Sarvan Kumar 14/09/2020

दिल्ली में हुए दंगे के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली दंगे के मामले में दिल्ली पुलिस की क्रिमिनल ब्रांच ने 2 सितंबर को खालिद से कुछ घंटे तक पूछताछ की थी. दिल्ली दंगे से जुड़े एक अन्य मामले में पुलिस ने उमर खालिद को गैर कानूनी गतिविधि निषेध कानून (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था. उमर खालिद का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया था.

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थकों और विरोधियों के बीच इस साल फरवरी में दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए थे. दिल्ली दंगों के मामले में हाल ही में दिल्ली पुलिस ने बड़े-बड़े नेताओं और बुद्धिजीवियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल किया है जिसमें सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी, स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर और एक्टिविस्ट अपूर्वानंद तक के नाम शामिल हैं.

जानकारी के मुताबिक, उमर खालिद को पूछताछ के लिए रविवार को दिल्ली के लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के ऑफिस में बुलाया गया था. उमर खालिद दोपहर 1:00 बजे पहुंचे थे, जहां लंबी पूछताछ के बाद उन्हें शाम को गिरफ्तार कर लिया गया. दिल्ली पुलिस सोमवार को उन्हें न्यायालय के सामने पेश करेगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि उमर खालिद के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. उमर खालिद ने दानिश नाम के एक व्यक्ति और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर दिल्ली दंगों की साजिश रची थी. FIR के अनुसार, उमर खालिद ने दो अलग-अलग स्थानों पर भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दिल्ली की सड़कों को ब्लॉक किया जाए ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम किया जा सके.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद और दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन के खिलाफ पिछले महीने चार्जशीट दाखिल किया था. इस चार्जशीट में भी कहा गया है कि दिल्ली दंगे से पहले 8 जनवरी को ताहिर हुसैन ने उमर खालिद और ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ के खालिद सैफी से मुलाकात किया था. इस मुलाकात में उमर खालिद ने ताहिर को कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के वक्त कुछ बड़ा दंगों के लिए तैयार रहें. वह और विवादित कट्टरपंथी इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के लोग ताहिर हुसैन को इसके लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराएंगे.

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