Ranjeet Bhartiya 19/08/2022
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Last Updated on 19/08/2022 by Sarvan Kumar

अग्रवाल समुदाय की गिनती देश के समृद्धतम समुदायों में की जाती है. अग्रवाल सबसे प्रभावशाली और समृद्ध समुदायों में से एक हैं. इस समाज के लोग हर काम में हमेशा अग्रणी रहे हैं. उद्योग-व्यापार, प्रशासनिक सेवाओं, सामाजिक और धार्मिक कार्यों के माध्यम से देश के निर्माण में इस समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. विशेष रुप से उद्योग-व्यापार के क्षेत्र में इस समुदाय का वर्चस्व रहा है. इस समुदाय के लोग सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं तथा अपनी दानवीरता के लिए प्रसिद्ध है. समाज के द्वारा कई मंदिरों धर्मशाला और गौशालाओं का संचालन किया जाता है.आइए जानते हैं भारत में अग्रवाल समाज की जनसंख्या कितनी है?

भारत में अग्रवाल समाज की जनसंख्या कितनी है?

भारत में अग्रवाल समाज की जनसंख्या के बारे में अलग-अलग अनुमान लगाया जाते हैं तथा अलग-अलग दावे किए जाते हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं-

•NCBI (National Center for Biotechnology Information) एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जनगणना 1911 के अनुसार अग्रवाल समाज की जनसंख्या 2,718,390 थी. लगभग 100 वर्षों (यानी, चार पीढ़ियों) के बाद भारत में इस समुदाय की जनसंख्या 10-15 मिलियन (एक से डेढ़ करोड़) या उससे भी अधिक हो सकती है.

•अग्रवाल समाज के कुछ लोग इस बात का दावा करते हैं कि भारत की जनसंख्या में इस समाज की जनसंख्या का हिस्सा 1% से भी कम है.

•अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के दावे के अनुसार देशभर में अग्रवाल समाज की जनसंख्या 10 करोड़ से अधिक है.

•अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय महामंत्री गोपाल शरण गर्ग का दावा है कि भारत की सवा सौ करोड़ जनसंख्या में कुल 30 करोड़ व्यापारी वर्ग है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत व्यापारी वैश्य अग्रवाल समाज के है.यानी कि इस दावे के अनुसार भारत में अग्रवाल वैश्य समाज की जनसंख्या देश के कुल आबादी की 21-22 प्रतिशत है.

•राष्ट्रीय वैश्य परिषद के महासचिव अर्जुन के दावे के अनुसार पूरे देश में वैश्य अग्रवाल समाज की जनसंख्या 25 प्रतिशत है.

निष्कर्ष:
यहां पर यह बता देना जरूरी है कि प्रत्येक 10 वर्षों में एक बार की जाने वाली जनगणना में अग्रवाल समाज की संख्या के बारे में अलग से आंकड़े इकट्ठे नहीं किए जाते हैं. भारत में 1931 में आखिरी बार जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी हुए थे. यही कारण है कि अग्रवाल समाज की वास्तविक जनसंख्या की सही तस्वीर हमारे सामने नहीं आ पाती. देश में लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग की जा रही है. जातीय जनगणना से हीं हमें अग्रवाल समुदाय की जनसंख्या के बारे में प्रामाणिक आंकड़े मिल सकते हैं. इसीलिए इंतजार कीजिए जातीय जनगणना का!


References;
•https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3490109/

•https://www.patrika.com/chennai-news/agarwal-community-7560676/

•https://www.jagran.com/haryana/bahadurgarh-9859071.html

•https://www.bhaskar.com/news/-PNK-MAT-latest-pinjore-news-022002-1992017-NOR.html

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