Ranjeet Bhartiya 21/01/2019
Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 05/06/2021 by Sarvan Kumar

मायावती (आधिकारिक रूप से कुमारी मायावती) एक भारतीय राजनेता हैं. वह बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष हैं और चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं.आइए जानते हैं देश की पहली महिला दलित मुख्यमंत्री मायावती का संक्षिप्त जीवन परिचय.

 कब और कहाँ हुआ था जन्म?

मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में हुआ था. उनका जन्म श्रीमती सुचेता कृपलानी हॉस्पिटल में हुआ था. उनका परिवार हिंदू जाटव (दलित) था. ऐतिहासिक रूप से जाटव को क्षत्रिय वर्ण का माना जाता है लेकिन अब उन्हें अनुसूचित जाति के अंदर रखा गया है .उनके  पूर्वज बादलपुर गांव जिला गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. मायावती की माता का नाम श्रीमती रामरति था .इनके पिता का नाम प्रभू दास था.वे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक डाक विभाग में कर्मचारी थे. मायावती कुल 6 भाई और दो बहनें हैं. इनके परिवार में लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव किया जाता था. परिवार के लड़कों को प्राइवेट स्कूल में भेजा था जबकी बेटियों को साधारण से सरकारी स्कूल में भेजा जाता था.

मायावती एजुकेशन

  • उन्होंने 1975 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से BA की पढ़ाई की.
  • 1976 में  गाजियाबाद के VMLG कॉलेज (मेरठ यूनिवर्सिटी) से B.Ed किया.
  • B.Ed करने के बाद मायावती दिल्ली के इंद्रपुरी जेजे कॉलोनी के स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य करने लगीं. इसके साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षाओं की तैयारी करने लगी .
  • 1983 में मायावती ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली.

कांशी राम की एक मुलाकात ने बदली किस्मत

मायावती की किस्मत में कुछ और ही लिखा हुआ था. बात 1977 की है. मायावती के घर दलित नेता कांशीराम आए. कांशी राम ने मायावती से पूछा कि आप क्या कर रही हो? आगे क्या करना चाहती हो? मायावती ने बोला वो इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज में जाना चाहती हूं.

यह सुनकर काशीराम बोले,”मैं तुम्हें इतना बड़ा नेता बना सकता हूं कि एक दिन एक नहीं बल्कि कई आईएएस ऑफिसर तुम्हारे सामने पंक्ति बनाकर तुम्हारे आदेश का इंतजार करेंगे!” 

1977 में काशीराम से वह मुलाकात मायावती के जीवन का टर्निग प्वाइंट साबित हुआ. उन्होंने राजनीति में आने का फैसला कर लिया. जब कांशीराम ने 1984 में दलितों व वंचितो के उत्थान के लिए बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की तो उन्होंने मायावती को अपनी कोर टीम में शामिल कर लिया.

मायावती का राजनीतिक सफर

1989: मायावती पहली बार बिजनौर लोकसभा (सु) (उत्तर प्रदेश) से निर्वाचित हुई.
1994: पहली बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई.
1995: मायावती ने इतिहास रच दिया. वो देश की प्रथम दलित महिला मुख्यमंत्री के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

मायावती चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं

पहली बार: 3 जून 1995 से 18 अक्टूबर 1995 तक.
दूसरी बार: 21 मार्च 1997 से लेकर 20 सितंबर 1997 तक.
तीसरी बार: 3 मई 2002 से लेकर 26 अगस्त 2003 तक.
चौथी बार: 13 मई 2007 से लेकर 6 मार्च 2012 तक.

1995 में मायावती बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख बनी.

📌1993 में कांशी राम ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया. मायावती 1995 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी. मायावती देश की पहली महिला दलित मुख्यमंत्री थी.📌

आसान नहीं रहा लोकसभा पहुंचना

1989 में बिजनौर से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने से पहले मायावती ने तीन और चुनाव लड़े थे. इन चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. सबसे पहला चुनाव उन्होंने 1984 में मुजफ्फरनगर के जिले के कैराना लोकसभा सीट से लड़ा था. 1985 में वह बिजनौर से और 1987 में हरिद्वार से लड़ा. लेकिन सफलता उन्हें 1989 में मिली जब वह बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से 8879 वोटों से जीतीं.15 दिसंबर 2001 को कांशी राम ने मायावती को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी चुना.

एक कुशल प्रशासक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल कुशल प्रशासन और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जाना जाता है. इस बात के लिए उनके विरोधी भी उनकी प्रशंसा करते हैं.

“बात 2007 की है . मायावती के पार्टी बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक उमाकांत यादव ने किसी का जमीन हड़प लिया था. जब मायावती को इस बात का पता चला तो उन्होंने यह जानते हुए भी कि विधायक उनकी पार्टी का है इस मसले को नरमी से नहीं लिया. उन्होंने उमाकांत यादव के गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए और उमाकांत यादव को गिरफ्तार कर लिया गया”

कुछ आंकड़े 

  • मायावती के कार्यकाल में कई बड़े-बड़े अपराधियों और माफिया डॉन को जेल में डाल दिया गया.
  • मायावती बलात्कार के विरुद्ध कड़े कानून का समर्थन करती रही हैं .
  • पिछली सरकारों के तुलना में मायावती के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में कम दंगे, सबसे कम बलात्कार, अपराध और भ्रष्टाचार हुए.
  • मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा 17 % जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल किया था .

मायावती के मुख्यमंत्री काल में लिए गए  महत्वपूर्ण फैसले

पहला कार्यकाल (1995)
मायावती का मुख्यमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल 3 जून 1995 से लेकर 18 अक्टूबर 1995 तक ही रहा यानी कि केवल 138 दिन. इसी कार्यकाल के दौरान मायावती ने 2 नए जिले अंबेडकर नगर और उधम सिंह नगर का गठन किया.

दूसरा कार्यकाल 1997
अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान मायावती ने हजारों भूमिहीन लोगों को लीज पर जमीन दिया. अप्रैल 1997 में मायावती ने 5 नए जिलों का गठन किया. गौतम बुध नगर )(गाजियाबाद से अलग करके).
कौशांबी (इलाहाबाद से अलग करके).ज्योतिबा फुले नगर (मुरादाबाद से अलग अलग करके).छत्रपति शाहूजी महाराज नगर (बांदा जिले से अलग करके).

अपने इसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने 1997 में 127 ऑफिसर्स को निलंबित कर दिया था.

तीसरा कार्यकाल 2002: अपने तीसरे कार्यकाल (2002 से 2003) के दौरान मायावती ने छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी की शुरुआत की और 501 एकड़ वाला गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी की शुरुआत किया.

मायावती किस जाति की है?

2006 में काशीराम की मृत्यु के बाद मायावती ने कहा था कि वह और कांशी राम बौद्ध परंपराओं को मानते हैं.

जब देश में ऐसे राजनीतिक परिस्थितियां उत्पन्न हो जाएँगी और वो केंद्र की सत्ता में आएँगी तो वह आधिकारिक रूप से बौद्ध धर्म को अपना लेंगी.

लेकिन बाद में उन्होंने इस बात से यू टर्न ले लिया.अभी उनका धर्म हिंदू ही है और वे दलित जाति से  है.

मीडिया और जन समुदाय का मायावती के बारे में क्या है कहना

  • 2008 में प्रतिष्ठित फॉर्ब्स मैगजीन ने विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं का सूची जारी किया. इसमें मायावती को 59वें स्थान पर रखा गया.
  • 2009 में अमेरिकन पत्रिका न्यूज़वीकली के आर्टिकल में मायावती को भारत का बराक ओबामा कहा गया और उन्हें भारत के प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में बताया गया.
  • 2007 में टाइम मैगजीन ने मायावती को भारत के 15 प्रभावशाली लोगों में शामिल किया.
  • मायावती अविवाहित हैं और देश के करोड़ों लोगों के लिए एक रोल मॉडल है. उनके समर्थकों ने प्यार से बहन जी कह कर बुलाते हैं.
  • साधारण बैकग्राउंड से राजनीति के शिखर तक का सफर करने वाली मायावती के राजनीतिक कैरियर पर टिप्पणी करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने उन्हें मिरेकल आफ डेमोक्रेसी कहा था.

अगर आपको मायावती का संक्षिप्त जीवन परिचय पढ़कर प्रेरणा मिली हो तो इसे जरूर शेयर करें।


सरकारी नौकरी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले GK/GS और Current Affairs के प्रश्नों की तैयारी यहाँ से करें।

You tube- RBC GK GS

Website-Daily Current Affairs GK/GS QUIZ

Advertisement
Shopping With us and Get Heavy Discount Click Here
 
Disclaimer: Is content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content  को अपने बुद्धी विवेक से समझे। jankaritoday.com, content में लिखी सत्यता को प्रमाणित नही करता। अगर आपको कोई आपत्ति है तो हमें लिखें , ताकि हम सुधार कर सके। हमारा Mail ID है jankaritoday@gmail.com. अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो कमेंट करें, लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद Read Legal Disclaimer 
 

Leave a Reply