Last Updated on 16/05/2024 by Sarvan Kumar
भारत में इस समय चुनावी माहौल है और चुनाव चल रहे हैं। इस बार यह चुनाव सात चरणों में हो रहा है।क्षइनमें से चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं। चौथे चरण के खत्म होने तक अब तक 339 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है और चुनावी पारा चरम पर पहुंच गया है। कौन सी पार्टी जीतेगी या कौन सी पार्टी हारेगी, इसके बारे में अभी कुछ साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता, लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियां और उनके समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी दावा कर रही है कि इस बार वह 400 सीटें जीतेगी। वहीं कांग्रेस गठबंधन का कहना है कि इस बार बीजेपी की हार होगी। इस बीच प्रशांत किशोर ने अपना आकलन दिया है और बताया है कि इस बार बीजेपी कितनी सीटें जीतेगी। तो आइए जानते हैं कि क्या प्रशांत किशोर के मुताबिक बीजेपी 400 सीटें जीत रही है या ये सिर्फ एक दावा है।
सबसे पहले बात करते हैं विपक्षी पार्टियों की। राहुल गांधी अपनी चुनावी रैलियों में जोर-शोर से कह रहे हैं कि 4 जून को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनने वाले हैं, यानी बीजेपी हार रही है। उनका कहना है कि बीजेपी 150 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। लेकिन बीजेपी कितनी सीटें जीतेगी इसे लेकर कांग्रेस गठबंधन के घटक दलों के बीच कोई तालमेल नहीं दिख रहा है। राहुल गांधी की भविष्यवाणी के उलट अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इस बार बीजेपी 220 से 230 से ज्यादा सीटें नहीं जीत रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी बीजेपी के 400 सीटें जीतने के दावे को खारिज कर रही हैं। उनके मुताबिक बीजेपी 200 से कम सीटें जीत रही है और इंडिया ब्लॉक 300 से ज्यादा सीटें जीतकर केंद्र में अगली सरकार बना रही है।
यहां कुछ पत्रकारों का जिक्र करना भी जरूरी है जो लगातार कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पत्रकार अभिसार शर्मा की मानें तो देश में प्रियंका गांधी की आंधी चल रही है। रवीश कुमार एक वीडियो बनाकर कहते नजर आ रहे हैं कि बीजेपी को प्रियंका से बच के रहना चाहिए। उनके मुताबिक, राहुल गांधी अब पहले जैसे राहुल गांधी नहीं रहे बल्कि वह एक मजबूत नेता बन गए हैं। पुण्य प्रसून बाजपेयी का ये भी कहना है कि देश में प्रियंका गांधी का जलवा है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि प्रियंका गांधी की रैली में भीड़ उमड़ी है। लेकिन ये साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि जुटे लोग कांग्रेस को वोट देंगे या नहीं। आपको याद होगा कि पिछली बार जब उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे तो प्रियंका गांधी ने नारा दिया था, ”लड़की हूं, लड़ सकती हूं।” उन्होंने उत्तर प्रदेश में जोरदार प्रचार भी किया, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस सिर्फ दो सीटें ही जीत पाई। इतना ही नहीं कांग्रेस के वोट शेयर में भी गिरावट देखने को मिली।
आइये जानते हैं कि प्रशांत किशोर का बीजेपी के “अबकी बार 400 पार” पर क्या कहना है। प्रशांत किशोर देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार हैं। उनके अनुसार बीजेपी का नारा “अबकी बार 400 पर का नारा” विपक्षी पार्टियों के लिए एक मनोवैज्ञानिक झटका है। यानी कि बीजेपी एक साइकोलॉजिकल गेम खेल रही है। हालाँकि, राजनीतिक रणनीतिकार ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को एक अलग साक्षात्कार में बताया कि एक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), जिसका नेतृत्व भाजपा कर रही है, “अपने प्रदर्शन में काफी सुधार कर सकता है और पिछले चुनाव के तुलना में इस बार अपनी सीटों की संख्या में 10-20 प्रतिशत सीटें आसानी से जोड़ सकते हैं”। आपको बता दें कि फिलहाल एनडीए गठबंधन के पास लोकसभा में कुल 342 सीटें हैं।
प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि मौजूदा लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को 300 के बीच सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इस आम चुनाव में बीजेपी की सीटों में कोई गिरावट की संभावना नहीं है। प्रशांत किशोर ने उत्तर और पश्चिम में भाजपा के लिए न्यूनतम नुकसान के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में लाभ की भविष्यवाणी की है। उसके अनुसार
दक्षिण और पूर्व में बीजेपी का वोट शेयर और सीटें बढ़ेंगी। उनके मुताबिक बीजेपी के पास करीब 300 सीटें हैं और इसमें कोई सकारात्मक या नकारात्मक बदलाव नहीं दिख रहा है। यानी पिछली बार की तरह इस बार भी एनडीए करीब 340-350 सीटें जीतकर केंद्र में सरकार बनाएगी। प्रशांत किशोर ने बीजेपी के 400 सीटें जीतने के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि इस चुनाव में किसी को 400 सीटें मिलें, ये संभव नहीं है.
•https://www.livemint.com/politics/news/will-bjp-cross-370-mark-in-lok-sabha-elections-prashant-kishore-hints-at-pm-modi-psychological-warfare-11711994063276.html
•https://www.businesstoday.in/india/story/lok-sabha-elections-2024-prashant-kishor-bjp-will-be-in-the-300-range-dont-see-any-meaningful-decline-in-north-west-429501-2024-05-15
