता है जिसका उपयोग निर्माण कार्यों के लिए किया जाता है.

उद्योग
मऊ पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक औद्योगिक जिला है. यहां पावर लूम और हैंडलूम से साड़ी , धोती, लूंगी और अन्य प्रकार के कपड़ों का निर्माण किया जाता है.

मऊ जिले का  प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: आजमगढ़

प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 4 तहसीलों (अनुमंडल) और 9 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
 जिले के अंतर्गत कुल 4 तहसील आते हैं:
मधुबन, घोसी, मोहम्मदाबाद गोहना और मऊ.

विकासखंड (प्रखंड):
 जिले को 9 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-
कोपागंज, घोसी, दोहरीघाट, परदहां, फतहपुर मण्डाव, बड़रांव, मोहम्मदाबाद गोहना, रतनपुरा और रानीपुर.

कुल पुलिस थानों की संख्या : 11
नगर पालिका की संख्या : 1, मऊ
नगर पंचायतों की संख्या : 9
कुल ग्राम पंचायतों की संख्या: 684
कुल गांवों की संख्या: 1691

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : 1, घोसी
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र : 4; मधुबन,घोसी, मोहम्मदाबाद गोहना और मऊ.

मऊ जिले  की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार मऊ जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-

कुल जनसंख्या : 22.06 लाख
पुरुष : 11.14 लाख
महिला: 10.91 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 18.98%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1288
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.10%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 979

औसत साक्षरता: 73.09%
पुरुष साक्षरता : 82.45%
महिला साक्षरता: 63.63%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 22.63%
ग्रामीण जनसंख्या: 77.37%

मऊ जिले का धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 80.23% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 19.43% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.10%, सिख 0.02%, बौद्ध 0.03%, जैन 0.01% और अन्य 0.01% हैं.

भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, उर्दू और भोजपुरी.

मऊ जिले के आकर्षक स्थल

मुक्तिधाम दोहरीघाट

घाघरा नदी के तट पर स्थित यह स्थान मंदिर और पार्क है. इस स्थान का पौराणिक महत्व है. ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान राम और परशुराम का मिलन हुआ था, इसीलिए इस स्थान का नाम दोहरीघाट पड़ा.

वनदेवी मंदिर,कहीनौर

जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस स्थान का पौराणिक महत्व है. ऐसी मान्यता है कि महर्षि बाल्मीकि का निवास स्थान इस स्थान के आसपास था और यहीं पर माता सीता ने अपने दोनों पुत्रों लव और कुश को जन्म दिया था.

शीतला माता मंदिर

आस्था का केंद्र यह मंदिर मऊ रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

मऊ कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.

निकटतम हवाई अड्डा :
महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (Code: GOP).
यह हवाई अड्डा मऊ से लगभग 108 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर में स्थित है.

दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा :
लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी (Code: VNS).यह हवाई अड्डा मऊ से लगभग 126 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी में स्थित है.

रेल मार्ग
ये जिला  रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.

निकटतम रेलवे स्टेशन : मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन (Station Code : MAU) और रतनपुरा रेलवे स्टेशन (RTP).

सड़क मार्ग
ये जिला  सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

मऊ जिले की कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 44वां स्थान है.

2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में छठा स्थान है.

3. साक्षरता के मामले में  उत्तर प्रदेश में 12वां स्थान है.

4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील : मोहम्मदाबाद गोहना (445).

5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील : मधुबन (322).

6. कुल निर्जन गांव की संख्या : 111.

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