Ranjeet Bhartiya 04/02/2019

मधुबनी भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तरी बिहार में आने वाला यह जिला दरभंगा प्रमंडल के अंतर्गत आता है.दरभंगा एवं मधुबनी को मिथिला संस्कृति का द्विध्रुव माना जाता है. इसका गठन 1972 में हुआ. इससे पहले यह दरभंगा जिले का हिस्सा हुआ करता था. मधुबनी जिला में कितने पंचायत है? कितने ब्लाक हैं?आईये जानते हैं इस जिले की पूरी जानकारी.

 मधुबनी जिले की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल
क्षेत्रफल 3501 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में-नेपाल
दक्षिण में– दरभंगा
पूर्व में-सुपौल
पश्चिम में-सीतामढ़ी
कोशी नदी मधुबनी जिले की पूर्वी सीमा और छोटी बागमती (अधवारा) पश्चिमी सीमा बनाती है.

प्रमुख नदियां-

कमला, भूतही बलान, करेह, बलान, गेहुआ, सुपेन, त्रिशुला, जीवछ और कोशी. इनमें से अधिकांश नदिया बरसात में उग्र रूप धारण कर लेती है. इससे बाढ़ की समस्या गंभीर हो जाती है.

अर्थव्यवस्था -कृषि और उत्पाद

मधुबनी प्राथमिक रूप से एक कृषि प्रधान जिला है. पूरा जिला समतल और उपजाऊ है. यहां पर कई तरह की फसलें उगाई जाती है. जिले के प्रमुख फसल हैं- धान, गेहूं, मक्का और मखाना.
मखाने की खेती के लिए यह जिला विश्व प्रसिद्ध है. भारत में मखाने के कुल उत्पादन में इस जिला  का योगदान 80% है.

यहां की मधुबनी पेंटिंग विश्व प्रसिद्ध है.उद्योग की बात करें तो यहां पर फर्नीचर उद्योग, स्टील उद्योग, प्रिंटिंग प्रेस, चुरा मिल, चावल मिल और 3000 के करीब लघु उद्योग की इकाइयां कार्यरत हैं.

Jankari facts

जिले से मछली, मखाना, आम, लीची और गन्ना जैसे कृषि उत्पाद; पीतल के बर्तन और हैंडलूम के कपड़े तथा मधुबनी पेंटिंग बाहर निर्यात किए जाते हैं.

 

प्रशासनिक सेटअप:

मधुबनी जिला 5 अनुमंडल. 21 प्रखंडों, 399 पंचायतों और 1115 गांव में बंटा है.
डिवीजन:  दरभंगा डिवीजन का हिस्सा है.
अनुमंडल:  जिला पांच अनुमंडलो में बंटा है: मधुबनी, बेनीपट्टी, झंझारपुर, जयनगर और फुलपरास.
प्रखंड:  जिले के अंतर्गत कुल 21 प्रखंड आते हैं: मधुबनी सदर (रहिका), पंडोल, जयनगर, लदनिया, लोहका, झंझारपुर, बेनीपट्टी, बासोपट्टी ,राजनगर, मधेपुर, अंधराठाढ़ी, बाबूबरही, खुटौना, खजौली, घोघरडीहा, मधवापुर, हरलाखी, लौकही, लखनौर, फुलपरास और कलुआही.

मधुबनी जिला में कितने पंचायत है 

पंचायतों की संख्या: 399

थानों की संख्या: 35
गांवों की संख्या: 1115

 मधुबनी जिला की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

जनगणना 2011 के अनुसार:
जनसंख्या 44,87,379
पुरुष 23, 29,313
महिला 21,58,066

जनसंख्या वृद्धि दर (दशकीय ): 25.51%

जनसंख्या घनत्व: 1282 प्रति स्क्वायर किलोमीटर

बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 4.31%

लिंग अनुपात (प्रति 1000 पुरुष): 926

साक्षरता
औसत साक्षरता दर 58.82%
पुरुष साक्षरता 70.14%
महिला साक्षरता 46.16%

भाषाएं: यहां बोली जाने वाली मुख्य भाषाएं हैं मैथिली और हिंदी.

धर्म
2011 की जनगणना के अनुसार:
81.39% लोग हिंदू धर्म को मानने वाले हैं जबकि 18.25% लोग इस्लाम के अनुयाई हैं.जिले में ईसाई (0.07%), सिख (0.01%), बौद्ध (0.01%) , जैन 0.01% और अन्य (0.26%) भी रहते हैं.

मधुबनी जिला में पर्यटन स्थल

मधुबनी जिला पौराणिक धार्मिक पुरातात्विक ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है.
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल-
सौराठ
यह मधुबनी जयनगर रोड पर स्थित एक गांव है. इस गांव में महादेव का मंदिर है. यहां पर प्रतिवर्ष मैथिल ब्राह्मणों के सभा का आयोजन किया जाता है जिसमें विवाह तय किए जाते हैं.

कपिलेश्वरस्थान-
यह मधुबनी जिला मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर एक गांव है. इस गांव में भगवन शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है जिसे कपिलेश्वरस्थान के नाम से जाना जाता है. सावन महीने में सोमवार के दिन यहां पर भारी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना के लिए आते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां पर एक बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है.

भगवती स्थान उज्चैठ
यह मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल से 4 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम दिशा में स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार संस्कृत के प्रसिद्ध कवि और नाटककार कालिदास को इसी स्थान पर माता भगवती ने आशीर्वाद दिया था.

भवानीपुर
यह पंडोल प्रखंड मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक गांव है. इस गांव में स्थित उग्रनाथ महादेव का मंदिर बहुत प्रसिद्ध है. मान्यताओं के अनुसार कवि विद्यापति शिव के महान भक्त थे . विद्यापति की भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं भगवान शिव उनके नौकर उगना बन कर उनकी सेवा करने लगे.

कोईलख
मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड में एक गांव स्थित है जिसका नाम है कोईलख. इस गांव में स्थित भद्रकाली भगवती का मंदिर विख्यात है.

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