Sarvan Kumar 31/07/2018

असम NRC का विरोध करने वालों पर भड़के कुमार विश्वास, कहा- देश धर्मशाला नहीं , वोटबैंक की राजनीति बंद करें नेता असम में। भारत के असली नागरिकों की पहचान के लिए कराई गई नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन (एनआरसी) के दूसरी ड्राफ्ट पर घमासान जारी है. असम की जनसँख्या 3 .29 करोड़ है. ड्राफ्ट में 2 करोड़ 89 लाख लोगों को राज्य में भारतीय नगरिक माना गया है जबकि 40 लाख लोगों को भारत का नागरिक नहीं माना गया है और उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया माना गया है. हालाकिं सरकार का कहना है कि जिन लोगों का नाम इस लिस्ट में नहीं है उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए और मौके दिए जायेंगे.

देशहित के इस मुद्दे पर भी विपक्षी दलों ने बवाल करना शुरू कर दिया है. ममता बनर्जी का कहना है, ‘ऐसे लोग हैं जिनके पास आधार कार्ड और पासपोर्ट हैं फिर भी उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं. लोगों को सरनेम और मुस्लिम होने के आधार पर हटाया गया है. सरकार बंगाली बोलने वाले और बिहारियों को भी बाहर फेंक देना चाहती है. क्या सरकार बलपूर्वक लोगों को बेदखल करने की कोशिश कर रही है? सरकार साजिश के तहत लोगों को अलग कर रही और उन्हें अपने ही देश में शरणार्थी बना रही.

मायावती का कहना है है कि इतने लंबे समय से असम में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा लोगों को सरकार ने NRC के नाम पर अवैध अप्रवासी करार दे दिया है ये ठीक नहीं है.

कांग्रेस का कहना है कि सरकार इसमें अनियमितता कर रही और मुस्लिमों को निशाना बना रही.

देशहित के मुद्दे पर भी इस तरह कि राजनीति पर आम आदमी पार्टी के बागी नेता और कवि कुमार विश्वास ने कांग्रेस , मायावती , ममता बनर्जी और तमाम विपक्षी दलों पर हमला किया है.

कुमार विश्वास ने कहा है कि आंतरिक सुरक्षा के गंभीर संकट झेल रहे हमारे देश में केवल वोट-बैंक व तुष्टिकरण के लिए अवैध घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने वाले क्या सचमुच देश के प्रतिनिधि हैं ? इन सरकारों के रहते करोड़ों लोग देश में घुस कैसे गए ? भारतीय नागरिकता को स्वाभिमान रहने दीजिए, देश है धर्मशाला नहीं।

कुमार विश्वास ने असम NRC पर आगे कहा कि दूसरे देशों के वीज़ा भर लेने के लिए लपलपाकर लाइनों में लगने वाले इन लोगों को अपने देश की नागरिकता का ज़रा भी विशिष्टता-बोध नहीं है ? हद है ,इसमें क्या राजनीति ? जो अपने हों उन्हें गले लगाओ जो राज्य-केंद्र सरकारों की राजनैतिक-लिप्साओं और अकर्मण्यताओं के कारण घुस गए उन्हें विदा दो।

कुमार विश्वास ने विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि पक्ष-प्रतिपक्ष के नेता राष्ट्रीय सुरक्षा के इतने गंभीर मसले को वोटों के ध्रवुीकरण के लिए प्रयोग कर रहे हैं ! देश के नागरिक होने के गौरवबोध को अपनी पार्टियों के वोटबैंक जितना तुच्छ मत बनाओ भक्तो. पार्टियों के गणपति 5-10 साल में निकल लेंगे,देश था,है,रहेगा.

 

 

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