Sarvan Kumar 14/11/2021

बिहार राज्य  कब बना: मुगलकालीन समय में बिहार एक अलग सूबा था। मुगल सत्ता समाप्ति के समय बंगाल के नवाबों के अधीन बिहार चला गया। 22 मार्च 1912 को बिहार को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर राज्य बनाया गया था। इसलिए राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाती है। 22 मार्च 1912 को ब्रिटिश इंडिया के गवर्नर लार्ड हार्डिंग्स ने सम्राट जार्ज पंचम के निर्देशानुसार बंगाल, बिहार, और उड़ीसा तथा असम प्रांत के गठन की अधिसूचना जारी की थी। 1 अप्रैल 1936 को उड़ीसा को बिहार से अलग कर  एक  नया राज्य बनाया गया। करीब 23 वर्षों तक उड़ीसा बिहार के साथ रहा। 26 जनवरी 1950 को बिहार को  पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। 1950 में उड़ीसा भारतीय राज्य बना और 2011 में इसका नाम बदलकर ओडिशा किया गया था। बिहार को बंगाल से अलग करने की मांग बहुत पहले ही शुरू हो गई थी। बिहार को अलग राज्य बनाने की मांग सबसे पहले 1868 में की गई थी।  ब्रिटिश सरकार बिहार को अलग राज्य बनाने को तैयार नहीं थी, पर नेताओं के संघर्ष और लोगों की मांग पर उसे मजबूरन  बिहार को अलग करना पड़ा।

बिहार बंधु पत्रिका ने 5 अप्रैल 1876 के अपने संस्करण में लिखा कि अगर बिहार, बंगाल के साथ ज्यादा दिनों तक रहा तो यह बिहार के लिए हितकर नहीं होगा। बिहार और बंगाल में भाषा, खानपान,  संस्कृति को लेकर काफी विविधता है। बंगाली बिहारियों को नीचा समझते हैं।  रेलवे आदि नौकरियों में बंगालियों के होने के कारण बिहार को पिछड़ेपन में धकेल दिया गया है। ब्रह्मदेव नारायण,  अली इमाम , हसन इमाम,
सच्चिदानंद सिंह,  दीपनारायण सिंह जैसे नेताओं के लंबे आंदोलनों के चलते ही बिहार अलग राज्य बन सका।

बिहार के निर्माण में बिहार टाइम्स की भी प्रमुख भूमिका रही है। 1906 में बिहार टाइम्स का नाम बदलकर बिहारी कर दिया गया। 1907 में महेश नारायण का निधन हो गया। सच्चिदानंद ने ब्रह्मदेव नारायण के सहयोग से पत्रिका का सम्पादन जारी रखा। पत्रिका का प्रकाशन 1894 में शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य भी बिहार को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करना था।

15 नवंबर, 2000 को बिहार का एक बार फिर से विभाजन हुआ, आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर झारखंड भारत का अठ्ठाइसवां राज्य बना। बिहार के दक्षिणी हिस्से को विभाजित कर झारखंड का सृजन किया गया।

बिहार राज्य की कितनी जनसंख्या है, कितने जिले हैं,  बिहार  की पूरी जानकारी यहां पढें।

बिहार के विकास में बाधा बनी , बिहार में भू- राजस्व व्यवस्था (19 वीं सदी के शुरुआत में)

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