Ranjeet Bhartiya 23/12/2024
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Last Updated on 23/12/2024 by Sarvan Kumar

“Bunny, मल्लू अर्जुन, स्टाइलिश स्टार और आइकॉन स्टार” के नाम से मशहूर अल्लू अर्जुन की पहचान अब केवल दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता के रूप में नहीं है। ‌ उनकी गिनती भारत के सबसे मशहूर अभिनेताओं में की जाती है। ‌अपने दशकों के प्रभावशाली करियर के साथ, अपने करिश्माई स्टाइल, बेजोड़ डांस मूव्स‌, स्वैग, स्क्रीन प्रेजेंस‌, अनोखे फैशन सेंस और उनके स्टाइलिश ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व और बहुमुखी अभिनय से उन्होंने पूरे भारत और देश के बाहर भी ख्याति और लोकप्रियता हासिल की है। ‌

अल्लू अर्जुन शानदार एक्टर तो हैं ही, साथ ही भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन डांसर के रूप में भी जाने जाते हैं। “बुट्टा बोम्मा” और “श्रीवल्ली” जैसे गानों में उनके एनर्जेटिक परफॉर्मेंस ने तो दर्शकों को को दीवाना बना दिया और उन्हें उन्हें अत्यधिक प्रतिस्पर्धी तेलुगु फिल्म उद्योग में अलग पहचान दिलाई है।

2021 तक अल्लू अर्जुन की लोकप्रियता मुख्य रूप से तेलुगु भाषी राज्यों तक ही सीमित थी। लेकिन 2021 में रिलीज़ हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म “पुष्पा – द राइज़” ने न केवल बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़े बल्कि भाषाई, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक बाधाओं को भी तोड़ते हुए अल्लू अर्जुन को अपार लोकप्रियता दिलाई और उन्हें एक पैन-इंडिया स्टार के रूप में स्थापित कर लोकप्रियता और प्रसिद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

अल्लू अर्जुन का जन्म 8 अप्रैल, 1982 को चेन्नई (तब मद्रास) में में हुआ था। वह एक प्रभावशाली तेलुगू फिल्म परिवार से आते हैं। उनके पिता अल्लू अरविंद एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हैं।‌ उनके दादा अल्लू रामलिंगैया एक महान हास्य अभिनेता थे, जिन्होंने 1000 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया था।

एक प्रभावशाली फिल्मी परिवार से होने के कारण इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अल्लू अर्जुन का फिल्मों में प्रवेश आसान था। लेकिन एक फिल्मी परिवार से ताल्लुक दीर्घकालिक सफलता और सुपरस्टारडम की गारंटी नहीं है। अल्लू अर्जुन ने आज जो लोकप्रियता, सफलता और शोहरत हासिल की है, वह उनकी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय का नतीजा है।

अल्लू अर्जुन कापू जाति से आते हैं। कापू भूमि-स्वामी कृषकों की एक हिंदू जाति है जो मुख्य रूप से भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में पाई जाती है। इनका इतिहास अत्यंत सिंह गौरवशाली रहा है और इन्हें ऐतिहासिक रूप से ज़मींदारों और योद्धाओं के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। वे विजयनगर साम्राज्य जैसे हिंदू राज्यों में नायक (सैन्य जनरल) के रूप में भी प्रमुख थे।

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