Ranjeet Bhartiya 20/08/2022
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 20/08/2022 by Sarvan Kumar

आपने संविधान शब्द जरूर सुना होगा. जैसे कि भारत का संविधान. लेकिन क्या आप ने कभी “अग्रवाल समाज के संविधान” के बारे में सुना हैं? संविधान का सीधा अर्थ है मौलिक नियम और सिद्धांत या नियमों का संग्रह या मूल सिद्धांतों का एक समुच्चय ‌जिससे कोई राज्य या संगठन अभिशासित होते हैं. आमतौर पर, संविधान किसी संस्था को संचालित करने के लिए बनाया गया एक लिखित दस्तावेज होता है. यह संविधान ही तय करता है कि किसी राज्य या संस्था की मूल संरचना क्या होगी, इसके क्या-क्या कार्य होंगे तथा इसे कैसे शासित किया जाना है. जब भारत आजाद हुआ तो देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता पड़ी. संविधान की रचना के लिए संविधान सभा का गठन किया गया‌ जिसमें देश के नामी-गिरामी लोग, स्वतंत्रता सेनानी और बुद्धिजीवी शामिल थे. इसी तरह से, अग्रवाल समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए इस समुदाय के विभिन्न संगठनों द्वारा अग्रवाल समाज का संविधान बनाया गया है. इसके लिए आमतौर पर एक कमेटी बनाई जाती है, समाज के लोगों और प्रबुद्ध वर्ग का सुझाव लिया जाता है तथा समाज के लोगों की भावनाओं का भी ख्याल रखा जाता है. जरूरत पड़ने पर कई बार इसमें संशोधन भी किया जाता है. तो आइए विस्तार से जानते हैं अग्रवाल समाज के संविधान के बारे में.

अग्रवाल समाज के संविधान

वर्तमान में अग्रवाल समुदाय के कई सामाजिक संगठन अग्रवाल समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं, जैसे कि अग्रवाल सभा ट्रस्ट (Agrawal Sabha Trust) और श्री अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति (इंदौर) (Shri Agrawal Samaj kendriya samiti, Indore), आदि. इन सभी संगठनों का अपना -अपना संविधान है. लेकिन आमतौर पर अग्रवाल समाज के संविधान में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जाता है-
(1) मुख्य उद्देश्य, (2) सहायक उद्देश्य, (3) सदस्यता के लिए योग्यता, (5) सदस्यता के लिए नियम, (6) सदस्यों के अधिकार और कर्तव्य, (7) संगठन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के लिए योग्यता, नियम, अधिकार और कर्तव्य, (8) सलाहकार समिति आदि के लिए योग्यता, नियम, अधिकार और कर्तव्य, (9) चुनाव प्रक्रिया और मतदान मतदान आदि के नियम, (10) सदस्यता शुल्क, (11) सदस्यता समाप्ति, (12) साधारण सभा के नियम और कर्तव्य, और (13) दान और सहयोग राशि का विवरण, आदि.

अग्रवाल सभा ट्रस्ट का संविधान

“अग्रवाल सभा ट्रस्ट” के संविधान की बात करें तो इस संस्थान के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं-
•प्रत्येक वर्ष अग्रवाल समाज के पितृ पुरुष मूल पुरुष महाराज श्री अग्रसेन जी की जयंती का पालन करना तथा उनके आदर्शों और मूल्यों का प्रचार प्रसार करना.
•श्री अग्रसेन भवन, श्री हरी भवन, श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री वृंदावन सत्संग हॉल ‌शादी का सुचारू रूप से संचालन करना.
•सभा की स्वामित्व वाली संस्थाओं और उपसंस्थाओं का सुचारु रुप से संचालन करना.
•श्री अग्रसेन सहायता कोष का सुचारू रूप से संचालन करना.
•समाज की आवश्यकतानुसार, नए चल-अचल संपत्ति का निर्माण करना, किराया लेना तथा सामाजिक संपत्तियों की मरम्मत, देखरेख और पुनर्निर्माण करना.
•समाज के बुजुर्गों, विधवाओं, अपंग-असहाय लोगों तथा जरूरतमंदों की मदद करना.
•शिक्षा तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अग्रवाल समाज के प्रतिभावान लोगों को सम्मानित करना.
•समाज के निम्न वर्ग के उत्थान के लिए प्रयास करना.
•स्कूल, हॉस्टल, अनाथालय, वृद्धाश्रम, पुस्तकालय, गौशाला, कोचिंग, ट्रेनिंग सेंटर, कंप्यूटर क्लासेस आदि को स्थापित करना और संचालन करना.
•समाज में जागरूकता फैलाने के लिए साहित्य पत्रिका आदि का मुद्रण और प्रकाशन करना.
•समाज के लोगों के आग्रह पर पारिवारिक और सामाजिक मतभेदों का शांतिपूर्ण निपटारा करना.

श्री अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति इंदौर का संविधान

श्री अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति इंदौर का संविधान कुछ इस प्रकार है-
•महाराज अग्रसेन के सिद्धांतों आदर्शों मूल्यों का प्रचार प्रसार करना तथा अग्रवाल समाज के लोगों और आम जनता को श्रेष्ठ जीवन यापन की ओर अग्रसर करना.
•समाज में भाईचारा प्रेम और सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से गोष्ठी, जलसों आदि का आयोजन करना.
•समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वासों को दूर करने का प्रयास करना.
•समाज की प्रतिभाओं एवं सामाजिक उत्थान में योगदान करने वाले व्यक्तियों का सम्मान करना.
•महिलाओं, बालिकाओं और युवतियों के विकास के लिए कार्य करना.

बता दें कि देश की आजादी में अग्रवाल समाज का अहम योगदान रहा है. अग्रवाल समाज से आने वाले लाला लाजपत राय ने स्वतंत्रता संग्राम में सबसे पहली लाठी खाई थी. आजादी के बाद, देश के विकास और उत्थान में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इस समाज के लोगों ने अपने मेहनत, सूझबूझ और व्यावसायिक कौशल के दम पर देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम किया है. देश के विकास और समाज के उत्थान में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है. अग्रवाल समाज के लोग हमेशा सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहे हैं. जरूरतमंदों की सेवा और सहायता करने में इस समाज के लोग सबसे आगे रहते हैं.


References;

•http://www.astkbj.org/

•http://www.indoreagarwalsamaj.org/constitutions.php

•https://www.bhaskar.com/news/HAR-OTH-MAT-latest-nising-news-032502-130458-NOR.html

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