Sarvan Kumar 30/04/2018
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 13/04/2020 by Sarvan Kumar

बेल एक लाभकारी फल है. बेल के हर हिस्से का इस्तेमाल सेहत बनाने और सौंदर्य निखारने के लिए किया जा सकता है. बेल के पत्ते और इसकी जड़ें भी इस्तेमाल में लाए जाते हैं. बेल का फल बाहर से बेहद कठोर होता है लेकिन अंदर का हिस्सा मुलायम, गूदेदार और बीजों से युक्त होता है. बेल काफी समय तक नही खराब होने वाला फल है. पेड़ से टूटने के कई दिनों बाद भी इसका प्रयोग किया जा सकता है. बेल में प्रोटीन, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. बेल गर्मियों का फल है, गर्मी के मौसम में इसका सेवन जरूर करें, बेलपत्र से ठीक करें गैस और कब्ज की समस्या. बेल के रस पीने के 11 फायदे.

बेल के रस पीने के 11 फायदे:

1.तपती धूप से राहत

जब भी लोगों को तपती धूप और उसके साथ चलने वाली गर्म हवा बीमार कर जाती है तब बेलपत्र खाया जाता है या फिर इसका जूस पिया जाता है. जब गर्मी की वजह से नाक से खून निकलता है तब भी इस फल को दवाई के रूप में खिलाया जाता है.

2.गैस, कब्ज की समस्या में राहत

बेलपत्र पेट दर्द, गैस, कब्ज, दस्त और डायरिया जैसी परेशानियों में आराम दिलाता है. अगर आपको ऐसी परेशानी हो तो हफ्ते में 2 से 3 बेलपत्र जरूर खाएं. इसे बड़े ही नहीं बच्चों को भी दिया जा सकता है. नियमित रूप से बेल का रस पीने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या में आराम मिलता है.

3. दस्त और डायरिया की समस्या में लाभकारी

आयुर्वेद में बेल के रस को दस्त और डायरिया में बहुत फायदेमंद माना गया है. आप चाहें तो इसे गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर पी सकते हैं.

4. कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करता है बेल

बेल का रस कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में सहायक होता है.

5. बेलपत्र  बवासीर

बेलपत्र बवासीर की परेशानी में भी राहत देने का काम करता है. जिसको भी यह परेशानी हो वो बेलपत्र का गूदा खाएं या फिर जूस जरूर पिएं. इससे दर्द धीरे-धीरे कम होकर आराम पड़ेगा.

6. बेलपत्र

बेल के रस में कुछ मात्रा गुनगुने पानी की मिला लें. इसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद डालें. इस पेय के नियमित सेवन से खून साफ हो जाता है.

7. मुंह के छाले

मुंह के छाले हो जाएं तो खाना खाने में काफी परेशानी होती है. मुंह के छाले हो जाने पर मसालेदार या चटपटा खाना तो बंद ही हो जाता है, इसी के साथ ठंडा-गर्म भी काफी दर्द देता है. इस परेशानी को खत्म करने के लिए बेलपत्र को रोज़ाना खाएं.

8.शरीर को ठंडक देने का काम करता है

बेल के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है. गर्मी में बेल आपको लू से बचाने में मददगार होता है वहीं शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है.

9. ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ाता है बेल

नई मांओं के लिए बेल का रस पीना बहुत फायदेमंद होता है. यह मां के स्वास्थ्य को बेहतर करने में तो सहायक है ही साथ ही ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को भी बढ़ाता है.

10. दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक

बेल के रस में कुछ बूंदें घी की मिलाकर नियमित पीने से सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है.

11. कैंसर से बचाव के लिए

नियमित रूप से बेल का रस पीने से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना काफी कम हो जाती है.

 

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