एक समय था,जब बाॅलीवुड में सनातन संकृतियों से जुड़ी फिल्मे और संगीत  काफी बना करती थी। इसी में एक नाम गुलशन कुमार का  आता है। हिन्दू पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्में और गाने बनाना, जैसे उनके Production house का प्राथमिकता बन गया था।  फिल्मों और गानों के माध्यम से सनातन संस्कृति घर-घर तक पहुंचने मे सफल हुई। अब ऐसा लगता है जैसे उनके गुजरने के बाद बाॅलीवुड को हिंदुत्व से मोह ही भंग हो गया है।

हम इसे अनदेखा नही कर सकते कि भारत में हिंदुत्व के खिलाफ साजिशें रची जा रही है। चाहे वह धर्म परिवर्तन का मामला हो, लव जिहाद का मामला हो, यह सारे हथकंडे हिंदुत्व के खिलाफ ही रची जा रही है। इसी कड़ी में मुस्लिम तुष्टीकरण का मामला भी आता है।क्या एक लोकतंत्र का यही मतलब होना चाहिए कि लोकतंत्र आने से पहले जिस राष्ट्र का धर्म मूल रूप से और बहुसंख्यक हिन्दू रहा हो, उसको अनदेखा कर अल्पंख्यक धर्म को उससे अधिक तवज्जो दिया जाए देना। मुझे नही लगता,लोकतंत्र का यह मतलब होता है।

खैर लोकतंत्र की आड़ में बहुत राजनीतिक पार्टियों का दुकान चल रहा है।यह दुकान इसलिए चल पा रहा है क्योंकि लोकतंत्र का अर्थ, आजादी के 70 साल बाद भी घर-घर तक नही पहुंचा है।खैर, राजनीति अपनी जगह है लोग जागरूक होते जाएंगे ,राजनीति से स्वतः गंदगी हटती जाएगी।

वैसे हमारा विषय एक फिल्म के इर्द-गिर्द घूम रही है जो सितंबर में  सलमान खान के Production house के अंदर रीलीज होने वाली है। हम सबने देखा है,जब-जब फिल्मों के नाम पर विवाद शुरू हुआ है,बाॅलीवुड को इसकी किमत चुकानी पड़ी है। सभी जानते हैं सलमान खान एक मशहूर अभिनेता हैं। क्या इनको शोभा देता है कि एक फिल्म का नाम ” लवरात्रि ” रखें ?

हम इसपर इसलिए बात कर रहे हैं, क्योंकि इस पर बवाल  शूरू हो गया है और Jankari today देश की जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाना चाहता है।

हिन्दू संगठनो का आरोप है कि फिल्म का नाम ‘ लवरात्रि ‘ सनातन त्योहार नवरात्री से प्रेरित होकर रखा गया है। साथ हीं संगठनो का यह भी आरोप है कि नवरात्री देवी मां का प्रसंग है, वहीं लवरात्रि एक प्रेम प्रसंग को दर्शाता है। फिल्म का नाम हिन्दू त्योहार के मायने को खराब कर रहा है।

अब यह तो सच है कि लवरात्रि शब्द हिन्दू त्योहारों से मेल खाता है।शिवरात्री,नवरात्री त्योहार हिन्दूओं के लिए पवित्र पवित्र त्योहार है और इन त्योहारों से गहरी भावना जुड़ी है। मुझे नही लगता कि वो कभी चाहेंगे कि सनातन त्योहारों पर किसी का कोई गलत असर पड़े।

हिन्दू संगठनो ने फिल्म के विषय पर आपत्ति नही बल्कि शीर्षक पर आपत्ति जतायी है। विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के द्वारी बनायी गयी,”हिन्दू ही आगे” संगठन के आगरा प्रमुख गोविंद पाराशर ने सीधा बोल दिया है-जो सलमान खान को पिटेगा, उसे 2 लाख रूपए का ईनाम दिया जाएगा।

इससे पहले पद्मावत फिल्म विवाद में फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली को थपप्पड़ मारा गया था। गोरक्षा इंटरनेशनल फाउंडेशन के महामंत्री ज्योर्तिनाथ महाराज से जब एक पत्रकार ने यह पूछा कि जब फिल्म रिलीज होगी तो क्या आप इसे बड़ौदा में रीलीज होने देगें, तब महाराज ने जवाब दिया-अरे बड़ौदा ही नही पूरी इंडिया में रीलीज नही होने देंगे।

अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ज्यों-ज्यों रीलीज की तारीख नजदीक आती जाएगी माहौल गरम होता जाएगा।

हमे लगता है, फिल्म समाज का आईना होता है। इसमे से कुछ भी गलत चीज reflect नही होनी चाहिए। पहली बात तो यह कि फिल्म का नाम लवरात्रि रखा गया है,जो सनातन त्योहार से प्रेरित है और ऊपर से फिल्म के पोस्टर मे डांडिया का सीन दिखाया गया है,जो सीधा  गुजरात मे होने वाली नवरात्रि को दर्शाता है। डांडिया नृत्य नवरात्रि के दौरान किया जाता है और यह नृत्य मां दुर्गा के सम्मान मे किया जाता है।दूसरी बात हिन्दू धर्म, प्रेम प्रसंग को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना,अव्यवहारिक मानता है। फिल्म और भी विवादों मे घिर सकती है,यदि फिल्म का विषय भी शीर्षक लवरात्रि जैसा हिंदुत्व को आघात पहुंचाएगा। मतलब फिल्म का विषय यदि नवरात्रि के दौरान हुई प्रेम प्रसंग पर आधारित होगा,तो सीधी सी बात है  भले ही सलमान खान हिन्दू धर्म को dilute करने की कोशिश नही कर रहे हों, मगर इसका conclusion यही निकलेगा। अब आगे देखने वाली बात यह है कि हिन्दू कितने जागरूक होते हैं और यदि हिन्दू जागरूक होते हैं, तो क्या सलमान खान फिल्म का नाम बदलेंगे।

 

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