Last Updated on 16/04/2023 by Sarvan Kumar
हिंदू धार्मिक शास्त्रों में वर्णित वर्ण व्यवस्था के अनुसार, समाज को चार समूहों में बांटा गया है- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र. वर्ण-व्यवस्था के तहत, प्रत्येक वर्ण के व्यवसाय और कार्य श्रम के विभाजन द्वारा निर्धारित किए गए हैं. ब्राह्मण पारंपरिक रूप से पुरोहिताई और शिक्षा से जुड़ा समुदाय है. वर्तमान में इसे वर्ण और जाति दोनों के रूप में मान्यता प्राप्त है. आइए इसी क्रम में जानते हैं कि किस राज्य में सबसे ज्यादा ब्राह्मण हैं.
सबसे ज्यादा ब्राह्मण किस राज्य में हैं?
भारत में ब्राह्मण व्यापक रूप से वितरित हैं. भारत के लगभग सभी राज्यों में इनकी उपस्थिति है. इस समुदाय में भाषा और क्षेत्र के आधार पर कई विभाजन हैं. उदाहरण के लिए बंगाली ब्राह्मण, कन्नड़ ब्राह्मण, कश्मीरी ब्राह्मण, पंजाबी ब्राह्मण, सौराष्ट्र ब्राह्मण और तमिल ब्राह्मण आदि. संख्यात्मक रूप से, इस समुदाय की जनसंख्या उत्तर-पूर्व के ईसाई बहुल राज्यों जैसे मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड में नगण्य है. असम, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में ब्राह्मणों की आबादी 1 से 4% के बीच है. उपरोक्त राज्यों की तुलना में, समुदाय की महाराष्ट्र, गुजरात और कई हिंदी भाषी राज्यों में मजबूत उपस्थिति है.
ब्राह्मणों की सबसे बड़ी आबादी वाले तीन राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश हैं. प्रतिशत की दृष्टि से भारत के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक ब्राह्मण उत्तराखण्ड में निवास करते हैं. राज्य में ब्राह्मणों की आबादी 25 से 28% के बीच है. वर्तमान में उत्तराखंड की कुल जनसंख्या लगभग 1.2 करोड़ है। इस तरह उत्तराखंड में ब्राह्मणों की आबादी करीब 30 से 33 लाख है. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है. वर्तमान में राज्य की अनुमानित जनसंख्या लगभग 25 करोड़ है. उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की जनसंख्या लगभग 12% है. यानी उत्तर प्रदेश में करीब 3 करोड़ ब्राह्मण रहते हैं. उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की संख्या सबसे अधिक है. इस प्रकार संख्या की दृष्टि से सर्वाधिक संख्या में ब्राह्मण उत्तर प्रदेश में हैं.
References:
•”Brahmins In India”. Outlook India. 4 June 2007. Archived from the original on 31 May 2014. Retrieved 21 June 2022.
