Ranjeet Bhartiya 15/08/2019

सिद्धार्थनगर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में आने वाला यह जिला बस्ती प्रमंडल के अंतर्गत आता है. नौगढ़ शहर, सिद्धार्थनगर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला  धार्मिक दृष्टिकोण से बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है. जिला मुख्यालय नौगढ़ से लगभग 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित पिपरहवा की पहचान प्राचीन कपिलवस्तु के रूप में की गई है. कई इतिहासकारों का मत है कि पिपरहवा ही भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली है.सिद्धार्थनगर जिले में कितने गांव हैं? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं सिद्धार्थनगर जिले की पूरीजानकारी.

नामकरण

भगवान गौतम बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ पर जिले का नाम सिद्धार्थनगर रखा गया है.

गठन/संक्षिप्त इतिहास

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले सिद्धार्थनगर बस्ती जिले का हिस्सा हुआ करता था. 29 दिसंबर 1988 को इसे बस्ती जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

सिद्धार्थनगर जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
सिद्धार्थनगर जिले की सीमा नेपाल से लगती है.
उत्तर में-नेपाल
दक्षिण में-बस्ती जिला और संत कबीर नगर जिला
पूरब में-महाराजगंज जिला
पश्चिम में-बलरामपुर जिला और गोंडा जिला.

समुद्र तल से ऊंचाई
सिद्धार्थनगर जिला, शहर समुद्र तल से लगभग 290 फीट (88.4 मीटर) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
सिद्धार्थनगर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2895 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कुआनो, आमी और बानगंगा.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

सिद्धार्थनगर जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

सिद्धार्थनगर जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, मक्का, जौ, दलहन (मसूर, चना, मटर और अरहर), तिलहन, गन्ना, तंबाकू, आलू और सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद और केला.

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से प्रचुर मात्रा में विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: साल, आम, महुआ और बांस.

खनिज

सिद्धार्थनगर जिला खनिज से समृद्ध नहीं है.जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू और कंकर.

उद्योग

सिद्धार्थनगर जिले में बड़े औद्योगिक इकाइयों का अभाव है और यह जिला औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में से एक है. हस्तशिल्प उद्योग का जिले की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है.
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: हस्तशिल्प, उद्योग लघु उद्योग और कुटीर उद्योग.

व्यवसाय

सिद्धार्थनगर जिला कृषि उत्पादों, तंबाकू उत्पादों, आटा, मच्छरदानी, खाद्य तेल, इत्र, फर्नीचर, चीनी, हथकरघा और शिल्प उत्पादों का व्यापार केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: बस्ती
प्रशासनिक सहूलियत के लिए सिद्धार्थनगर जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 14 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
सिद्धार्थनगर जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है: नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा और डुमरियागंज.

विकासखंड (प्रखंड):

सिद्धार्थनगर जिले को कुल 14 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-लोटन, बर्डपुर, उसका बाजार, नौगढ़, शोहरतगढ़, खेसरहा, मिठवल, बांसी, जोगिया, बढ़नी बाजार, इटवा, खुनियांव, भनवापुर और डुमरियागंज.

पुलिस थानों की संख्या: 18
नगर पालिकाओं परिषदों की संख्या: 2
नगर पंचायतों की संख्या: 4
कुल गांवों की संख्या: 2545

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, डुमरियागंज

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 5
सिद्धार्थनगर जिले के अंतर्गत कुल 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: डुमरियागंज, शोहरतगढ़, कपिलवस्तु, बांसी और इटवा.

सिद्धार्थनगर जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 25.59 लाख
पुरुष: 12.95 लाख
महिला: 12.64 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 25.45%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 884
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.28%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 976

औसत साक्षरता: 59.25%
पुरुष साक्षरता: 70.92%
महिला साक्षरता: 47.41%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 6.28%
ग्रामीण जनसंख्या: 93.72%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, सिद्धार्थनगर एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 69.93% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 29.23% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.12%, सिख 0.03%, बौद्ध 0.47%, जैन 0.01% और अन्य 0.01% हैं.

भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, भोजपुरी, अवधी और उर्दू.

सिद्धार्थनगर जिले में पर्यटन स्थल

सिद्धार्थनगर जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

पिपरहवा स्तूप

बौद्ध कालीन अमूल्य ऐतिहासिक धरोहरों को समेटा यह स्थल नौगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर बर्ड ब्लॉक में स्थित है. पिपरहवा के नजदीक ही भगवान गौतम बुद्ध के पिता शुद्धोधन की राजधानी थी. इस पुरातात्विक स्थल पर खुदाई के दौरान एक विशाल स्तूप और मठों के खंडहर तथा अवशेष पाए गए.

भारत भारी मंदिर

भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर नौगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर तथा बढ़नी रेलवे स्टेशन से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर डुमरियागंज ब्लाक में स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण भगवान श्री राम के भाई भरत ने करवाया था. संजीवनी बूटी  ले जा रहे  हनुमान जी को  भरत ने शत्रु समझ कर  इसी जगह पर बाण मारा था. जब  हनुमान जी नीचे गिरे तो वहां विशाल सरोवर बन गया।

जोगमाया मंदिर

चमत्कारिक शक्तियों के लिए विख्यात माता जोगमाया को समर्पित यह प्राचीन मंदिर नौगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर जोगिया प्रखंड में स्थित है.

सिद्धार्थनगर कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
सिद्धार्थनगर जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है.यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (Code: GOP).
यह हवाई अड्डा नौगढ़ से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर में स्थित है.

रेल मार्ग

सिद्धार्थनगर रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.निकटतम रेलवे स्टेशन: नौगढ़ रेलवे स्टेशन (Code: NUH) और शोहरतगढ़ रेलवे स्टेशन (Code: SOT),

सड़क मार्ग

सिद्धार्थनगर सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित सरकारी और प्राइवेट बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

सिद्धार्थनगर जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 36वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 8वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 63वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: बांसी (707).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: शोहरतगढ़ (351)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 169.

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