Last Updated on 13/03/2023 by Sarvan Kumar
कायस्थ भारत में रहने वाली एक जाति है जो अपनी बुद्धिमत्ता, शैक्षिक योग्यता और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती है. स्वतंत्रता आंदोलन में इस समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपूर्ण योगदान था. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी इसी जाति से आते थे. आजादी के बाद इस समुदाय के लोगों ने देश के विकास और आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. आइए इसी क्रम में जानते हैं भारत में कायस्थों की जनसंख्या के बारे में.
कायस्थों की जनसंख्या
भारत में इस समुदाय की उपस्थिति प्राचीन काल से रही है. कायस्थ शब्द का सबसे पहला ज्ञात संदर्भ कुषाण साम्राज्य में मिलता है, जब यह एक लेखक या मुंशी के लिए एक सामान्य नाम के रूप में विकसित हुआ. समय के साथ, इस समुदाय के लोगों ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली और रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाते हुए कई ऐसे व्यवसायों में शामिल हो गए हैं जिसमें उच्च स्तर की साक्षरता और बौद्धिक क्षमता की आवश्यकता होती है. वर्तमान समय में कायस्थ समुदाय की गिनती देश के सबसे शिक्षित समुदायों में होती है. वर्तमान में कायस्थ समुदाय अनेक उप समूहों में विभाजित है और भारत के कई राज्यों में इनकी व्यापक उपस्थिति है जैसे कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र आदि. आमतौर पर यह समझा जाता है कि इस समुदाय की आबादी देश में कम है. लेकिन कम आबादी होने के बावजूद इस समुदाय के लोग विभिन्न क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान देकर समाज में अपना प्रभाव बनाए रखने में कामयाब रहे हैं. आइए अब इस लेख के मूल प्रश्न पर आते हैं और जानते हैं कि भारत में कायस्थों की जनसंख्या कितनी है. भारत में कायस्थों की जनसंख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. अलग-अलग स्रोत इस समुदाय की अलग-अलग आबादी बताते हैं। भारत में कायस्थों की जनसंख्या के सम्बन्ध में निम्नलिखित बातों का उल्लेख मिलता है-
•इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार कायस्थ भारत के सामाजिक समूहों में से एक है. इनकी आबादी करीब 50-70 लाख है.
•joshuaproject.net के अनुसार, भारत में कायस्थों की जनसंख्या 70- 80 लाख है.
• प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक जागरण में प्रकाशित एक रिपोर्ट में, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक प्रदीप माथुर के मुताबिक देश में कायस्थों की जनसंख्या करीब 10 करोड़ है.
