Sarvan Kumar 01/11/2018

अभिजीत भट्टाचार्य का संक्षिप्त जीवन परिचय: अभिजीत भट्टाचार्य बॉलीवुड के एक मशहूर सिंगर हैं. इनका जन्म 30 अक्टूबर 1958 को कानपुर में हुआ था. अभिजीत के पिता का नाम धीरेंद्रनाथ भट्टाचार्य था जो कि एक बिजनेसमैन थे. माता का नाम कमलादेवी भटाचार्य था.

चार भाई-बहनों में अभिजीत सबसे छोटे हैं. अभिजीत ने फैशन डिजाइनर सुमति भटाचार्य से 1990 में शादी की. उनके दो पुत्र हैं – ध्रुव अभिजीत भट्टाचार्य और जय अभिजीत भट्टाचार्य.

अभिजीत को पहला ब्रेक कब मिला

अभिजीत को पहला ब्रेक दिया था संगीतकार आर डी बर्मन ने. फिल्म थी आनंद और आनंद. इस फिल्म में उन्हें अपने आदर्श और उस्ताद किशोर कुमार के साथ काम करने का मौका मिला इस फिल्म में अभिजीत ने किशोर कुमार, आशा भोंसले और लता मंगेशकर के साथ गाना गाया. लेकिन यह फिल्म फ्लॉप रही और अभिजीत का करियर शुरू होने से पहले ही खत्म मान लिया गया. इसके बाद अब अभिजीत को 7 सालों तक संघर्ष करना पड़ा. 7 साल के बाद अभिजीत ने एक बार फिर से प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपना कम बैक किया . फिल्म थी ‘बागी’.

अभिजीत ने कई नॉन फिल्मी एल्बम बनाए. वॉइस ऑफ इंडिया, सा रे गा मा पा, सारेगामापा लिटिल चैंपियन जैसे कई रियलिटी शो के जज भी रहे.

मुंबई में पेट पालने के लिए करनी पड़ी छोटी -मोटी नौकरी

अभिजीत, क्राइस्ट चर्च कॉलेज से ग्रेजुएट (बीकॉम) करने के बाद प्ले बैक सिंगर बनने का सपना लिए 1981 में मुंबई आ गए.

कानपुर में स्टेज शो किया करते थे और स्टेज सिंगर के रूप में काफी पॉपुलर हो गए थे . उन्होंने प्लेबैक सिंगर बनने का फैसला किया. 1981 में संगीत के प्रति उनका जुनून उन्हें मुंबई खींच लाया.

अभिजीत मुंबई आ तो गए लेकिन यहां का जीवन आसान नहीं था.  उनका असली संघर्ष मुंबई आने पर शुरू हुआ. यह संघर्ष केवल काम पाने का नहीं था. यह संघर्ष भोजन , सर पर छत जैसे जरूरतों का भी था. मुंबई में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिजीत को क्लर्क जैसे छोटे-मोटे नौकरी भी करनी पड़ी.

कौन हैं अभिजीत के गॉडफादर?

मुंबई आ जाने के 2 साल बाद भी अभिजीत को कोई काम नहीं मिला. फिर 2 साल बाद एक दिन अभिजीत को एक फोन आया. यह फोन था बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर राहुल देव बर्मन का.

बात 1984 की है. देवानंद अपने बेटे को लॉन्च करने वाले थे. फिल्म का नाम था आनंद और आनंद. फिल्म में एक नए आवाज की जरूरत थी जिसके लिए आर डी बर्मन ने अभिजीत को कॉल किया था.

इसके लिए अभिजीत हमेशा आर डी बर्मन को अपना गॉडफादर मानते हैं.

ब्रेक मिला लेकिन फिर भी रहे गुमनाम!

इस तरह से एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर अभिजीत के बॉलीवुड करियर की शुरुआत हो गई. इस फिल्म में अभिजीत को 3 गाना गाने का मौका मिला वो भी अपने आदर्श किशोर कुमार, आशा भोसले और लता मंगेशकर के साथ.

फिल्म के गाने तो हिट हो गए लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली. इसके बाद अभिजीत को 7 सालों तक संघर्ष करना पड़ा.

वो 7 साल: शुरू हुआ मुंबई में संघर्ष

आनंद और आनंद से पहले आर डी बर्मन ने 1982 में अभिजीत को एक बंगाली फिल्म ‘अपरूपा’ में गाने का मौका दिया था.

1983 में अभिजीत ने फिल्म ‘मुझे इंसाफ चाहिए‘ के लिए गाना गाया था, जिसके संगीतकार थे लक्ष्मीकांत प्यारेलाल.

यह दोनों फिल्में ‘आनंद और आनंद’ से पहले रिलीज हुई थी. लेकिन अभिजीत को इन फिल्मों से कोई फायदा ना हुआ और वो अपनी कोई पहचान नहीं बना पाए.

1989 में अभिजीत ने ‘गूंज‘ फिल्म में भी गाना गाया था.

1991 में आनंद मिलिंद ने दिया बड़ा ब्रेक

अंततः 7 साल के लंबे इंतजार के बाद, 1991 में अभिजीत को फिर से गाने का मौका मिला. फिल्म थी बागी , म्यूजिक डायरेक्टर थे आनंद मिलिंद और इस फिल्म के हीरो थे सलमान खान.

बागी के बाद अभिजीत ने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा और अपने सुरीली आवाज और शानदार सिंगिंग के दम पर अभिजीत म्यूजिकल रॉक स्टार बन गए

1990 – 2000: अभिजीत बन गए बॉलीवुड के टॉप सिंगर

1990 से 2000 का दौर अभिजीत के लिए स्वर्णिम रहा. कुमार सानू और उदित नारायण के साथ वह बॉलीवुड के टॉप सिंगर बन गए.

वो पहला गाना जिसने अभिजीत को एक नई पहचान दी वो थी – एक चंचल शोख हसीना और हर कसम से बड़ी है कसम प्यार की (फिल्म बागी).
इसके बाद अभिजीत के हिट गानों का सिलसिला शुरू हो गया.

इसके बाद अभिजीत ने फिल्म खिलाड़ी, शोला और शबनम जैसे फिल्मों में अपनी गायकी का लोहा मनवाया.

1994 की फिल्म ये दिल्लगी (का गाना ओले ओले) , राजा बाबू , मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी ने उन्हें घर घर में पॉपुलर बना दिया.

1997 में यस बॉस के लिए अभिजीत को फिल्मफेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला.

फिल्म बादशाह, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे, धड़कन राज, तुम बिन, चलते चलते, मैं हूं ना -जैसी कई फिल्मों ने अभिजीत को बॉलीवुड में एक नया मुकाम दिया.

बड़े बड़े एक्टर्स सिंगर्स और म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ किया काम

1. एक्टर्स
अपने दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में अभिजीत ने जिन बड़े-बड़े बॉलीवुड सितारों को अपनी आवाज दीं उनमें से प्रमुख हैं- सुपरस्टार शाहरुख, खान सैफ अली, खान ,सलमान खान ,ऋतिक रोशन, अजय देवगन, अक्षय कुमार , संजय दत्त और रणबीर कपूर इत्यादि.

2. म्यूजिक डायरेक्टर
जिन प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ अभिजीत ने काम किया उनमें शामिल हैं- आर डी बर्मन, बप्पी लहरी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, अनु मलिक, जतिन ललित, नदीम श्रवण , ए आर रहमान आदेश और आनंद मिलिंद

3. सिंगर्स
जिन गायिकाओं के साथ अभिजीत ने गाया उनमें प्रमुख नाम है- लता मंगेशकर, आशा भोंसले , साधना सरगम अनुराधा पौडवाल , कविता कृष्णमूर्ति, चित्रा , सुनिधि चौहान, श्रेया घोषाल और आकृति कक्कर.

शाहरुख खान के करियर में अभिजीत के गानों का रहा है बहुत बड़ा योगदान-

अभिजीत ने शाहरुख खान के लिए जो पहला गाना गाया था ,वह था अंजाम फिल्म का गाना – बड़ी मुश्किल है. दर्शकों को शाहरुख की अदाकारी और अभिजीत की आवाज इतनी पसंद आई कि अभिजीत शाहरुख खान की आवाज बन गए.

शाहरुख खान के लिए अभिजीत ने जिन फिल्मों में अपनी आवाज दी उसमें प्रमुख हैं- यस बॉस, चलते-चलते, बादशाह, डुप्लीकेट, मैं हूं ना और ओम शांति ओम.

शाहरुख खान के फिल्मों में गाने से अभिजीत ने कर दिया इनकार!

अभिजीत मानते हैं कि किसी भी एक्टर को स्टार बनाने में गायकों की अहम भूमिका होती है . लेकिन जब मैं हूं ना और ओम शांति ओम में जब गायकों को क्रेडिट नहीं दिया गया अभिजीत खुद को अपमानित महसूस करने लगे और उन्होंने शाहरुख खान की फिल्मों में गाना बंद कर दिया.
अभिजीत ने अंतिम बार शाहरुख खान के लिए फिल्म बिल्लू बार्बर में 2009 में गाना गाया.

अभिजीत के करियर में रहा है म्यूजिक डायरेक्टर जतिन ललित का बड़ा योगदान-

अभिजीत के फिल्मी करियर में म्यूजिक डायरेक्टर जतिन-ललित का बहुत बड़ा योगदान रहा है.
अभिजीत की आवाज और जतिन ललित के संगीत ने एक से बढ़कर एक हिंदी फिल्मी गानों को दिया है.
जतिन ललित के संगीत निर्देशन में अभिजीत के कुछ प्रमुख गाने हैं-
1. खिलाड़ी फिल्म का गाना वादा रहा सनम
2. यह तेरी आंखें झुकी-झुकी (फिल्म फरेब)
3. मैं कोई ऐसा गीत गाऊं और चांद तारे तोड़ लाऊं (फिल्म -यस बॉस)
4. जरा सा झूम लूं मैं (फिल्म-दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे)
5. और क्या ( फिल्म – फिर भी दिल है हिंदुस्तानी)
6. तौबा तुम्हारे ये इशारे और सुनो ना (फिल्म- चलते चलते)

अभिजीत के बारे में कुछ रोचक जानकारी

1. स्टूडियो में सबसे लंबा गाना गाने और रिकॉर्डिंग करने का विश्व रिकॉर्ड अभिजीत के पास है. उन्होंने स्टूडियो में 18 मिनट का एक गाना रिकॉर्ड किया था.

2. जिस गायिका के साथ अभिजीत ने सबसे ज्यादा डिबेट गाया वो हैं- अलका याग्निक!

3. अभिजीत भट्टाचार्य ने 423 फिल्मों में 634 गाना गाया है.

4. अभिजीत ना केवल हिंदी में गाना गाया बल्कि वह 18 भाषाओं में गाना गा चुके हैं. जिसमें से प्रमुख हैं- बंगाली, उड़िया, भोजपुरी मराठी और गुजराती.

5. 1997 में अभिजीत ने फिल्म फेयर अवार्ड जीता.

आप भी Bollywood singer बनना चाहते है,और अभिजीत भट्टाचार्य का संक्षिप्त जीवन परिचय आपको प्रेेरणा देती है तो post को जरूर करे.

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