Sarvan Kumar 01/08/2020
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Last Updated on 01/08/2020 by Sarvan Kumar

बिहार में बाढ़ से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. बाढ़ के कारण प्रदेश में अब तक 13 लोगों की जान चली गई है. बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को उत्तरी बिहार में 10 तथा भागलपुर में 3 लोगों की जान गई है. जानकारी के मुताबिक, बाढ़ के पानी में डूबने से पश्चिम चंपारण में तीन, पूर्वी चंपारण में दो, मधुबनी में एक, सीतामढ़ी में दो, समस्तीपुर में दो, भागलपुर में एक और कटिहार में 2 लोगों की जान गई है. समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड के अंगार घाट थाने स्थित मुरियारो गांव निवासी नीरज कुमार, हसनपुर थाने के धबोलिया गांव के रहने वाले रामबाबू यादव, मधेपुरा के पुरैनी गांव में एक किशोर, कटिहार के प्राणपुर गांव में कपड़ा साफ करने के दौरान मां-बेटी तथा कटिहार के कदवा थाना क्षेत्र में एक बच्चे की बाढ़ में डूबने से मौत हो गई है.

अब तक 50 लाख प्रभावित,14 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

सरकारी बुलेटिन के मुताबिक अब तक रहा है 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. 14 जिलों में बाढ़ के कारण जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज, सिवान, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, खगड़िया, समस्तीपुर, किशनगंज, सुपौल और शिवहर में बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रकोप है.

बिहार में कई नदियां उफान पर हैं

नेपाल से आने वाली कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रही है जिसके कारण उत्तरी बिहार के कई जिले बाढ़ के चपेट में आ चुके है. डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के मुताबिक, शुक्रवार तक लगभग 45 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. 14 जिलों के 1012 पंचायत अब तक बाढ़ के चपेट में आ चुके हैं. अब तक 376 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है. वहीं, 26,732 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1153 कम्युनिटी किचन सेंटर संचालित करके 7.71 लाख बाढ़ पीड़ितों को खाना पहुंचाया जा रहा है.

रेल परिवहन अस्त-व्यस्त

बाढ़ के कारण रेल परिवहन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और ट्रेनों का परिचालन बाधित है. लगातार हो रही बारिश तथा रेल पूलों के नजदीक जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर हो जाने के कारण पूर्व-मध्य रेलवे ने समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर कई रूट में बदलाव किए हैं. स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बंद भी कर दिया गया है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर सभी ट्रेनें नियमित रूप से चलेंगी.

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य रेलमार्ग पर समस्तीपुर-मुक्तापुर के बीच रेलपुल संख्या एक के नजदीक बाढ़ का पानी खतरे के निशान से 2.15 मीटर तथा हायाघाटा-थलवारा के बीच रेलपुल संख्या 16 एवं 17 के निकट जलस्तर खतरे के निशान से क्रमशः 1.6 तथा 0.87 मीटर ऊपर आ चुका है. बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर कई ट्रेन स्थगित की गई है.

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