‘बनारस’ नाम सुनते ही मां गंगा के किनारे घाटों का कई चित्र दिमाग में उभर आता है। जैसे बनारस को घाटों की बिना कल्पना नहीं की जा सकती, वैसे ही घाटों के किनारे बंधी नाव के बिना घाटों का कल्पना नहीं कर सकते हैं। इन नावों से ही लोगों को एक तट से दूसरे तट […]