Sarvan Kumar 07/05/2019
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 25/09/2019 by Sarvan Kumar

सरायकेला-खरसावां भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक जिला है. झारखंड के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित यह जिला कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत आता है. सरायकेला खरसावां शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. जिले में कितने ब्लाक है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं सरायकेला खरसावां जिले की पूरी जानकारी

सरायकेला खरसावां जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिला के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ये जिला   पश्चिमी सिंहभूम जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1 अप्रैल 2001 को इसे पश्चिमी सिंहभूम जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

सरायकेला खरसावां जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – रांची जिला और पश्चिम बंगाल का पुरुलिया जिला
दक्षिण में – पश्चिमी सिंहभूम जिला और उड़ीसा का मयूरभंज जिला
पूरब में- पूर्वी सिंहभूम जिला
पश्चिम में – रांची, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिला

समुद्र तल से ऊंचाई :
ये जिला  समुद्र तल से लगभग 244 मीटर (800 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2657 वर्ग किलोमीटर है.

इस जिले की प्रमुख नदियां : स्वर्णरेखा और घर खड़कई

अर्थव्यवस्था- कृषि उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, खनिज, उद्योग और व्यवसाय परपर आधारित है.

कृषि
इस जिले  की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, तिलहन, और सब्जियां ( फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर , मूली ,गाजर , इत्यादि).

खनिज
यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: लाइमस्टोन और चाइना क्ले.

उद्योग
इस जिले  में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: स्टोन क्रेशर.

व्यवसाय
ये जिला  खनिज, वन उत्पाद, टिंबर, बांस और बीड़ी का व्यापार केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: कोल्हान
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले  को 2 अनुमंडलों और 9 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल:
सरायकेला-खरसावां जिले को कुल 2 अनुमंडलों में बांटा गया है: सरायकेला और चांडिल.

प्रखंड
सरायकेला-खरसावां जिले को कुल 9 प्रखंडों में बांटा गया है: सरायकेला, खरसावां, गोविंदपुर (राजनगर), आदित्यपुर (गम्हरिया), कुचाई, चांडिल, नीमडीह, कुकड़ू और ईचागढ़

ग्राम पंचायतों की संख्या: 132
कुल गांवों की संख्या: 1148

निर्वाचन क्षेत्र
लोक सभा : सरायकेला-खरसावां तीन लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है -रांची, सिंहभूम और खूंटी

विधानसभा
सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत कुल 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: ईचागढ़, सरायकेला और खरसावां.

सरायकेला-खरसावां जिले की (डेमोग्राफीक्स) जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 10.65 लाख
पुरुष : 5.44 लाख
महिला: 5.20 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 25.47%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 401
झारखंड की जनसंख्या में अनुपात: 3.23%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 956

औसत साक्षरता: 67.70%
पुरुष साक्षरता : 79.03%
महिला साक्षरता: 55.88%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 24.29%
ग्रामीण जनसंख्या: 75.71%

सरायकेला-खरसावां जिले की रिलिजन ( धर्म)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये जिला  एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 66.57% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 5.97% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.76%, सिख 0.10%, बौद्ध 0.02% हैं, जैन 0.01% जबकि अन्य 26.33% हैं.

भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली मुख्य भाषाएं हैं: हिंदी, उर्दू, बंगाली, नागपुरी, उड़िया और संथाली, इत्यादि.

सरायकेला खरसावां जिले में आकर्षक स्थल

जायदा शिव मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर  चांडिल प्रखंड में स्वर्णरेखा नदी के तट पर स्थित है. यह मंदिर पूरे झारखंड राज्य में प्रसिद्ध है. सावन के महीने में दूर दूर से श्रद्धालु यहां भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आते हैं.

चांडिल डैम

स्वर्णरेखा नदी पर बना लगभग 220 मीटर ऊंचा बांध जिले का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है. यहां आप प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ नौकायन का आनंद ले सकते हैं .

दलमा टॉप

मुद्र तल से लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर यह सुंदर पर्यटन  चांडिल प्रखंड में स्थित है.

सरायकेला खरसावां कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

निकटतम हवाई अड्डा: सोनारी हवाई अड्डा, जमशेदपुर (Code: IXW). यह हवाई जिला मुख्यालय से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर जमशेदपुर में स्थित है.

दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची (Code: IXR) .
यह हवाई अड्डा जिला मुख्यालय  से लगभग 117 किलोमीटर की दूरी पर झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से ये जिला  झारखंड की राजधानी रांची तथा देश के विभिन्न भावों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.
नजदीकी रेलवे स्टेशन : सिनी जंक्शन रेलवे स्टेशन (SINI) और टाटानगर जंक्शन,जमशेदपुर (TATA).

सड़क मार्ग
सड़कों के नेटवर्क के माध्यम से ये जिला  झारखंड राज्य और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

सरायकेला-खरसावां जिले के बारे में कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से  झारखंड का 14वां बड़ा जिला है.

2. क्षेत्रफल की दृष्टि से  झारखंड का 14वां बड़ा जिला है.

3. जनसंख्या घनत्व के मामले में जिले का झारखंड में 14वां स्थान है.

4. लैंगिक अनुपात के मामले में जिले का झारखंड में 9वां स्थान है.

5. तामार गांव सरायकेला-खरसावां जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है.

6. सबसे ज्यादा गांव वाला प्रखंड: गोविंदपुर “राजनगर” (254)

7. सबसे कम गांव वाला प्रखंड : कुकड़ू (46)

8. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा गांव:
कुचाई प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव बरुहातु (क्षेत्रफल -लगभग 2071 हेक्टेयर).

9. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे छोटा गांव:
नयाडीह (क्षेत्रफल- 4 हेक्टेयर).

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