Last Updated on 04/07/2023 by Sarvan Kumar
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विविधताओं से भरा राज्य है. यहां विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग निवास करते हैं जिसमें राजपूत एक प्रमुख समुदाय है. राजपूतों का एक गौरवशाली इतिहास रहा है और उन्होंने इस क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसी क्रम में यहां हम जानेंगे कि यूपी में राजपूत कितने पर्सेंट हैं.
यूपी में राजपूत कितने पर्सेंट हैं?
राजपूत उत्तर प्रदेश में एक प्रभावशाली समुदाय हैं. वे क्षत्रिय (योद्धा) वर्ण से संबंधित हैं, जो पारंपरिक रूप से सामाजिक पदानुक्रम में शक्ति और अधिकार के पदों पर आसीन थे. राज्य में राजपूतों की एक समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि रही है, जिसमें कई रियासतें और राजवंश इस समुदाय से उत्पन्न हुए हैं. उनके ऐतिहासिक योगदान, वीरता, त्याग और बलिदान ने क्षेत्र की पहचान और इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
उत्तर प्रदेश में राजपूत समुदाय कई उपसमूहों में विभाजित है. उपसमूह के आगे, यह समुदाय विभिन्न कुलों या गोत्रों में विभाजित है, जो विभिन्न राजपूत शासकों या महान व्यक्तित्वों से अपने वंश का पता लगाते हैं. राजपूत समुदाय के भीतर प्रत्येक कबीले या उपखंड की अपनी अलग पहचान, रीति-रिवाज और परंपराएं हैं. उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख राजपूत वंशों में सिसोदिया, राठौड़, चौहान, बैस, तोमर, बुंदेला और कछवाहा शामिल हैं. ये उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में वितरित हैं, और इनकी उपस्थिति विभिन्न जिलों और शहरों में पाई जाती है.
उत्तर प्रदेश में राजपूत समुदाय राज्य में महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव रखता है. अपनी योद्धा विरासत और भूमि-स्वामित्व की स्थिति के लिए जाने जाने वाले राजपूतों ने ऐतिहासिक रूप से सत्ता और अधिकार के पदों पर अपना प्रभुत्व बनाए रखा है.
राजनीति में उनकी मजबूत उपस्थिति है, कई प्रमुख राजपूत नेता राजनीतिक दलों में प्रमुख पदों पर हैं, इनमें से कई उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रियों के रूप में कार्यरत हैं.
आइए अब इस लेख के मुख्य विषय पर आते हैं और जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में राजपूत कितने पर्सेंट हैं.
प्रतिष्ठित अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द हिंदू’ के अनुसार उत्तर प्रदेश में राजपूत समुदाय की जनसंख्या 8% है. बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में राजपूत समुदाय की आबादी करीब 8% बताई गई है.
References:
•Hebbar, Nistula (3 May 2019). “BJP striving to please Rajputs and Brahmins”. The Hindu. ISSN 0971-751X. Retrieved 3 June 2019.
•https://www.bbc.com/hindi/india/2016/06/160622_rajput_voter_up_badri_narayan_tk
