Ranjeet Bhartiya 23/02/2019

कटिहार जिला भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. बिहार के उत्तर-पूर्व में स्थित यह जिला पूर्णिया प्रमंडल के अंतर्गत आता है.

गठन
कटिहार पहले पूर्णिया जिले का हिस्सा हुआ करता था. 2 अक्टूबर 1973 को इसे पूर्णिया जिले से विभाजित करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

कटिहार जिले की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3056 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री (चौहद्दी)
ये जिला पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित है.
उत्तर और पश्चिम मेंपूर्णिया जिला (बिहार)
दक्षिण में- भागलपुर जिला (बिहार ) और साहिबगंज जिला (झारखंड)
पूरब में- मालदा जिला और उत्तर दिनाजपुर जिला (पश्चिम बंगाल)

प्रमुख नदियां
गंगा, कोशी, महानंदा और रिगा.

अर्थव्यवस्था- कृषि और उत्पाद

कृषि
कटिहार जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं – मक्का, गेहूं, केला, धान, जूट, मखाना और दलहन.जिले में सब्जियों का भी अच्छा उत्पादन होता है. जिले में उगाए जाने वाली प्रमुख सब्जियां हैं- आलू, प्याज और फूल गोभी.

उद्योग
जिले में कृषि पर आधारित उद्योग हैं. यहां पर 2 जूट मिल और दो आटा मिल हैं. यह क्षेत्र चावल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है. यहां पर मखाने का व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है. जिले में कपास की साड़ी का काम भी होता है. यहां पर बनाई गई साड़ियों को आसपास के जिलों के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश में भी सप्लाई किया जाता है. जिले की अर्थव्यवस्था में फार्मासिटिकल व्यवसाय का भी अहम रोल है.

कटिहार जिला का प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल : पूर्णिया
प्रशासनिक सुविधा के लिए  जिले को 3 अनुमंडलों और 16 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: कटिहार जिले को 3 अनुमंडलों में बांटा गया है- कटिहार, बारसोई और मनिहारी.

प्रखंड:  जिले को 16 प्रखंडों में बांटा गया है.
कटिहार अनुमंडल के अंतर्गत कुल 10 प्रखंड हैं: कटिहार, डंडखोरा, हसनगंज, कोढा, समेली, फलका, कुर्सेला, बरारी, मनसाही और प्राणपुर.

बरसाई अनुमंडल के अंतर्गत कुल 4 प्रखंड है: बारसोई, बलरामपुर, आजमनगर और कदवा.

मनिहारी अनुमंडल के अंतर्गत कुल 2 प्रखंड हैं: मनिहारी और अमदाबाद.

शहरी निकाय : 3
कुल नगर पंचायत की संख्या : 2
कुल नगर निगम की संख्या : 1

ग्राम पंचायतों की संख्या : 238
गांवों की संख्या : 1547

निर्वाचन क्षेत्र
इस जिले के अंतर्गत एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं.

लोकसभा
इस जिले के अंतर्गत एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र आता है-कटिहार .

विधानसभा
कटिहार जिले के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी और बरारी.

कटिहार जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

अधिकारीक जनगणना 2011 के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 30.71 लाख
पुरुष : 16 लाख
महिला : 14.70लाख

जनसंख्या वृद्धि दर (दशकीय): 28.35%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1005
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 2.95%
लिंग अनुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 919

औसत साक्षरता : 52.24%
पुरुष साक्षरता : 59.36%
महिला साक्षरता : 44.39%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 8.92%
ग्रामीण जनसंख्या : 91.08%

धर्म

अधिकारीक जनगणना 2011 के अनुसार ,कटिहार एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 54.85% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 44.47% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.28%, सिख 0.09%, बौद्ध 0.01% और जैन 0.02% हैं.

कटिहार जिला के  पर्यटन स्थल

कटिहार का अतीत समृद्ध और गौरवशाली है. यहां पर कई ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल हैं.

मनिहारी
यह स्थान कटिहार के दक्षिण 25 किलोमीटर दूरी पर मनिहारी तहसील में स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण यहां आए थे और उन्होंने मनिहारी में अपना मणि खो दिया था. इसी कारण इस जगह का नाम मनिहारी पड़ा.

बड़ी दुर्गा मंदिर
माता दुर्गा का यह प्रसिद्ध मंदिर बारसोई बाजार में स्थित है. माता के इस मंदिर में लोगों का अटूट विश्वास है. ऐसी मान्यता है कि माता के इस मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. शारदीय नवरात्र के दौरान यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं. इस मंदिर का निर्माण लगभग लगभग सवा सौ साल पहले इबारसोई के जमींदार अनंत लाल शाह ने करवाया था.

गोरखनाथ मंदिर
कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड में स्थित यह भगवान शिव का प्रसिद्ध ऐतिहासिक धाम है जो गोरखनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है. बैजनाथ धाम की तरह ही गोरखनाथ धाम में, सावन के महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालु मनिहारी गंगा घाट से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.

गुरु तेग बहादुर गुरुद्वारा
यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा कटिहार जिले के बरारी प्रखंड के लक्ष्मीपुर पंचायत में स्थित है. यह जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर है. 1670 ईसवी में यहां पर सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर साहेब असम से पटना वापस जाने के क्रम में रुके थे. लक्ष्मीपुर में प्रत्येक साल गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस कब मनाया जाता है.

गांधी घर

सन 1934 में भूकंप के दौरान महात्मा गांधी भूकंप पीड़ितों की सहायता के लिए कुर्सेला आए थे उनकी याद को जिंदा रखने के लिए यहां सर्वोदय आश्रम गांधी घर बनाया गया है.

पीर मजार
जीतन शाह का दो प्रसिद्ध मजार मनिहारी प्रखंड में स्थित है. यह मजार सांप्रदायिक एकता का प्रतीक है. यहां पर मुस्लिमों के अलावा दूसरे धर्मों के श्रद्धालु भी भारी संख्या में आते हैं

गोगाबिल झील

गोगाबिल झील कटिहार जिले के मनिहारी अनुमंडल के अमदाबाद ब्लॉक में स्थित है. यह एक प्रसिद्ध पक्षी अभयारण्य है. यहां पर विभिन्न प्रकार के पक्षियों के प्रजातियों को देखा जा सकता है. नवंबर से फरवरी के महीने में यहां पर रूस से पक्षी प्रवास करने आते हैं.

कटिहार कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
इस जिला  का कोई अपना हवाई अड्डा नहीं है.निकटतम हवाई अड्डा: बागडोगरा हवाई अड्डा (IXB)  जिला मुख्यालय से 151 किलोमीटर दूरी पर पश्चिम बंगाल में स्थित है.दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: पटना एयरपोर्ट (PAT), कटिहार से 238 किलोमीटर दूरी पर, पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
ये जिला  रेल मार्ग से देश के विभिन्न जगहों से जुड़ा हुआ है.
नजदीकी रेलवे स्टेशन: कटिहार जंक्शन (KIR).

सड़क मार्ग
कटिहार नेशनल हाईवे 31 से जुड़ा हुआ है. सड़क मार्ग से इस जिले के लिए नियमित बसों की सुविधा उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

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