Sarvan Kumar 11/05/2019
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 25/09/2019 by Sarvan Kumar

लोहरदगा भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक जिला है. झारखंड के पश्चिमी भाग में स्थित यह जिला दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. लोहरदगा शहर, जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. लोहरदगा जिला ब्लॉक लिस्ट क्या है? कितनी जनसंख्याा है? लोहरदगा जिले की पूरी जानकारी.

लोहरदगा जिला कब बना था

एक स्वतंत्र जिला के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ये रांची जिले का हिस्सा हुआ करता था. 16 मई 1983 को इसे रांची जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

लोहरदगा जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – लातेहार जिला
दक्षिण में – गुमला जिला
पूरब में- रांची जिला
पश्चिम में – गुमला जिला
समुद्र तल से ऊंचाई :
लोहरदगा शहर समुद्र तल से लगभग 647 मीटर (लगभग 2123 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1502 वर्ग किलोमीटर है.

 जिले की प्रमुख नदियां : उत्तरी कोयल, दक्षिणी कोयल और शंख.

अर्थव्यवस्था- कृषि, उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, वन, पशुपालन, खनिज उद्योग और व्यव्साय पर आधारित है.

कृषि : इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, बाजरा, गेहूं, दलहन और तिलहन.
वन:  जिले का एक बड़ा हिस्सा (एक तिहाई) वनों से आच्छादित है. इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: महुआ, साल, लाह, केंदू , बांस और साल.
पशुपालन: पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का एक जरिया है.लेकिन जिले के पशुधन की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और उनकी उत्पादन उत्पादन क्षमता कम है.

खनिज:  जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: लेटराइट और बॉक्साइट.

उद्योगः  जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: बॉक्साइट खनन उद्योग, एलुमिनियम उद्योग और लाह फैक्ट्री.

व्यवसायः ये जिला दलहन, तिलहन, अनाज, लाह और सब्जियों का व्यापार केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: दक्षिणी छोटानागपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए  जिले को 1 अनुमंडल और 7 प्रखंडों में बांटा गया है.
अनुमंडल:  जिले के अंतर्गत केवल एक अनुमंडल आता है- लोहरदगा.

प्रखंड:  जिले को कुल 7 प्रखंडों में बांटा गया है लोहरदगा, सेन्हा, भंडरा, कैरो, कुड़ू, किस्को और पेशरार.
पुलिस थानों की संख्या : 12

शहरी निकायों की संख्या : 1, लोहरदगा ग्राम पंचायतों की संख्या: 66
कुल गांवों की संख्या: 353
निर्वाचन क्षेत्र लोक सभा : 1, लोहरदगा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र.
इस लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पूरा गुमला जिला, पूरा लोहरदगा जिला तथा रांची जिला का जिले के कुछ हिस्सा आता है.

विधानसभा:  जिले के अंतर्गत केवल 1 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आता है: लोहरदगा.

लोहरदगा जिले की भौगोलिक स्थिति 

जनसांख्यिकी 2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार  जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 4.62 लाख
पुरुष : 2.32 लाख
महिला: 2.29 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 26.68%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 307
झारखंड की जनसंख्या में अनुपात: 1.40%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 985
औसत साक्षरता: 67.61%
पुरुष साक्षरता : 77.41%
महिला साक्षरता: 57.69%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 12.43%
ग्रामीण जनसंख्या: 87.57%

लोहरदगा जिले की रिलिजन (धर्म)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले में हिंदू 24.34%, मुस्लिम 20.57%, ईसाई 3.63%, सिख 0.01%, और बौद्ध 0.01% है. अन्य धर्म मानने वालों की संख्या 51.01% है.
भाषाएं:  लोहरदगा जिले में बोली जाने वाली मुख्य भाषाएं हैं: हिंदी और नागपुरी.

लोहरदगा जिले में आकर्षक स्थल

अखिलेश्वर धाम मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर  जिला मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर भंडरा प्रखंड में स्थित है. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से यहां भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.

प्राचीन शिव मंदिर

पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर  जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है.

लावापानी जलप्रपात

जिला मुख्यालय से लगभग 52 किलोमीटर की दूरी पर पेशरार प्रखंड में स्थित यह सुंदर जलप्रपात जिले का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल तथा पिकनिक स्पॉट है.

लोहरदगा  कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची (Code: IXR) यह हवाई अड्डा लोहरदगा से लगभग 77 किलोमीटर की दूरी पर झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है.
रेल मार्ग
लोहरदगा, रेल मार्ग से झारखंड की राजधानी रांची तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन : लोहरदगा स्टेशन (Station Code: LAD)
सड़क मार्ग
ये जिला , सड़क मार्ग से झारखंड राज्य और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. नेशनल हाईवे 43, नेशनल हाईवे 39 और नेशनल हाईवे 143A लोहरदगा से होकर गुजरती है.
यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

लोहरदगा जिले के  कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से  झारखंड का 24वां स्थान है और यह झारखंड का सबसे कम आबादी वाला जिला है.
2. क्षेत्रफल की दृष्टि से  झारखंड का 22वां बड़ा जिला है.
3. जनसंख्या घनत्व के मामले में  झारखंड में 17वां स्थान है.
4. लैंगिक अनुपात के मामले में  झारखंड में छठा स्थान है.
5. सेन्हा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव सेन्हा लोहरदगा जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है.
6. सबसे ज्यादा गांव वाला प्रखंड: पेशरार (74)
7. सबसे कम गांव वाला प्रखंड : कैरो (26)
8. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा गांव:
किस्को प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव पाखर (क्षेत्रफल -लगभग 3325.12 हेक्टेयर).
9. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे छोटा गांव:
पेशरार प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव केराडीह. (क्षेत्रफल- 21.19 हेक्टेयर).

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