Ranjeet Bhartiya 18/03/2022
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Last Updated on 18/03/2022 by Sarvan Kumar

Featued image: Chote Miyan Facebook page छोटे मियां (Chote Miyan) के नाम से मशहूर अरुण कुशवाहा (Arun Kushwah) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. अपने शानदार कॉमिक टाइमिंग, सटीक कंटेंट चयन, प्रभावशाली अभिनय और लाजवाब सेंस ऑफ ह्यूमर से उन्होंने लाखों-करोड़ों लोगों को हंसाया है और उनके दिलों में जगह बनाया है. फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर इनके लाखों फॉलोअर्स हैं. आए दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनका वीडियो वायरल होते रहता है जो उनकी लोकप्रियता की गवाही देता है. अब अरुण फिल्मों में भी काम करने लगे हैं. इन्होंने बड़े-बड़े फिल्मी सितारों के साथ स्क्रीन शेयर किया है. आज भले ही अरुण कामयाबी के मुकाम पर हों, लेकिन क्या आप जानते हैं कभी इन्होंने मोबाइल और लैपटॉप पर छोटे-मोटे वीडियो बनाने से शुरुआत की थी. कम हाइट होने के कारण लोग इनका मजाक उड़ाया करते थे. आइए जानते हैं कॉमेडियन, अभिनेता, यूट्यूब स्टार, राइटर और डांस कोरियोग्राफर अरुण कुशवाहा ‘छोटे मियां’ के जीवन की पूरी कहानी-

अरुण कुशवाहा उर्फ छोटे मियां बायोग्राफी

अरुण कुशवाहा का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक मध्यम वर्गीय कुशवाहा परिवार में हुआ था. इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनकी जन्मतिथि 29 नवंबर 1990 है. इनके परिवार में माता-पिता के अलावे, एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन हैं. परिवार में सबसे छोटा होने के कारण इन्हें लाड़ प्यार से पाला गया. घर में इन्हें श्यामू के नाम से पुकारा जाता है. बचपन से ही अरुण को कंप्यूटर से लगाव था. इन्हें वीडियो एडिटिंग का शौक था. यह किसी के जन्मदिन पर फोटो संकलन करके वीडियो बना दिया करते थे, जिसे लोग काफी पसंद किया करते थे. बचपन से ही यह एक्टिंग और डांस के भी शौकीन थे.

छोटे मियां की शिक्षा/ Arun Kushwaha education

इनकी स्कूली शिक्षा इनके होमटाउन में हीं हुई. यहीं से इन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की. 12वीं पास करने के बाद उन्होंने ग्वालियर में ही बीसीए (BCA) में एडमिशन लिया. लेकिन भाग्य इनके लिए कुछ अलग प्लान बना रहा था.

जेएनयू में पढ़ाई करना बना जीवन का टर्निंग प्वाइंट

अभी अरुण ने बीसीए की पढ़ाई शुरू ही की थी कि उनके एक मित्र ने उन्हें दिल्ली में स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के बारे में बताया. उन्हें बताया गया कि जेएनयू एक वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी है, प्रवेश परीक्षा (entrance exam) कठिन होने के कारण यहां सभी का एडमिशन भी नहीं हो पाता, साथ में इसकी फ़ीस भी कम है. इन सब बातों से अरुण काफी प्रभावित हुए और उन्होंने जेएनयू एंट्रेंस एग्जाम देने का फैसला किया, जहां उनका रशियन भाषा में स्नातक कोर्स के लिए चयन हो गया. फिर अरुण अपने होम टाउन से दिल्ली शिफ्ट हो गए. दिल्ली जैसा बड़ा शहर, जेएनयू का अनुकूल और सकारात्मक माहौल ने उनको ना केवल अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका दिया बल्कि उनके सपनों को पंख देने का काम भी किया.

बैंक पीओ एग्जाम में हुए फेल

अरुण के अनुसार, रशियन भाषा में ग्रेजुएशन करना उनके लिए कठिन था. इसीलिए उन्होंने आगे रशियन भाषा से MA करने का विचार त्याग दिया. ग्रेजुएशन करने के बाद अरुण ग्वालियर लौट गए. जैसा कि भारत के आम मध्यमवर्गीय परिवारों में सरकारी नौकरी के लिए क्रेज होता है, उनके साथ भी ऐसा ही हुआ. अरुण ने सोचा क्यों ना सरकारी नौकरी की तैयारी की जाए. उन्होंने घर पर रहकर 6 महीने तक सरकारी नौकरी की तैयारी की. एसबीआई बैंक पीओ का एग्जाम दिया, लेकिन फेल हो गए. इस असफलता से उन्होंने महसूस किया कि वह एक औसत स्टूडेंट ही हैं.

विप्रो में नौकरी

बैंक पीओ एग्जाम में असफलता के बाद अरुण के जीवन में कन्फ्यूजन का एक दौर शुरू हो गया. मानों जिंदगी थम सी गई हो. वह डायरेक्शन में जाना चाहते थे, लेकिन कोई रास्ता सूझ नहीं रहा था. फिर उन्होंने सोचा कि किसी भी तरह से एक जॉब ले लेता हूं, ताकि कुछ पैसा मिले जिससे लैपटॉप और कैमरा जैसे उपकरण खरीद सकें. उन्होंने नए सिरे से रशियन लैंग्वेज पर काम करना शुरू किया. भाग्य ने भी अरुण का साथ दिया. नौकरी विप्रो में लग गई और वह मुंबई शिफ्ट हो गए.पहली सैलरी से मिले पैसे से उन्होंने लैपटॉप खरीदा, वह भी एप्पल का. एप्पल के लैपटॉप खरीदने की वजह यह थी कि वह ज्यादातर यूट्यूबर को एप्पल के लैपटॉप पर ही वीडियो एडिट करते हुए देखते थे. दूसरी वजह थी-“कभी समझौता नहीं करने वाला रवैया”. इसीलिए उन्होंने पहले ही सोच लिया था, अगर लैपटॉप आएगा तो एप्पल का हीं! BBC को दिए एक इंटरव्यू में अरुण ने बताया कि उन पर परिवार को पैसे देने देने की दबाव या जिम्मेदारी नहीं थी. उनकी फैमिली काफी सपोर्टिव रही है. परिवार वालों ने उनसे कहा कि जो मन है करो और जीवन में तरक्की करो. दूसरे मंथ की सैलरी से उन्होंने DSLR कैमरा खरीदा और वीडियो बनाना शुरू किया. शुरुआत में अरुण lipsing वीडियो बनाया करते थे. लेकिन उन वीडियो में वह कुछ अलग करने का कोशिश करते थे, जिससे लोगों का मनोरंजन हो सके और उन्हें हंसा सकें. जब अरुण ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो डालना शुरू किया तो उनके फॉलोअर्स बढ़ने लगे. लोग कमेंट करके उनकी हौसला अफजाई करने लगे. इससे और उनके मन में और विश्वास जागा और उन्हें लगा कि वह भी अभिनय कर सकते हैं.

TVF ने अरुण को दिया जरूरी प्लेटफॉर्म दिया

अरुण को तलाश थी एक ऐसे मंच और मौके की जहां वह अपनी प्रतिभा को दुनिया को दिखा सकें. यह प्लेटफार्म उन्हें शीघ्र ही TVF के रूप में मिला. दरअसल, अरुण का एक दोस्त The Viral Fever में काम करता था. उन्होंने उससे बात किया और कहा कि अगर TVF में वैकेंसी हो तो वह उनके लिए बात करें. TVF वालों को अरुण का वीडियो और कांसेप्ट काफी पसंद आया. इस तरह से ही अरुण TVF के लिए काम करने लगे. अपने प्रतिभा और मेहनत के दम पर उन्होंने बेहद कम समय में नाम, पैसा और शोहरत कमा कर लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए.

जुनून बना सफलता का राज

अरुण ने विप्रो में लगभग ढाई साल तक काम किया. ऑफिस की भागदौड़, काम का प्रेशर होने के बावजूद भी उन्होंने वीडियो बनाना जारी रखा. उस वक्त अरुण दूसरे लोगों के साथ फ्लैट शेयर किया करते थे. ऐसे में स्पेस के अभाव में उनके लिए वीडियो बनाना उनके लिए आसान नहीं होता था. जब उनके फ्लैटमेट सो जाते थे, तब वह किचन में जाकर वीडियो बनाया करते थे. उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी लेकिन उन्हें “यूट्यूब मोनेटाइजेशन’ के बारे में भी नहीं पता था. वह केवल अपने वीडियो के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करना चाहते थे और उन्हें हंसाना चाहते थे. यही जुनून उनके लिए सफलता की सीढ़ी बनाता चला गया.

कम कद होने के कारण लोग उड़ाया करते थे मजाक

दुनिया को सफलता नजर आता है, लेकिन लोग उस सफलता को प्राप्त करने के लिए संघर्ष को नजरअंदाज कर देते हैं. भले ही अरुण आज सफलता के शिखर पर हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें संघर्ष के कठिन दौर से गुजरना पड़ा है. कम हाइट कम होने के कारण लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाया करते थे और तंग किया करते थे. उन्हें परेशान करने वालों में पढ़े लिखे लोग भी शामिल थे. इससे उनका विश्वास डगमगा जाता था और वह डिप्रैस से हो जाते थे. इन सब बाधाओं को पार करने में अरुण का सरल-सहज व्यक्तित्व और पॉजिटिव एटीट्यूड बहुत काम आया. वह लोगों को माफ कर दिया करते थे और अपने धुन में लगे रहते थे. अपने व्यक्तित्व के अनुसार उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल का नाम भी ‘छोटे मियां’ रख लिया.

सफलता के बाद गिरगिट की तरह बदलने लगे लोग

दुनिया उगते हुए सूरज को सलाम करती है. ऐसा ही अरुण के साथ भी हुआ. जब वह सफल और लोकप्रिय हो गए तो वैसे लोग भी जो कभी उनका मजाक उड़ाया करते थे, उनके करीब आने की कोशिश करने लगे.

Arun Kushwaha movies

अरुण कुशवाहा ने कई फिल्मों में भी अभिनय किया है. जिसमें प्रमुख है- Chopsticks, पढ़ ले बसंती, लुका छुपी (2019) और दसवीं (2022). अभी तक वह विक्रम गोखले, कार्तिक आर्यन और अभिषेक बच्चन जैसे बड़े बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर कर चुके हैं. आज अरुण लाखों-करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं.

1 thought on “अरुण कुशवाहा बायोग्राफी, छोटे मियां की सफलता की प्रेरणादायक कहानी

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