Ranjeet Bhartiya 26/02/2020

उत्तर पूर्वी दिल्ली जल रही है। रविवार से शुरू हुई हिंसा आज बुधवार तक भी थमने का नाम नहीं ले रहा। तीन दिन( रविवार, सोमवार, मंगलवार) के ब्यापक पत्थरबाजी, आगजनी ,और हिंसा के बाद आज कुछ सामान्य हालात दिख रहे हैं। हिंसाग्रसत इलाकों में भारी पूलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। NSA अजित डोभाल ने भी मंगलवार रात हिंसा ग्रस्त इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। आइये जानते हैं हिंसा प्रभावित कौन -कौन से इलाके हैं और इस दंगे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार हैं?

हिंसाग्रसत इलाकें

उतर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा और आगजनी की गई है। वो इलाकें जो दंगे से ज्यादा प्रभावित हैं उनकें नाम है मौजपुर, यमुना विहार ,चांद बाग़, खजूरी खास, भजनपुरा, करावल नगर गोकुलपुरी, कबीर नगर ,बाबरपुर, कर्दमपुरी , जाफराबाद , ब्रह्मपुरी, गोरख पार्क और छज्जूपुर। अगर जनसंख्या की बात करें तो अधिकारीक जनसंख्या गणना 2011 के अनुसार 22.4 लाख हैं जिनमें हिन्दू आबादी 68.22% हैं और मुस्लिम आबादी लगभग 30 % है।

क्यों भड़की  दिल्ली में दंगा

उतर पूर्वी दिल्ली में दंगा क्यों भड़की इसका कोई सप्षट कारण पता नहीं चल पाया है लेकिन सूत्रों के अनुसार CAA समर्थक और विरोधियों के बीच हुई झड़प के बाद ये शुरू हुई। शनिवार रात (22 फरवरी) से ही स्थिति तनावपूर्ण होने लगी थी जब CAA  के विरोध में जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के बाहर लोग धरने पर बैठ गए थे। इनमें महिलाओं और बच्चों की भी काफी संख्या थी। आम जनता में इस बात को लेकर काफी रोष था वे दुसरे शाहीन बाग के झेलने के स्थिति में नहीं थे। इन इलाकों मे CAA समर्थकों का जमावड़ा होना शुरू हो गया। दंगे की शुरुआत समर्थकों और विरोधीयों के बीच छोटी झड़प से हुई जो बाद में पत्थरबाजी ,आगजनी और हिंसा में बदल गई।

राजनितिक दलों और नेताओं की क्या है प्रतिकिया?

 नरेन्द्र मोदी ने दंगे पर क्या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारतीय दौरे पर थे। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दौरे में ब्यस्त थे। ट्रम्प के स्वदेश लौट जाने के बाद प्रधानमंत्री का ट्वीट आया, उन्होंने कहा-

“शांति और सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर काम कर रही है . शांति और सद्भाव हमारे मुख्य संस्कार हैं. मैं दिल्ली के अपने बहनों और भाइयों से अपील करना चाहता हूं कि शांति और भाईचारा हमेशा बनाए रखें. अभी सबसे महत्वपूर्ण यह है कि शांति और सामान्य स्थिति जल्द से जल्द बहाल की जाए”

कांग्रेस ने दंगे पर क्या कहा

कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस स्थिति का जिम्मेदार गृहमंत्री को ठहरा दिया और उनसे इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार से पांच सवाल पूछे हैं

1. पिछले रविवार से होम मिनिस्टर अमित शाह कहां थे और उन्होंने दंगा रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
2. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या कर रहे थे?
3. जिन जिन इलाकों में दंगे हो रहे हैं वहां कितनी फोर्स भेजी गई?
4. पैरामिलिट्री फोर्स बुलाने में इतनी देरी क्यों हुई?
5. दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद खुफिया विभाग को क्या इनपुट थे?

अरविंद केजरीवाल ने दंगे पर क्या कहा

दिल्ली के कुछ हिस्सों में शांति और सद्भाव बिगड़ने की परेशान कर देने वाली खबर आ रही है. मैं एलजी एन माननीय केंद्रीय गृह मंत्री से कानून और व्यवस्था को बहाल करने का आग्रह करता हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शांति और सद्भाव बना रहे. मैंने अभी LG साहिब से बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि और पुलिस फ़ोर्स भेजी जा रही है। किसी के भी द्वारा हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेरी सभी लोगों से विनती है कि कृपया शांति बनाए रखें। हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलेगा। पुलिस हेड कोंस्टेबल की मौत बेहद दुःखदायी है। वो भी हम सब में से एक थे। कृपया हिंसा त्याग दीजिए। इस से किसी का फ़ायदा नहीं। शांति से ही सभी समस्याओं का हल निकलेगा दिल्ली में हम सभी को मिल कर फिर से शांति बहाल करनी है। सरकार की तरफ़ से हम हर कदम उठा रहे हैं।

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