Last Updated on 07/08/2023 by Sarvan Kumar
जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पॉलिसी को सरेंडर करने पर काटी गई धनराशि विशिष्ट पॉलिसी के नियमों और शर्तों, पॉलिसी के सक्रिय रहने की अवधि और पॉलिसी के सरेंडर मूल्य (surrender value) के आधार पर भिन्न हो सकती है। जब आप एलआईसी पॉलिसी को उसकी परिपक्वता तिथि से पहले सरेंडर करते हैं, तो आपको प्राप्त होने वाली राशि को सरेंडर वैल्यू कहा जाता है। विभिन्न शुल्कों और कटौतियों के कारण सरेंडर मूल्य आम तौर पर आपके द्वारा भुगतान किए गए कुल प्रीमियम से कम होता है। समर्पण मूल्य पर लागू होने वाली कुछ सामान्य कटौतियाँ शामिल हैं, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
1. सरेंडर शुल्क (Surrender Charges):
अधिकांश पॉलिसियों में लॉक-इन अवधि होती है, जिसके दौरान पॉलिसी सरेंडर करने पर सरेंडर शुल्क लगता है। ये शुल्क आमतौर पर भुगतान किए गए प्रीमियम का एक प्रतिशत होता है और पॉलिसी परिपक्व होने के साथ-साथ घटता जाता है।
2. पॉलिसी प्रशासन शुल्क (Policy Administration Charges):
ये पॉलिसी के प्रबंधन से संबंधित प्रशासनिक खर्चों के लिए बीमा कंपनी द्वारा काटे गए शुल्क हैं।
3. मृत्यु शुल्क (Mortality Charges):
ये शुल्क जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने की लागत से जुड़े होते हैं और बीमाधारक की उम्र और अन्य कारकों पर निर्भर करते हैं।
4. सेवा कर/जीएसटी (Service Tax/GST):
लागू करों को समर्पण मूल्य से काटा जा सकता है।
5. अन्य शुल्क (Other Charges):
कुछ पॉलिसियों में अन्य विविध शुल्क हो सकते हैं जिनमें कटौती की जा सकती है।
सरेंडर मूल्य और आपकी पॉलिसी पर लागू विशिष्ट कटौतियों के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए पॉलिसी दस्तावेजों की समीक्षा करना या एलआईसी कार्यालय या अपने बीमा एजेंट से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, ध्यान रखें कि किसी पॉलिसी को उसकी परिपक्वता तिथि से पहले सरेंडर करना वित्तीय रूप से सबसे विवेकपूर्ण निर्णय नहीं हो सकता है, क्योंकि आप समय के साथ मिलने वाले संभावित रिटर्न और अन्य लाभों से वंचित हो सकते हैं।
