Last Updated on 20/02/2024 by Sarvan Kumar
भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। भारत के नागरिक अपनी पसंद का कोई भी धर्म चुन सकते हैं और उसका पालन कर सकते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में लालच देकर, जबरदस्ती या ब्लैकमेल करके धर्मांतरण के कई मामले सामने आने के बाद भारत के कई राज्यों में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं, जिसके तहत आरोपी को 3 से 10 साल तक की सजा प्रावधान है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है. भारत का संविधान देश के नागरिकों को स्वेच्छा से किसी भी धर्म को मानने और प्रचार करने की आजादी देता है। इसी क्रम में प्रयागराज से धर्म परिवर्तन का एक अनोखा मामला सामने आया है जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया है. मुस्लिम शख्स ने धर्म परिवर्तन करने की जो वजह बताई वह भी बेहद दिलचस्प है. आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला प्रयागराज के घूरपुर इलाके के सारंगापुर गांव का है, जहां मुस्लिम युवक सलीम अंसारी ने अपनी मर्जी से इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. अब वह सलीम अंसारी से वेदव्रत शुक्ला बन गये हैं. सलीम बचपन से ही अपनी मां से बहुत प्यार करते थे. जब सलीम छोटे थे तो उनके पिता वाजिद अली अक्सर सलीम के सामने अपनी पत्नी को पीटते और प्रताड़ित करते थे. सलीम अपने पिता द्वारा अपनी मां पर किये गये अत्याचार और क्रूरता से बहुत दुखी थे. सलीम फिलहाल 25 साल के हैं और उनके पिता का भी 10 साल पहले निधन हो गया था. लेकिन फिर भी वह अपने पिता द्वारा अपनी मां पर किये गये अत्याचारों को नहीं भूल सके हैं.
सलीम ने बताया है कि जब वह बहुत छोटे थे तो अपनी मां पर होने वाले जुल्मों सितम को रोक नहीं पाते थे. ऐसे में जब उनके पिता उनकी मां के साथ जब मारपीट करते थे तो पड़ोस में रहने वाले हिंदू परिवार के लोग उनकी मां को बचाते थे. ये बात सलीम को बहुत अच्छी लगने लगी और उन्हें हिन्दू धर्म अच्छा लगने लगा. सलीम को लगा कि हिन्दू धर्म में स्त्री के प्रति सम्मान, करुणा और दया की भावना है. इसीलिए उन्होंने मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया.
धर्म परिवर्तन के बाद सलीम ने कहा कि उनकी कई सालों से सनातन अपनाने की इच्छा थी. प्रयागराज के झूंसी में गंगा तट पर स्थित कैलाश धाम आश्रम में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में स्वामी कृष्णानंद की संस्था में पिछले तीस दिनों से 201 कुंडीय महायज्ञ चल रहा है. महायज्ञ के समापन से एक दिन पहले सलीम अंसारी ने सनातन धर्म अपना लिया है. युवक ने इसे घर वापसी बताते हुए कहा कि उसकी कई वर्षों की सनातन धर्म अपनाने की इच्छा पूरी हो गई है. सनातन धर्म के प्रति उनका लगाव लंबे समय से था. वह घर पर भगवान शिव की पूजा करते हैं। सलीम की मां ने कभी भी उनकी पूजा का विरोध नहीं किया है.
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