Ranjeet Bhartiya 20/03/2020
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 20/03/2020 by Sarvan Kumar

7 साल से भी अधिक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार निर्भया के दोषियों को उनके अंतिम अंजाम अंजाम तक पहुंचा दिया गया. 20 मार्च, 5:30 बजे सुबह निर्भया के चारों दोषियों को दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई. निर्भया को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में एक शख्स हमेशा निर्भया के परिवार के साथ खड़ा रहा उसका नाम है- एडवोकेट सीमा समृद्धि कुशवाहा.

आरोपियों की फांसी के बाद निर्भया की मां ने सबसे पहले सीमा कुशवाहा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके बिना यह संभव नहीं था. दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचा कर निर्भया को न्याय दिलाने के लिए लोग सीमा कुशवाहा को धन्यवाद दे रहे.

निर्भया के गुनाहगारों को फांसी दिए जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए सीमा कुशवाहा ने कहा कि खुशी की बात तब होती जब हम निर्भया को बचा पाते. हम निर्भया को नहीं बचा पाए. लेकिन आज इस बात से संतुष्टि है कि हम निर्भया को न्याय दिला पाए. एक और बात कहूंगी देश की और भी बेटियां जिनके साथ निर्भया जैसा ही अपराध हुआ है. वह भी इंतजार कर रही हैं. इसीलिए जो भी मीडिया हाउस हैं उनकी जिम्मेदारी बनती है कि उनके केस को भी उठाए. जो भी सिस्टम है वह देश की सारी बेटियों के लिए उपलब्ध होना चाहिए.

निर्भया के दोषियों के वकील ए पी सिंह की आलोचना करते हुए सीमा कुशवाहा ने कहा कि किस तरह के वकील है, इस तरह का व्यक्तित्व और माइंडसेट वाला व्यक्ति वकालत के पेशे के लिए स्वीकार्य नहीं है.

सीमा समृद्धि कुशवाहा कौन हैं?

1. सीमा कुशवाहा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की रहने वाली हैं.
2. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है.
3. वकालत की पढ़ाई करने से पहले वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही थीं.
3.12 दिसंबर 2012 को जब निर्भया के साथ दिल्ली में गैंगरेप की घटना हुई उस समय सीमा कुशवाहा दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रेनिंग कर रही थी.
4. 2012 के दिसंबर में जब निर्भया के साथ यह घटना घटी तब सीमा कुशवाहा भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल थीं.
5. निर्भया के साथ हुए अमानवीय घटना ने सीमा कुशवाहा को झकझोर के रख दिया था. उन्होंने संकल्प लिया था कि वह निर्भया के गुनाहगारों को कठोर से कठोर सजा दिलवाकर निर्भया को न्याय दिलवा कर रहेंगी.
5. दिलचस्प बात यह है कि निर्भया गैंगरेप केस सीमा कुशवाहा की जिंदगी का पहला केस था.
6. 7 साल 3 महीने से ज्यादा समय तक चले इस कानूनी लड़ाई को सीमा कुशवाहा ने एक भी पैसा नहीं लिया.
7. निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक सीमा कुशवाहा निर्भया के दोषियों को फांसी के तख्ते तक पहुंचाने के लिए लगातार लड़ती रहीं.
8. कोर्ट के बाहर भी सीमा कुशवाहा ने पीड़िता के परिवार का दुख-सुख में साथ दिया. इस कानूनी लड़ाई में कई उतार-चढ़ाव आए. आरोपियों के वकील एपी सिंह ने आरोपियों को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ा. उन्होंने कानून का हर दाव अपनाया. जब भी आरोपियों की फांसी टली तो निर्भया के परिवार के साथ साथ सीमा कुशवाहा के आंखों में भी आंसू आए. इस लंबी लड़ाई को लड़ते-लड़ते सीमा कुशवाहा का निर्भया के परिवार से एक भावनात्मक रिश्ता बन गया है.
9. वर्तमान में सीमा कुशवाहा सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं. साथ ही वह बलात्कार पीड़ितों के लिए मुफ्त में केस लड़ने वाली संस्था ज्योति लीगल ट्रस्ट से जुड़ी हैं.

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