Sarvan Kumar 12/01/2020
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Last Updated on 07/09/2020 by Sarvan Kumar

आप कहीं बैठे होते हैं या किसी काम के सिलसिले में कहीं जा रहे होते हैं, तो आपकी नजर आसमान पर पड़ती है। कभी- कभी आपको आसमान में सफेद लाईन दिखाई देती है। ऐसा तब होता है जब कोई हवाई जहाज आसमान से गुजर रहा होता है।आपके मन में इसको लेकर सवाल उठता हैं, की ऐसा क्यों होता है? आप इसका उत्तर ढूंढने की कोशिश करते हैं पर आपको सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। इस सफेद लाइन को कॉन्ट्रेल( Contrail) कहते हैं ।आइए जानते राॅकेट के पीछे क्यों बनती है सफेद लाइन।

क्या ये सफेद लाइन (contrails) सिर्फ राॅकेट बनाते हैं?

                             Contrails

आम तौर पर ये धारणा होती है की ये सफेद लाइन सिर्फ जेट और राॅकेटस ही बनाती है, पर ये ऐसा नहीं है। ये contrails कोई भी aircraft बना सकती है। आप जिस जहाज में उड़ रहे हाते है (commercial plane) या सैनिक ले जाने वाली millatry plane कोई भी अपने पीछे सफेद लाइन बना सकती है।

Contrails का मतलब क्या होता है?

Contrails वास्तव में दो words से बना होता है एक Condensation और दूसरा trails। Condesation को हिन्दी में संघनन कहते हैं ये एक प्रकिया है जिसमें गैस, द्रव यानि liquid में बदल जाता है। Trails का मतलब है किसी के चलने से पीछे छूटे निशान। एयरक्राफ्ट के पीछे बनने वाली सफेद लाइन के पीछे कुछ ऐसी ही प्रकिया है।

Condesation का कारण बनती है सफेद लाइन(Contrails)

Contrails बनने के पीछे विज्ञान का condensation Process ही है जो की प्लेन के exhaust से निकले गर्म वाष्प (water vapour) को पहले पानी और बाद में बर्फ मे बदल देता है।

काफी उंचाई पर बनता है contrails.

Contrails बनने के लिए उंचाई बहुत जरूरी है ये ऊंचाई 8000 मीटर के आस पास या ज्यादा होना चाहिए। इस उंचाई पर वातावरण का तापमान -40 degree Celsius के आस पास होता है। इतने कम तापमान पर  प्लेन से निकले exhaust में मौजूद पानी के कण ice Crystal में बदल जाते है।

सारे हवाई जहाज क्यो नहीं बनाते सफेद लाइन?

सफेद लाइन कोई भी जहाज बना सकती है इसके लिए दो जरूरी चीजों का होना जरूरी है। ये जरूरी चीजें हैं height और humidity. जो भी जहाज 8000 मीटर के आस पास उंचाई पर उड़ रहा होता है contrails  बनाता है। इसके लिए ये भी जरूरी है की वातावरण का तापमान काफी कम और humidity ज्यादा हो। तापमान और humidity के आधार पर ही पतली , चौड़ी और न दिखने वाली सफेद लाइन बनती है। हवा का तापमान और humidty पर ही निर्भर है की contrails कब तक बनी रहे।

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