Sarvan Kumar 07/08/2018
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 24/08/2020 by Sarvan Kumar

टाइटैनिक समुद्री जहाज के दुखद अंत के बारे में सबको पता है. पर उसकी एक और बहन के साथ हुए दुखद हादसे के बारे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे.

टाइटैनिक की एक और बहन जिसका नाम Britannic था उसका भी अंत टाइटैनिक की तरह ही हुआ था. दरअसल टाइटैनिक के निर्माता ने टाइटैनिक के साथ दो और शिप बनाई थी. ब्रिटिश शिप कंपनी द वाइट स्टार लाइन की जर्मनी की हैम्बर्ग अमेरिका और ब्रिटैन के कनार्ड लाइन से तगड़ी कम्पटीशन थी. कनार्ड के दो बेहतरीन ट्रांस अटलांटिक समुद्री यात्रा द RMS Mauretania तथा RMS Lusitania काफी पोपुलर हो गयी थीं. दोनों ही शिप अपने डिज़ाइन, उम्दा स्पीड लिए जाने जाते थे. टाइटैनिक के निर्माता ने LUXURY के आधार पर टक्कर देनी चाही. इसी सिलसिले में उन्होंने तीन जहाज बनाई.

                                  Britannic

पहली द ओलिंपिक, दूसरी टाइटैनिक और तीसरी  Britannic . इन तीन बहनो की यह एक बड़ी इमोशनल स्टोरी है. इन तीन बहनो में सिर्फ बड़ी बहन ओलिंपिक ही अपनी उम्र तक जी पायी.
द ओलिंपिक ने शान से 1935 तक सर्विस दी और उसके बाद वो रिटायर हो गयी. पर बांकी दो शिप को समुद्र ने असमय ही अपने अथाह पानी में निगल लिया.

टाइटैनिक हादसे के बारे में आप जानते ही होंगे की कैसे 1500 लोग अकाल ही मौत के ग्रास बन गए थे. पर सबसे छोटी द Britannic का अंत भी किसी ऐसे ही हादसे में हो गया था.

Britannic को  फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के तुरंत बाद ही लांच किया गया था. टाइटैनिक के डूब जाने से सीख लेकर इसे सबसे सुरक्षित और लक्ज़री को ध्यान में रखकर बनाया गया था. 1915 से लेकर 1916 तक इसका यूज एक हॉस्पिटल शिप के जैसे किया गया था . 21 नवंबर 1916 के सुबह ये Naval Mine के धमाके से हिल गयी थी और 55 मिनट के बाद समुद्र में पूरी तरह डूब गयी थीं जिसमे 30 लोग मारें गए थे .जिस समय शिप में विस्फोट हुआ उस समय उसमे 1065 लोग सवार थे जिसमे से 1035 लोग लाइफ बोट के जरिये बचा लिए गए थे.

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