Last Updated on 28/06/2023 by Sarvan Kumar
आप जब किसी के घर जाते हैं तो वहां आप एक मूर्ति देखते होंगे। यह मूर्ति आपको हंसते हुए दिखाई देते होंगे। सामान्यतः गोल्डन रंग की यह मूर्ति अलग-अलग रूप में होते हैं, कभी बैठे हुए मुद्रा में, कभी दोनों हाथ उठाकर हाथ में टोकरी लिए हुए, कभी हाथों में पोटली, माला इत्यादि लिए हुए। इन सब रूपों में जो एक बात समान है वह यह है कि यह मूर्ति आपको हंसते हुए दिखाई देते होंगे इस मूर्ति को लाफिंग बुद्धा कहा जाता है।
लोगों में ऐसी मान्यता है कि यह मूर्ति सुख- समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। आइए जानते हैं लाफिंग बुद्धा कौन थे और ऊनका यह नाम क्यों पड़ा। चीन में एक शब्द है फेंगशुई इसका मतलब वही होता है जो भारत में वास्तु शास्त्र का होता है। घर में लाफिंग बुद्धा रखना फेंगशुई के हिसाब से शुभ माना जाता है। चीनी लोग लाफिंग बुद्धा को धन का देवता मानते हैं जैसे हम यहां कुबेर को मांगते हैं।
कौन थे लाफिंग बुद्धा ?
लाफिंग बुद्धा का असली नाम होतोई है। होतोई जापान के रहने वाले थे, कहते हैं जब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई तो वह जोर-जोर से हंसने लगे। एक बौद्ध भिक्षु के रूप में वह दूसरों को भी हंसाने और खुश रखने का मकसद बना लिया। होतोई जहां भी जाते खुद भी हंसते और दूसरों को भी हंसाते। पूरे विश्व में उनके करोड़ों प्रशंसक है लाफिंग बुद्धा के कई रूप हैं हर एक रुप का एक अपना महत्व है।
लाफिंग बुद्धा को वहां पर रखना चाहिए जहां वह घर में किसी व्यक्ति के प्रवेश करने पर दिखाई दे। घर के मुख्य द्वार पर कोने में थोड़ी ऊंचाई पर (लगभग ढाई से 3 फुट) ऊंचे स्टूल पर रखना चाहिए। थैला लिए लाफिंग बुद्धा को आप ऑफिस में रख सकते हैं इससे धन प्राप्ति का फल मिलेगा। बच्चों के साथ बैठे लाफिंग बुद्धा को घर में रखें इसे संतान प्राप्ति का फल मिलेगा।
