Sarvan Kumar 03/10/2020
मां के बिना जिंदगी वीरान होती है, तन्हा सफर में हर राह सुनसान होती है, जिंदगी में मां का होना जरूरी है, मां की दुआ से ही हर मुश्किल आसान होती है. Happy Mothers Day 2022 Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 03/10/2020 by Sarvan Kumar

हाथरस कांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है, जिसमें हाथरस के एसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर भी शामिल है. थाने में तैनात सभी पुलिसकर्मियों का नारको पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि चंदपा थाने में तैनात पुलिसकर्मियों, वादी प्रतिवादी पीड़िता के परिवार के सदस्यों का भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके.

प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौजूदा एसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सस्पेंड होने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम हैं- एसपी विक्रांत वीर, सीओ राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा और सब इंस्पेक्टर जगबीर सिंह. इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही और शिथिल पर्यवेक्षण का आरोप लगाया गया है.

वहीं, गैंगरेप पीड़िता के परिवार को धमकाने के आरोप में जिला अधिकारी प्रवीण कुमार पर भी कार्यवाही की जा सकती है. फिलहाल उनका नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं है. आरोप है कि डीएम प्रवीण कुमार ने पीड़िता के परिवार को धमकी देते हुए कहा था कि मीडिया वाले तो चले जाएंगे लेकिन प्रशासन को यहीं रहना है. पीड़िता के परिवार का कहना है कि उनको डरा-धमका के केस को रफा-दफा करने का दबाव डाला जा रहा है.

योगी सरकार द्वारा किए गए इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने कहा है कि कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा? किसके आर्डर पर हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार को भीषण कष्ट दिया गया? हाथरस के जिला अधिकारी और एसपी के फोन रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने चाहिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदारी से बचने की कोशिश ना करनी चाहिए देश सब देख रहा है योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा देना चाहिए.

हाथरस सामूहिक बलात्कार प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने कहा है कि इस मामले में पुलिस द्वारा की गई ‘संदिग्ध कार्रवाई’ के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है. ऋषिकेश एम्स में कोरोना संक्रमण की इलाज करा रही उमा भारती ने कहा है कि अगर वह स्वस्थ होती तो खुद पीड़िता के परिवार से मिलने जाती. उन्होंने कहा है कि हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद वह निश्चित रूप से परिवार से मिलने जाएंगी. उन्होंने योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि मीडिया कर्मियों तथा नेताओं को पीड़िता के परिवार से मिलने दिया जाए.

Advertisement
Disclaimer: Is content में दी गई जानकारी Internet sources, Digital News papers, Books और विभिन्न धर्म ग्रंथो के आधार पर ली गई है. Content  को अपने बुद्धी विवेक से समझे। jankaritoday.com, content में लिखी सत्यता को प्रमाणित नही करता। अगर आपको कोई आपत्ति है तो हमें लिखें , ताकि हम सुधार कर सके। हमारा Mail ID है jankaritoday@gmail.com. अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो कमेंट करें, लाइक करें और शेयर करें। धन्यवाद

Leave a Reply