Last Updated on 26/06/2024 by Sarvan Kumar
सनातन धर्म को यूं ही महान नहीं कहा जाता है। इसकी महानता को आप इसी बात से समझ सकते हैं कि सनातन धर्म दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जिसका न तो कोई आरंभ है और न ही कोई अंत। हिंदुओं के लिए यह भी गर्व की बात है कि उन्होंने कभी किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति को लालच देकर या जबरदस्ती सनातन धर्म अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया। लेकिन आपको भारत के अतीत में ऐसे उदाहरण मिल जाएंगे जहां हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया, खासकर मुस्लिम शासकों के शासनकाल में। यही वजह है कि जो लोग अतीत में दबाव में आकर दूसरे पंथ या या मजहब में चले गए थे, वे अब धीरे-धीरे सनातन धर्म में वापस लौट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में देखने को मिला है जहां एक मुस्लिम परिवार ने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म त्याग कर ‘सनातन धर्म’ अपना लिया है।
आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लाम छोड़कर के सनातन धर्म अपनाने यह मामला सीतापुर जिले के बिसवां तहसील के रेउसा थाना क्षेत्र के रेउसा विकास खंड स्थित राजपुर क्योटाना का है। यहां के निवासी लाल मोहम्मद ने अपनी पत्नी गुलशन, बेटे समीर और शान मोहम्मद के साथ आधिकारिक तौर पर इस्लाम धर्म त्यागकर सनातन धर्म अपना लिया है।
लाल मोहम्मद ने बताया है कि वह गांव में होने वाली कथा, भागवत, कीर्तन में अपने परिवार के साथ जाता था। इसी दौरान हमारा रुझान सनातन धर्म की ओर हुआ। इसके बाद उसने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया। उसने आगे बताया कि जब हमारे समुदाय (मुस्लिम) को इस बात की जानकारी हुई तो सभी ने इसका विरोध किया और हमें धमकाया भी। हमारे घर को तारों से घेर दिया गया और हमें बंधक बना लिया गया। इस पर हमने रेउसा ब्लॉक के हिंदू संगठनों से संपर्क किया और पूरी कहानी बताई।
इसके बाद हिंदू संगठनों की मदद से लाल मोहम्मद अपने परिवार के साथ बिसवां तहसील गया और वहां उच्चाधिकारियों के सामने शपथ पत्र दिया और कागजी कार्रवाई करने के बाद उन्होंने इस्लाम धर्म त्याग कर सनातन धर्म अपना लिया। सनातन धर्म अपनाने के बाद लाल मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर रामलाल रख लिया है। उसकी पत्नी ने गुलशन से आरती देवी जबकि बेटे का नाम शान मोहम्मद से शशिकांत और जान मोहम्मद उर्फ समीर से लवकुश रख लिया है।
