Sarvan Kumar 16/11/2018
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 04/12/2018 by Sarvan Kumar

छठ पूजा: साल का कार्तिक महीना ,यह वह महीना है जब मनाया जाता है हिंदुओं के आस्था का महापर्व छठ पूजा। 4 दिन की दिवाली से सजे शहर और गांव स्वागत करता है एक महापर्व की जो पूरे 4 दिन तक मनाया जाता है। जिंदगी जैसे थम सी जाती है।1 साल के बच्चे से लेकर 60 साल के बुजुर्ग तक, सभी के चेहरे खुशी से खिल जाते है।

क्यों लोग मनाते हैं छठ?

दुनिया दो भाग में बटी हुई है- आस्तिक और नास्तिक।आस्तिक समुदाय यह मानता है कि जो भी धरती पर होता है वह भगवान के मर्जी से होता है । जो कुछ भी हमें  चाहिए वह हम भगवान की पूजा करके पा सकते हैं।छठ पूजा भी उन्हीं में से एक है।ज्यादातर उत्तर भारतीय खासकर बिहार के लोगों  द्वारा मनाया जाने वाले इस महापर्व मे लोग सूर्य भगवान और छठ माता की आराधना करते हैं। निसंतान लोग यह व्रत करके संतान पा सकते हैं और जिनको संतान है वह अपने बच्चों के दीर्घायु के लिए वरदान मांग सकते हैं।इसके साथ ही छठ पर्व करने से यश, कीर्ति, धन और आरोग्य भी मिलता है।

सूर्य भगवान का महत्व

इस धरती पर जो कुछ भी जिंदा है वह सूर्य भगवान की वजह से ही जिंदा है। विज्ञान से यह प्रमाणित होता है कि पेड़-पौधे सूर्य की रोशनी का ही प्रयोग करके प्रकाश संश्लेषण विधि द्वारा खाना बनाते हैं। हम तमाम जीव जंतु पेड़-पौधे पर ही आश्रित हैं। ऐसे में सूर्य भगवान की उपासना कर हम उनको ह्रदय से धन्यवाद देते हैं।

कौन हैं छठी मैया?

इस सवाल का सही जवाब देना कठिन है।ठीक-ठाक बता पाना मुश्किल है। कुछ का जिक्र हम यहां नीचे कर रहे हैं।

1.मां कात्यायनी है छठ माता
मां दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं- मां कात्यायनी। मां कात्यायनी की पूजा नवरात्र के छठे दिन की जाती है। उन्हें छठ माई कहा गया है। इन्हें ब्रह्मा की मानस पुत्री भी कहा जाता है। क्योंकि मां कात्यायनी भी निह:संतानों को संतान देती हैं इसीलिए सूर्य भगवान के साथ- साथ इनकी पूजा की जाती है।

2. भगवान सूर्य की पत्नी है छठ माता
जब मैं यह लेख लिख रहा हूं मैंने विकीपीडिया में पढ़ा के छठी माई का नाम उषा है। उषा भगवान सूर्य की छोटी पत्नी हैं।

3. इंटरनेट पर सर्च करेंगे तो कुछ जगह पर छठी माई को सूर्य भगवान की बहन कहा गया है।

कुल मिलाकर इसका उत्तर देना कठिन है। हम आप पाठक से अनुरोध करते हैं, कि अगर कोई और पुख्ता जानकारी मिले की छठी माता कौन हैं, तो आप जरूर कमेंट में लिख कर हमें बताएं।

छठ पूजा

कब मनाया जाता है छठ पर्व?
हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष के षष्ठी मे मनाया जाता है।यह तिथि इंग्लिश कैलेंडर के अनुसार नवंबर के आसपास आता है।

कितने दिनों का होता है छठ पूजा? 

छठ पूजा चार दिनों का होता है

1. पहला दिन: नहाए- खाए
इस दिन व्रती को ज्यादा कुछ नहीं करना होता है.अपने को शुद्ध करने के लिए बस नहा कर खाना होता है।

2. दूसरा दिन- खरना
दूसरे दिन व्रती को उपवास करना होता है। पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए रहना पड़ता है। शुद्धीकरण का शुरुआत जो नहाए खाए के दिन होता है खरना के दिन संपूर्ण होता है।खरना के दिन देवता को रोटी और खीर का भोग लगाया जाता है। व्रती को खुद अपने हाथ से अरवा चावल और गुड़ का खीर बनाना होता है। फल में केला, सेब इत्यादि भी चढ़ाए जाते हैं । खरना के दिन व्रती पहले खुद प्रसाद ग्रहण करती है बाद में घर के बाकी सदस्यों को प्रसाद ग्रहण करना होता है। व्रती के एक बार प्रसाद ग्रहण कर लेने के बाद कुछ भी नहीं खाना पीना होता है।अब वह दूसरे सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर है कुछ खा पी सकते है।

3. तीसरा दिन-छठ पूजा संध्या अर्घ्य 

दूसरा दिन भगवान सूर्य के डूबते हुए स्वरूप की पूजा की जाती है. व्रती पवित्र पानी (तालाब,नदी इत्यादि) में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देती है।

4. चौथा दिन-छठ पूजा उषा अर्घ्य

चौथे दिन भगवान सूर्य के उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।इस तरह से चार दिनों का छठ महापर्व संपन्न होता है।

2019 में छठ पूजा कब है?

2019 में छठ पूजा की तिथि इस प्रकार है।
31 Oct 2019- नहाए- खाए
01 Nov 2019- खरना
02 Nov 2019- छठ पूजा संध्या अर्घ्य
03 Nov 2019- छठ पूजा उषा अर्घ्य

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