Ranjeet Bhartiya 26/03/2020

वैश्विक महामारी कोरोना को रोकने के लिए देशभर में लॉक डाउन लागू करने के बाद दैनिक मजदूरों के सामने रोजी रोटी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. यातायात सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग जहां हैं वहीं फंस गए हैं.

ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ से सामने आ रहा है  जहां बिहार के कुछ दैनिक मजदूर फंस गए हैं. जिनके पास खाने पीने के लिए कुछ नहीं है और वह केवल पानी पीकर अपना दिन गुजार रहे हैं. मामला प्रकाश में आने के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पंजाब के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था की जाए.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से आग्रह किया है कि बिहार के पश्चिम चंपारण के करीब 250 दैनिक मजदूर (फार्म हाउस नं0- 518,चंडीगढ रोड, खरड़, जिला- मोहाली)में फंसे हुए है. दुरभाष पर पता चला कि ये लोग राशन के अभाव मे 2 दिन से सिर्फ पानी पीकर गुजारा कर रहे है. विनम्र आग्रह है कृपया इनके खाने की व्यवस्था व मदद की जाए.

जानकारी के मुताबिक कोरोना महामारी के चलते देश में लॉक डाउन लागू किए जाने के कारण रोज कमा कर खाने वाले लोगों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है. झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले ये लोग मजदूरी करके अपना पेट पालते थे. लेकिन अब काम बंद हो जाने के कारण दिहाड़ी मजदूरों के के पास ना खाने-पीने की चीज है, ना वापस घर लौटने का साधन. ऊपर से मकान मालिक किराया देने का दबाव बना रहे हैं. ट्रेन और बसों के बंद होने के अपने घर से दूर बाहर है ही फंस गए हैं. ऐसे में यह लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ पलायन करने को मजबूर हो रहे. कोई दिल्ली से पैदल ही इटावा जा रहा है तो कोई जयपुर से बिहार पैदल जा रहा है . जयपुर से बिहार की दूरी 1100 किलोमीटर से ज्यादा है. ऐसे में यह मजबूर लोग कितने दिनों में घर पहुंच पाएंगे यह बताना कठिन है. अगर इन्हें तुरंत सहायता नहीं पहुंचाई गई तो हालात बहुत खराब हो सकते हैं.

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