Ranjeet Bhartiya 14/10/2019

ललितपुर, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. यह जिला बुंदेलखंड क्षेत्र के पहाड़ी हिस्से में आता है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम छोर पर स्थित यह जिला झांसी प्रमंडल के अंतर्गत आता है. ललितपुर शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला अपने गौरवशाली इतिहास, प्राचीन मंदिरों, पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों, सांस्कृतिक विरासत, डैम और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए प्रसिद्ध है. जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं ललितपुर जिले की पूरी जानकारी.

संक्षिप्त इतिहास

इस जिले का  इतिहास अति प्राचीन है. इसका उल्लेख यज्ञ पुराण, विष्णु पुराण और वराह पुराण में किया गया है. लगभग 5000 साल पुराने इस शहर का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है.

नामकरण

जिले का नाम इससे के मुख्यालय शहर पर रखा गया है. ऐसा माना जाता है कि इस शहर की स्थापना डेक्कन से आए राजा सुमेर सिंह ने किया था. उन्होंने अपनी पत्नी ललिता के नाम पर इस शहर का नाम रखा ललितपुर रखा.

ललितपुर जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ललितपुर झांसी जिले का हिस्सा (सबडिवीजन) हुआ करता था. 1 मार्च 1974 को इसे झांसी जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

ललितपुर जिले की भौगोलिक स्थिति

ललितपुर जिला मैप

बाउंड्री (चौहद्दी)

यह जिला  तीन तरफ से मध्यप्रदेश से घिरा हुआ है. यह जिला कुल 6 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-झांसी जिला
दक्षिण में-मध्यप्रदेश का सागर जिला
पूरब में-मध्य प्रदेश का टीकमगढ़ जिला और छतरपुर जिला
पश्चिम में-मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला और अशोकनगर जिला

समुद्र तल से ऊंचाई

जिले का सामान्य ढलान उत्तर दिशा की ओर है. ललितपुर समुद्र तल से लगभग 300-400 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल

इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5039 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:

बेतवा नदी जिले के उत्तरी सीमा का निर्माण करती है और इसे झांसी से अलग करती है. बेतवा नदी जिले की पश्चिमी सीमा पर बहती और इसे मध्य प्रदेश से अलग करती है. नरेन नदी जिले के दक्षिणी सीमा का निर्माण करती है. जामनी नदी जिले के उत्तरी-पूर्वी सीमा पर बहती है. धसान नदी जिले के दक्षिण-पूर्वी सीमा का निर्माण करती है. जिले के प्रमुख नदियां हैं: बेतवा, जामनी,सजनाम, नरेन, शहजाद, चक्र और धसान.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

ललितपुर जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, ज्वार, मक्का, धान, दलहन (उड़द, मूंग, चना, मटर और मसूर), तिलहन (सरसों और तिल), सोयाबीन, मूंगफली और सब्जियां.

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, सूअर, बकरी, भेड़ और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

जिले का 15% भूभाग वनों से आच्छादित है.
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: ढाक, खैर, चिरौंजी, महुआ, तेंदू, सागौन, बांस और औषधीय वनस्पति. यहाँ  पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: लकड़ी, गोंद, शहद, बीड़ी बनाने के लिए तेंदू के पत्ते और कागज बनाने के लिए बांस.

खनिज

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: कंक्रीट पत्थर, ग्रेनाइट स्टोन, रॉक फास्फेट, गौरा पत्थर (Soap Stone), पैराफेलिट और डायस्पोर.

उद्योग

खनिज की उपलब्धता के बावजूद यह जिला औद्योगिक औद्योगिकरण की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है. जिले में बड़े उद्योगों का अभाव है.

व्यवसाय

जिले में कृषि उत्पाद, बीड़ी, तेंदू के पत्ते, सुपारी, पान और कृषि औजारों का व्यापार किया जाता है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: झांसी
प्रशासनिक सहूलियत के लिए ललितपुर जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 6 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है:
तालबेहट, ललितपुर, पाली, महरौनी और मडावरा.

विकासखंड (प्रखंड):
ललितपुर जिले को कुल 6 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-तालबेहट, जखौरा, बिरधा, बार, महरौनी और मडावरा.

पुलिस थानों की संख्या: 15
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 1
नगर पंचायतों की संख्या: 3
ग्राम पंचायतों की संख्या: 340
गांवों की संख्या: 752

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, झांसी

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2
इस जिले के अंतर्गत कुल 2 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: ललितपुर और महरौनी.

ललितपुर जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 12.22 लाख
पुरुष: 6.41 लाख
महिला: 5.80 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 24.94%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 242
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.61%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 906

औसत साक्षरता: 63.52%
पुरुष साक्षरता: 74.98%
महिला साक्षरता: 50.84%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 14.36%
ग्रामीण जनसंख्या: 85.64%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ललितपुर एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 95.27% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 2.76% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.11%, सिख 0.08%, बौद्ध 0.01% और जैन 1.67% हैं.

भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, बुंदेली और उर्दू

ललितपुर जिले में आकर्षक स्थल

इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

राजघाट बांध

बेतवा नदी पर बना यह डैम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है. लगभग 44 मीटर ऊंचे और 11.2 किलोमीटर लंबे इस बांध की आधारशिला पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1971 में रखा था.

देवगढ़

पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह स्थल  जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर बेतवा नदी के तट पर स्थित है. यह गुप्तकालीन तथा चंदेलकालीन प्राचीन जैन और हिंदू मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है . गुप्त, गुर्जर,परिहार, गोंड मुगल, बुंदेल और मराठा राजवंश के ऐतिहासिक स्मारक और किले यहां के मुख्य आकर्षण हैं.

दशावतार मंदिर

भगवान विष्णु को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर  जिले के देवगढ़ में स्थित है. गुप्तकालीन इस मंदिर को उत्तर भारत का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है. यहां का मुख्यमंत्री 4 सहायक मंदिरों के मध्य में स्थित है. यह मंदिर उत्तर भारत का सबसे प्रथम पंचायतन मंदिर है. यहां आप भगवान विष्णु के 10 अवतारों का दर्शन कर सकते हैं.

मुचुकुन्द की गुफाएं/रणछोड़ धाम मंदिर

भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित यह प्राचीन मंदिर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर बेतवा नदी के किनारे स्थित है. ललितपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर जाखलौन थाना अंतर्गत धौर्रा के नजदीक स्थित इस मंदिर के बारे में पौराणिक मान्यता है कि इसी स्थान पर राक्षस कालयवन का वध हुआ था.

नीलकंठेश्वर मंदिर, पाली

भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर ललितपुर रेलवे स्टेशन से से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण में पाली कस्बे में स्थित है. इस मंदिर में भगवान शिव की काले पत्थर से बनी हुई अद्भुत त्रिमुखी प्रतिमा स्थापित है जिसका निर्माण 10वीं सदी में चंदेल राजाओं ने करवाया था.

माताटीला बांध

यह खूबसूरत डैम ललितपुर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

महावीर स्वामी अभयारण्य

5 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह खूबसूरत अभयारण्य ललितपुर जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर, बेतवा नदी के किनारे, देवगढ़ में स्थित है. इसकी स्थापना 1977 में की गई थी. यहां आप विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों की पर जातियों को देख सकते हैं.

देवगढ़ तीर्थ/ जैन मंदिर

देवगढ़ किले के अंदर बने 31 जैन मंदिर जैन धर्मावलंबियों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं. जैन तीर्थंकर शांतिनाथ को समर्पित मंदिर यहां का सबसे मुख्य आकर्षण है.

तालबेहट किला

झांसी-ललितपुर रोड पर स्थित इस ऐतिहासिक किले का निर्माण 1850 में राजा मर्दन सिंह ने करवाया था.

सिरोन खुर्द

पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल पर आप गुप्तकालीन हिंदू और जैन मंदिरों के अवशेष देख सकते हैं.

ललितपुर कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

ललितपुर जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं हैं. निकटतम हवाई अड्डा: खजुराहो एयरपोर्ट (Code: HJR). यह एयरपोर्ट ललितपुर से लगभग 202 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है. दूसरा नजदीकी एयरपोर्ट: ग्वालियर एयरपोर्ट (Code: GWL).
यह हवाई अड्डा ललितपुर से लगभग 213 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित है.

रेल मार्ग

ललितपुर रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: ललितपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: LAR) और जाखलौन रेलवे स्टेशन (Code: JLN).

सड़क मार्ग

ललितपुर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 26 (NH 26) जिले से होकर गुजरती है.

ललितपुर जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 67वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 32वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 54वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: महरौनी (266).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: तालबेहट (162)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 61.

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